रुद्रपुर। शहर के पॉश इलाके मॉडल कालोनी में बदमाशों ने एक बार फिर दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दे डाला। अबकी बदमाशों के निशाने पर पेट्रोल पंप मालिक का घर था। देर रात धारदार हथियार से लैस होकर घर में दाखिल हुए नकाबपोश बदमाश अपनी नीयत में कामयाब हो पाते, इससे पहले ही गृह स्वामिनी की आंख खुल गई। हो हल्ला हुआ था बदमाश दीवार फांद कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर जा पहुंचे। इधर, फॉरेंसिक टीम ने मौके से बदमाशों के फिंगर प्रिंट संरक्षित किए। जान माल सलामत होने पर राहत की सांस ले रही पुलिस ने जल्द ही बदमाशों को सलाखों के पीछे डालने का दावा किया है।
मॉडल कालोनी निवासी बलदेव डाबर का इंद्रा चौक पर पेट्रोल पंप है। घर में पत्नी सुनीता, बहू नैनसी व छोटा बेटा सौरभ रहते हैं, जबकि बड़ा बेटा गौरव गुडगांव में नौकरी करता है। बताया जाता है कि एक दिन पहले बलदेव बेटे गौरव से मिलने गुडगांव गए थे। घर पर पत्नी, बेटा व बहू ही थे। रात करीब तीन बजे धारदार हथियार से लैस नकाबपोश चार बदमाश दीवार फांद कर बलदेव के घर में दाखिल हुए। अंदर जाने के लिए बदमाशों ने रसोईघर का सहारा लिया। इसके लिए बदमाशों ने पहले खिड़की की ग्रिल उखाड़ी और फिर खिड़की का कांच निकाल कर अंदर दाखिल हो गए। घर के निचले हिस्से में सुनीता अपने बेडरूम में अकेले सो रही थी। बेटा सौरभ अपने कमरे में ऊपर सो रहा था। इसी बीच सुनीता को आहट हुई कि कोई उसके बेडरूम का दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहा है। इस पर सुनीता की आंख खुल गई और उन्होंने तुरंत अपने बेटे को फोन कर पूछा कि क्या वह नीचे आया है। नहीं के जवाब पर सुनीता ने तुरंत बेटे को नीचे आने की बात कहते हुए कहा कि घर में कोई घुस आया है। आनन फानन में सौरभ ने झांक कर नीचे देखा तो उसके होश फाक्ता हो गए। नकाबपोश एक बदमाश घर के मुख्य गेट पर खड़ा था। इतना देखते ही सौरभ ने शोर मचाना शुरू कर दिया। सौरभ की चीख पुकार सुनकर बदमाश दीवार फांद कर मौके से फरार हो गए। रात ही घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सुबह पुलिस के आलाधिकारी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। टीम ने रसोईघर की खिड़की के कांच से बदमाशों के फिंगर प्रिंट लिए। पुलिस को घर से एक बड़ा खंजर भी बरामद हुआ। हालांकि खंजर से फॉरेंसिक टीम को फिंगर प्रिंट नहीं मिल सके। बदमाश जाते जाते खंजर के साथ अपनी एक टोपी भी छोड़ गए हैं।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर बसी मॉडल कालोनी अकसर ही बदमाशों के निशाने पर रही है। अभी पिछले माह ही दो बाइक सवार चार लुटेरों ने एक व्यापारी को सरेराह लूट लिया था। जबकि दो साल पहले इसी कालोनी में रहने वाले प्रेम अरोरा के घर डकैती की सनसनीखेज वारदात को डकैतों ने अंजाम दिया था। इस घटना को आज लगभग दो साल हो चुके हैं, लेकिन इस घटना का अनावरण पुलिस आज तक नहीं कर सकी। लोगों का कहना था कि कालोनी और उत्तर प्रदेश के बीच एक दीवार है। जो कालोनी को सुरक्षित रखती है, लेकिन उत्तर प्रदेश की ओर रहने वाले कुछ लोगों को दीवार से दिक्कत थी और उन्होंने जबरन दीवार में लगे गेट खोल दिए।
वारदात को अंजाम देने आए बदमाश करीब एक फीट लंबा खंजर साथ लेकर आए थे। शोर सुनकर जब बदमाश भागे तो दीवार फांदते वक्त एक खंजर बदमाश से छूट कर झाड़ी में गिर गया। जो सुबह बरामद हुआ। खंजर बिलकुल नया था और उसके हत्थे पर कराई गई बेल्डिंग भी ताजा नजर आ रही थी। जिससे इतना तो साफ था कि बदमाश पिछले कई दिनों से वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे थे। सीसीटीवी फुजेट से भी पुलिस को कुछ ऐसे ही अहम सुराग हाथ लगे हैं, लेकिन रात कोहरा होने की वजह से सीसीटीवी फुजेट में बदमाशों की तस्वीर साफ नजर नहीं आ रही। हालांकि इतना तो देखा जा सकता है कि बदमाश कम उम्र और दुबले पतले शरीर के थे।
मॉडल कालोनी में लगभग सभी घर सीसीटीवी से लैस हैं, लेकिन सही देखरेख न होने की वजह से अधिकांश के सीसीटीवी खराब पड़े हैं। बलदेव ने भी अपनी घर की सुरक्षा में पांच सीसीटीवी लगवाए हैं। जिसमें से एक मेन गेट पर, दूसरा बाहर लॉन में और तीसरा उस रसोईघर में लगा है, जहां से बदमाश दाखिल हुए थे। हालांकि पांच के पांचों सीसीटीवी पिछले एक हफ्ते से खराब पड़े हैं। जिसकी वजह से बदमाश सीसीटीवी में कैद नहीं हो सके। अगर ये सीसीटीवी सही होते तो घने कोहरे में भी बदमाशों की तस्वीर साफ हो सकती है। कम से कम बदमाश रसोईघर में लगे सीसीटीवी में तो कैद हो ही जाते। बहरहाल, पुलिस ने सीसीटीवी के साथ कालोनी में चौकीदार की व्यवस्था करने को कहा है।
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