जम्मू एंड कश्मीर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना को लेकर नई दिल्ली में बैठक हुई,जिसमें ऋषिकेश एम्स के अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में एम्स अवंतीपुरा के प्रथम फेज के मास्टर प्लान का अध्ययन किया गया, साथ ही डिजाइन व लेआउट पर अधिकारियों व विशेषज्ञों ने विस्तृत चर्चा की।                                                                                                                                                                                       गौरतलब है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित एम्स जम्मू एवं कश्मीर के निर्माण एवं निष्पादन के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी ऋषिकेश एम्स को सौंपी गई है। योजना के तहत पहले फेज में 750 बैड के अस्पताल के निर्माण का प्रावधान रखा गया है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि नई दिल्ली स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में एम्स अवंतीपुरा के मास्टर प्लान का विस्तृत अध्ययन व संस्थान की स्थापना को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। जिसके तहत खासतौर से अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, ओटी कॉम्पलेक्स की संरचना, मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग कॉलेज बिल्डिंग के डिजाइन, हाॅस्टल्स व फैकल्टी आवास के डिजाइन व ले-आउट पर चर्चा हुई। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि योजना में मरीजों के तीमारदारों के लिए रात्रि विश्राम गृह की स्थापना का प्रावधान भी रखा गया है। उन्होंने बताया कि योजना से जुड़े इंजीनियरों व आर्किटेक्ट्स से हास्पिटल की साइट के मद्देनजर बरसात व बर्फबारी के समय वि​भिन्न भवनों के ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर रखने को कहा गया है। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया कि इसके ​अलावा हास्पिटल में विभिन्न वार्डों व अन्य क्षेत्रों में जरुरत के हिसाब से एयर कंडिशनर की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई व एनआईसीयू,पीआईसीयू वार्ड, आर्थोपेडिक वार्ड आदि में एयरकंडिशनिंग की तकनीकि व्यवस्थाओं पर फाइनल निर्णय लिया गया। एम्स निदेशक ने बताया कि उक्त क्षेत्र में अत्यधिक ठंड के प्रकोप के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज, हास्पिटल व हॉस्टल्स के बीच ऐरो ब्रिज या सब-वे  बनाने का भी प्रावधान रखा गया है। योजना के नोडल अधिकारी डा. शैलेंद्र हांडू ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फेमिली वैलफेयर द्वारा ऋषिकेश एम्स संस्थान को एम्स विजयपुर जम्मू व अवंतीपुरा की स्थापना का जिम्मा सौंपा गया है,उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत की अध्यक्षता में अब तक छह बैठकें हो चुकी हैं। जिसमें ऋषिकेश एम्स के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय,सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व डिजाइन कंसल्टेंट ने प्रतिभाग किया और मास्टर प्लान पर चर्चा, प्लान में मौजूदा त्रुटियों में सुधार व नए सुझावों पर चर्चा के बाद योजना को अंतिमरूप दिया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में साइट विजिट कर लौटी टीम ने अपनी रिपोर्ट कमेटी के समक्ष प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि योजना को लेकर अगली बैठक अगस्त माह में प्रस्तावित है। इस अवसर पर संस्थान के एमएस डा. ब्रह्मप्रकाश, डीन प्रोफेसर मनोज गुप्ता, नोडल ऑफिसर डा. शैलेंद्र हांडू, एम्स दिल्ली के एमएस डा. डीके शर्मा, एमएस आरपी सेंटर डा. शक्ति गुप्ता, निदेशक कॉलेज  ऑफ प्लानिंग एंड आर्केटेक्चर डा. वीके पॉल आदि अधिकारी मौजूद थे।

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