ऋषिकेश,15अप्रैल । एम्स निष्कासित कर्मचारी संघर्ष मोर्चे के बैनर तले पिछले 51दिनों से धरना दे रहे कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान एक व्यक्ति के एम्स की इमरजेंसी की छत पर चढ जाने के बाद एम्स सहित स्थानीय प्रशासन के हाथ पांव फूल गये। उल्लेखनीय है कि एम्स निष्कासित कर्मचारी मोर्चे के बैनर तले निष्कासित कर्मचारी पिछले 51 दिनों से क क्रमिक अनशन के साथ कुछ महिलाओं ने 25दिनों से आमरण अनशन धरना दे रहे हैं।लेकिन सोमवार की सुबह साढे सात बजे चोदह बीघा मुनि की रेती निवासी 60वर्षीय दाता राम मंमगाई पुत्र गोविंद राम ममगांई के इमरजेंसी की छत पर चढ जाने के परिणाम स्वरूप एम्स सहित स्थानीय प्रशासन के हाथ पांव फुल गये ।जिसके बाद भाजपा नेता भगत राम कोठारी के नेतृत्व मे निष्कासित कर्मचारियों का एक प्रतिनिधि मण्डल एम्स के उपनिदेशक अंशुमान से भी वार्ता हुई, जिन्हो ने बताया कि हमारे यहाँ 4776 वैैकेन्सी हैं, जिसकी पूर्ति के लिए निविदा निकाली गई है। जो योग्य है ।उन्हें रखाा भी गया है ।लेकिन कर्मचारी स्थाई नोकरी की मांग पर अडे रहे, जबकि एम्स प्रशासन दो माह की अस्थाई नोकरी देने की बात पर अडिग था ।जिसके बाद वार्ता विफल हो गई। वार्ता के दौरान प्रशासन की ओर से तहसीलदार रेखा आर्य, कोतवाली प्रभारी रितेश शाह, सहित भगत राम कोठारी, ,विकास रावत, दया राम, दीपक रमोला, अजीत गैरोला, अमित बलोनी, नवीन शर्मा, अरविंद हटवाल, विक्रम भण्डारी, आशुतोष डंगवाल , शिवानी ,ममता रानी, सरिता सोनिया, कंचन मनीषा, अंशुल अरोड़ा, आदि उपस्थित थे।
आज का आदित्य
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