टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने रविवार को खेले गए पहले वन-डे मैच में श्रीलंका के खिलाफ मिली हार के लिए बल्लेबाजों को जिम्मेदार ठहराया है. भारतीय बल्लेबाज हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) स्टेडियम में खेले गए पहले मैच में श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने 112 रनों पर ही ढेर हो गए थे.
उसकी यह स्थिति और खराब हो सकती थी अगर महेंद्र सिंह धोनी 65 रनों की पारी न खेलते. मेजबान टीम के सिर्फ तीन बल्लेबाज ही दहाई के आंकड़े तक पहुंच सके. धोनी के अलावा कुलदीप यादव 19 और हार्दिक पंड्या 10 ही दहाई अंकों तक पहुंच सके.
बता दें भारत ने एक समय 29 रनों पर ही अपने सात विकेट खो दिए थे.
रोहित ने मैच के बाद कहा, 'दो मैच और बचे हैं, लेकिन हम आज स्तरीय नहीं खेले, स्कोरबोर्ड पर रन कम थे. हमारे गेंदबाज मैदान पर उतरे और वो किया जो वो कर सकते थे. हमारे पास अगर 70-80 रन और होते तो मैच हमारे हाथ में हो सकता था.'
रोहित ने अपनी टीम के बल्लेबाजों से इस खराब प्रदर्शन से सीखने को कहा.
उन्होंने कहा, 'हमारे लिए यह जरूरी है कि हम टीम के तौर पर इस तरह के हालात में अच्छा प्रदर्शन करें. हर दिन हमें सपाट विकेट नहीं मिलेंगे. आज हमारे लिए सीखने के लिए काफी कुछ था. आपको अपना खेल समझना होगा और हर बुरी स्थिति में बाहर आना होगा. आज का दिन हमारे लिए आंखें खोलने वाला था. अब हमें एक टीम के तौर पर अच्छा करने की जरूरत है.'
रोहित ने कहा, 'एक कप्तान के तौर पर पहला मैच हार कर अच्छा नहीं लगता. हार किसी को भी अच्छी नहीं लगती. हमें अगले दो मैचों में अच्छा करने की जरूरत है.'
रोहित ने टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी धोनी की तारीफ की. उन्होंने कहा, 'वह ऐसा कई वर्षो से करते आ रहे हैं और वह जानते हैं कि इस तरह की स्थितियों में क्या करना चाहिए. किसी ने उनका साथ दिया होता तो बड़ा अंतर पैदा कर सकता था. वह जिस तरह से खेले उसे देखकर मैं हैरान नहीं हूं.'


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