उत्तराखंड में शीघ्र खुलेगा, जड़ी बूटी सेंटर
ऋषिकेश, 25 नवम्बर। भारत सरकार के केन्द्रीय आयुष मंत्री श्री पद यती नाईक ने कहा कि आने वाले समय में भारत के प्रत्येक गांव में आयुष के चिकित्सालय खोले जाएंगे ,जिसके लिए पूरे भारत में जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है ।जिसके चलते उत्तराखंड में भी प्रत्येक जिले में आयुष चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय आयुष मंत्री श्री श्रीपद यती नाईक ने ऋषिकेश में रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान देते हुए कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति वह पद्धति है जिसका कोई भी प्रतिकूल प्रभाव मरीज पर नहीं पड़ता ।जिसके लिए भारत सरकार द्वारा राज्य सरकारों के माध्यम से देश के सभी जिलों में बड़े केंद्र खोले जाने की योजना बनाई है ।जिन के माध्यम से देेेश के प्रत्येक गांव में आयुष चिकित्सालयों का निर्माण किया जाएगा ।उत्तराखंड में कई लाइलाज बीमारियों के लिए प्राकृतिक जड़ी बूटी उपलब्ध है। जिसके लिए एक बड़ा सेंटर उत्तराखंड में बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा अश्वगंधा ,कुुुट्ट्की जैसी वनस्पति यहां उपलब्ध है। जिनके उत्पादन वह संरक्षण के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार के माध्यम से संयुक्त रूप से अभियान चला रही है। उनका कहना था कि जोशीमठ के पास एक जड़ी बूटी कुटकी है जो कि शुगर जैसी बीमारियों में बहुत उपयोगी सिद्ध हुई है। उनका कहना था कि महाराष्ट्र में भी एक बड़ा सेंटर भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है। इतना ही नहीं पूना में डेढ़ सौ करोड़ की लागत से रिसर्च सेंटर स्थापित हो चुका है ।क्योंकि आयुष में सभी बीमारियों के उपचार की विधि उपलब्ध है ,जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है ।जिसका कोई साइड इफेक्ट भी मरीज पर नहीं पड़ता ।इसलिए लोगों ने इसको अपनाना भी प्रारंभ कर दिया है ।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में दिल्ली एम्स में भी आयुष विभाग का बड़ा सेंटर खोला गया है ।और अब सभी एम्स में इसका लाभ उठा रहे हैं। उनका कहना था कि देश के सभी 600 जिलों में यह कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा ।अभी तक डेढ़ सौ जिलो मे आयुुुष का कार्य प्रारंभ हो चुका है ।ज्ञात रहे की आयुष मंत्री उत्तराखंड के एक दिवसीय दौरे पर थे।
ऋषिकेश, 25 नवम्बर। भारत सरकार के केन्द्रीय आयुष मंत्री श्री पद यती नाईक ने कहा कि आने वाले समय में भारत के प्रत्येक गांव में आयुष के चिकित्सालय खोले जाएंगे ,जिसके लिए पूरे भारत में जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है ।जिसके चलते उत्तराखंड में भी प्रत्येक जिले में आयुष चिकित्सालय का निर्माण किया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय आयुष मंत्री श्री श्रीपद यती नाईक ने ऋषिकेश में रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान देते हुए कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति वह पद्धति है जिसका कोई भी प्रतिकूल प्रभाव मरीज पर नहीं पड़ता ।जिसके लिए भारत सरकार द्वारा राज्य सरकारों के माध्यम से देश के सभी जिलों में बड़े केंद्र खोले जाने की योजना बनाई है ।जिन के माध्यम से देेेश के प्रत्येक गांव में आयुष चिकित्सालयों का निर्माण किया जाएगा ।उत्तराखंड में कई लाइलाज बीमारियों के लिए प्राकृतिक जड़ी बूटी उपलब्ध है। जिसके लिए एक बड़ा सेंटर उत्तराखंड में बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा अश्वगंधा ,कुुुट्ट्की जैसी वनस्पति यहां उपलब्ध है। जिनके उत्पादन वह संरक्षण के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार के माध्यम से संयुक्त रूप से अभियान चला रही है। उनका कहना था कि जोशीमठ के पास एक जड़ी बूटी कुटकी है जो कि शुगर जैसी बीमारियों में बहुत उपयोगी सिद्ध हुई है। उनका कहना था कि महाराष्ट्र में भी एक बड़ा सेंटर भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है। इतना ही नहीं पूना में डेढ़ सौ करोड़ की लागत से रिसर्च सेंटर स्थापित हो चुका है ।क्योंकि आयुष में सभी बीमारियों के उपचार की विधि उपलब्ध है ,जिसका लाभ लोगों को मिल रहा है ।जिसका कोई साइड इफेक्ट भी मरीज पर नहीं पड़ता ।इसलिए लोगों ने इसको अपनाना भी प्रारंभ कर दिया है ।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में दिल्ली एम्स में भी आयुष विभाग का बड़ा सेंटर खोला गया है ।और अब सभी एम्स में इसका लाभ उठा रहे हैं। उनका कहना था कि देश के सभी 600 जिलों में यह कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा ।अभी तक डेढ़ सौ जिलो मे आयुुुष का कार्य प्रारंभ हो चुका है ।ज्ञात रहे की आयुष मंत्री उत्तराखंड के एक दिवसीय दौरे पर थे।


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