देहरादून: उत्तराखंड के कॉलेजों एवं विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनावों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दून के चार बड़े महाविद्यालयों में करीब 25 हजार छात्र-छात्राओं ने स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध में दाखिले लिए हैं। एक ओर छात्र संगठनों ने कॉलेजों में अपने प्रत्याशी उतारने शुरू कर दिए हैं। दूसरी ओर चुनावों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यहीं नहीं एचएनबी गढ़वाल विवि की ओर से कुछ सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं, जिससे क्रेडिट पूरे न होने पर कई छात्र चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जा सकते हैं। इस तरह की तमाम अड़चनों से न केवल छात्र संगठन, बल्कि कॉलेज प्रबंधन भी उलझा हुआ है।
यदि सरकार नई सिफारिशों के अनुसार चुनाव करवाती है, तो छात्रसंघ चुनाव एक सप्ताह के भीतर संपन्न हो जाएंगे। ऐसे में वे छात्र चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, जिनके पिछली कक्षा में क्रेडिट पूरे नहीं हैं।
श्री गुरुराम राय पीजी कॉलेज में स्नातक पांचवें एवं छठे सेमेस्टर का अभी तक एचएनबी गढ़वाल विवि की ओर से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में उन छात्रों को दिक्कतें हो सकती हैं। श्री गुरुराम राय महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. बीए बौड़ाई ने बताया कि एचएनबी गढ़वाल विवि प्रशासन की ओर से छात्रसंघ चुनाव को लेकर अभी तक किसी भी प्रकार की गाइडलाइन नहीं मिली है।
उधर, आर्यन संगठन ने डीएवी कॉलेज से शूरवीर सिंह चौहान को महासचिव का दावेदार घोषित कर दिया है, जबकि एनएसयूआइ ने एसजीआरआर में अध्यक्ष पद पर गौरांगना छेत्री और उपाध्यक्ष पद के लिए आसिफ मलिक पर दांव खेला है। एक-दो दिन बाद डीएवी में सत्यम-शिवम, दिवाकर ग्रुप, एनएसयूआइ अपने प्रत्याशी घोषित करेगी।
घोषित नहीं हुए पूरे रिजल्ट
डीबीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके बियानी के मुताबिक डीबीएस कॉलेज में अभी तक बीए छठे सेमेस्टर एवं बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है। जिससे क्रेडिट पूरा नहीं करने वाले छात्र न अगली कक्षा में दाखिला ले सकते हैं और न ही छात्रसंघ चुनाव लड़ सकते हैं।
नियम-कानून की नहीं जानकारी
एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी के अनुसार अगस्त महीने का अंतिम सप्ताह शुरू होने को है, लेकिन अभी तक छात्रसंघ चुनावों के नियम-कानून क्या होंगे, इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री जल्द लिंगदोह सिफारिशों को छात्रों के सामने लाए ताकि चुनाव की तस्वीर साफ हो सके।
नियमों से छात्रों को कराया गया है अवगत
आर्यन ग्रुप के प्रदेश अध्यक्ष नरेश राणा के अनुसार प्रदेश सरकार अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि चुनाव किस व्यवस्था पर होंगे। पुलिस प्रशासन की ओर से डीएवी कॉलेज में छात्र संगठनों एवं कॉलेज प्रशासन के साथ बैठक हो चुकी है। जिसमें छात्रसंघ चुनावों में अपनाए जाने वाले नियम-कानूनों से छात्रों को अवगत करवा दिया गया है।
अभाविप से असंतुष्ट कार्यकताओं का हंगामा
ऋषिकेश में छात्रसंघ चुनाव के नजदीक आते ही महाविद्यालयों में छात्र राजनीति गरमाने लगी है। ऋषिकेश महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सभी पदों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। मगर, इसके साथ ही टिकट की दावेदारी कर रहे छात्रनेता संगठन से असंतुष्ट हो गए हैं।
ऐसे असंतुष्ट छात्र नेताओं ने संगठन पदाधिकारियों के समक्ष नारेबाजी व हंगामा कर विरोध जताया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ऋषिकेश महाविद्यालय के लिए छात्रसंघ प्रत्याशियों की घोषणा की।
इस बीच जब संगठन में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे विनायक शर्मा व उनके समर्थक भी वहां पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने प्रेस क्लब के बाहर अभाविप के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने समर्थकों को समझाने का प्रयास किया, मगर उन्होंने अभाविप के खिलाफ नारेबाजी और तेज कर दी। छात्र नेता विनायक शर्मा के समर्थकों का आरोप था कि संगठन पदाधिकारियों ने बिना सोच-विचार किए दूसरे प्रत्याशी को टिकट दिया है।
बहरहाल पुलिस के हस्तक्षेप के बाद विनायक शर्मा के समर्थक यहां से चले गए। उधर, प्रेस वार्ता में अभाविप के जिला प्रमुख अमित गांधी ने बताया कि विनायक शर्मा ने संगठन से अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी। मगर, संगठन की ओर से कराए गए सर्वे के बाद संगठन ने मोनू कुमार को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित किया है।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष विनायक शर्मा के बड़े भाई कार्तिक शर्मा को अभाविप ने सह सचिव प्रत्याशी बनाया था, मगर वह सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह विनायक शर्मा व उनके समर्थकों ने संगठन विरोधी नारेबाजी की, उसे देखते हुए वरिष्ठ पदाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद कार्तिक शर्मा व विनायक शर्मा को संगठन से निष्कासित कर दिया गया है।


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