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देहरादून I देहरादून की मुस्लिम बस्ती में बच्चों के चोर-सिपाही के खेल में असली पिस्टल से गोली चलने से छह साल की बच्ची की मौत हो गई। हार्डवेयर कारोबारी साजिद का साढ़े पांच साल का बेटा खेलने के लिए पिता की लोडिड लाइसेंसी पिस्टल उठा लाया था।
खेलते समय ट्रिगर दबने से गोली उसकी बहन (ताऊ की बेटी) के सिर में जा धंसी। नाजुक हालत में बच्ची को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पिस्टल जब्त करने के साथ कारोबारी के खिलाफ लापरवाही की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।

दिल दहला देने वाली यह घटना चार अगस्त की शाम की है, लेकिन इसका खुलासा मंगलवार को बच्ची की मौत के बाद हुआ। पुलिस के मुताबिक पटेलनगर कोतवाली की मुस्लिम बस्ती (कारगी चौक) निवासी हार्डवेयर कारोबारी साजिद अली का साढ़े पांच साल का बेटा मुसाब अपनी चचेरी बहन बेबी जायका (छह) और अलफीजा (पांच) के साथ घर के बाहर खेल रहा था।

सोमवार रात हो गई थी बच्ची की मौत

इसी बीच मुसाब तकिये के नीचे रखी हुई पिता की लाइसेंसी पिस्टल (.32 बोर) ले आया। उसे नहीं मालूम था कि पिस्टल लोडेड है। चोर-सिपाही का खेल खेलते समय मासूम के हाथ से पिस्टल का ट्रिगर दब गया और गोली सीधे सामने खड़ी जायका के सिर में जा लगी है। गोली की आवाज सुनकर परिजन बाहर की तरफ दौड़े। जायका को लहूलुहान देखकर परिवार मेें कोहराम मच गया। 

परिजन घायल बच्ची को उठाकर श्री महंत इंदिरेश अस्पताल लाए, जहां से उसे दिल्ली के गंगाराम अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल से आए मीमो के आधार पर बाजार चौकी पुलिस जांच को पहुंची तो गोली चलने की जानकारी मिली।

पटेलनगर पुलिस ने सोमवार को ही पिस्टल, मैगजीन और कारतूस जब्त कर लिया था। इसी बीच सोमवार रात बच्ची की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। 

48 घंटे छिपी रही घटना

यह घटना 48 घंटे तक छिपी रही। हालांकि पुलिस को इसकी जानकारी चार अगस्त की रात को ही पुलिस को मिल गई थी। पुलिस सोमवार को गंभीर चोट का मुकदमा दर्ज करने के बाद घटना को पर्दा डाले रही। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद यह मामला उजागर हुआ। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में लापरवाही की धारा का इजाफा किया।

मुस्लिम बस्ती में गोली लगने से हुई बच्ची की मौत के मामले में शस्त्र धारक साजिद अली के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है। शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने की संस्तुति जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।
-श्वेता चौबे, पुलिस अधीक्षक नगर
देहरादून I पति की नशे की लत पूरी करने के लिए पत्नी ऐसे रास्ते पर चली, जिसकी वहज से वह जेल जा पहुंची। एसटीएफ की एंटी ड्रग टास्क फोर्स ने 40 ग्राम स्मैक के साथ पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि पति की नशे की लत पूरी करने के लिए पत्नी भी इस गोरखधंधे में उतर गई। 
पति-पत्नी यूपी के रामपुर से स्मैक लाकर शहर के कई इलाकों में बेचते थे। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार के मुताबिक पकडे़ गए इंद्रेश नगर निवासी अमित को काफी समय से नशे की लत है
 

मुकदमा दर्ज कर दंपति का चालान किया

लत को पूरा करने के लिए अमित यूपी से स्मैक लाकर बेचने लगा। बाद में अमित की पत्नी मीनू भी स्मैक बेचने के धंधे में उतर गई। पुलिस को शक न हो, इसलिए वह पत्नी को आगे रखता था।

दोनों पटेलनगर और दूसरे इलाकों में स्मैक बेचते थे। अमित खुद स्मैक खरीदकर लाता था। पटेलनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दंपति का चालान कर दिया गया।
आप में से अधिकतर लोग इंस्टेंट मल्टीमीडिया मैसेजिंग एप व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते होंगे। ऐसे में आपके पास हर रोज तमाम तरह के मैसेज आते होंगे। व्हाट्सएप के जरिए किसी भी बात को तेजी से फैलती है और अफवाह फैलाने वाले लोग इसी बात का फायदा उठाते हैं। आपमें से कई लोग ऐसे होंगे जिनके पास 1000 जीबी फ्री डाटा मिलने का मैसेज आया होगा। तो क्या है इस मैसेज की सच्चाई और क्या सच में आपको 1000 जीबी डाटा मिलेगा। आइए जानते हैं।

वायरल मैसेज में क्या लिखा है

मैसेज में कहा जा रहा है कि WhatsApp अपने यूजर्स को 1000GB फ्री इंटरनेट दे रहा है। इस मैसेज के साथ डाटा के लिए क्लेम करने के लिए एक लिंक भी दिया जा रहा है। मैसेज के साथ कहा जा रहा है कि व्हाट्सएप के 10 साल पूरे होने पर कंपनी यह ऑफर दे रही है।

लिंक पर क्लिक करने पर क्या मिल रहा

मैसेज के साथ मिलने वाला लिंक भी फर्जी है। लिंक का यूआरएल व्हाट्सएप के डोमेन से अलग है। ऐसे में इस लिंक पर आपके द्वारा दी गई जानकारियों का इस्तेमाल थर्ड पार्टी प्रमोशन में हो सकता है। इसके अलावा इस लिंक के जरिए आपके फोन में एप इंस्टॉल करवाकर बैंक डीटेल ली जा सकती है और आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है। ऐसे में इस लिंक पर क्लिक करना खतरे से खाली नहीं है।

व्हाट्सएप ने इस मैसेज को लेकर क्या कहा

व्हाट्सएप ने इस मैसेज को लेकर साफ-साफ कहा है कंपनी कोई फ्री डाटा नहीं दे रही है और यह मैसेज पूरी तरह से फेक है। व्हाट्सएप ने कहा है कि इस मैसेज पर भरोसा ना करें और लिंक पर क्लिक करके अपनी कोई जानकारी ना दें।

क्या इस मैसेज के जरिए फोन में वायरस वाला एप इंस्टॉल किया जा सकता है?

welivesecurity के शोधकर्ताओं के मुताबिक अभी तक इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि हैकर्स इस मैसेज के साथ दिए जा रहे लिंक के जरिए फोन में वायरस इंस्टॉल करवा रहे हैं, लेकिन आपके लिए जरूरी है कि आप किसी भी तरह की अपनी कोई निजी जानकारी इसके साथ साझा ना करें।
ऋषिकेश। नरेन्द्र नगर में भारी भूस्खलन के चलते हरियाणा के कावड़ियों से भरी गाड़ी दब गई। जिसके कारण 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि 8 गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मोके पर पहुंच गई। घायलों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज किया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अभी कुछ लोग मलबे में दबे हुए है। उनकी खोज की जा रही है।
रुद्रपुर I महज एक लाख रुपये के लालच में ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने दाई के साथ मिलकर अपने तीन माह के शिशु को बेच दिया। यही नहीं दाई ने भी पैसो के लालच में यूपी निवासी खरीदार से शिशु का दो लाख में सौदा कर दिया। शिशु के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीन घंटे के भीतर ही मां, दाई और तीन खरीदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने सौदे की रकम भी बरामद कर ली है।
पुलिस कार्यालय में शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार की रात करीब 11 बजे ट्रांजिट कैंप राजा कॉलोनी निवासी कमल गंगवार ने पुलिस को उसके घर से तीन माह के बेटे श्रेयांश के अगवा होने की सूचना दी। सूचना पर एसपी सिटी देवेंद्र पींचा और एसओ ट्रांजिट कैंप बीडी जोशी के नेतृत्व में तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया।

अगवा होने की अफवाह फैलाई

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मासूम की मां लता ने रात में ही शिशु को ठाकुर नगर में दाई का काम करने वाली ममता विश्वास को एक लाख रुपये में बेच दिया था। ममता ने रिंग रोड आवास विकास निवासी कुलजीत सिंह के साथ मिलकर ग्राम इंदरपुर बिलासपुर (यूपी) निवासी कुलजीत सिंह और उसकी भाभी रमनदीप कौर के साथ दो लाख में मासूम का सौदा किया था। बताया जा रहा है कि रमनदीप कौर के बच्चे नहीं थे, इसलिए कुलजीत उसके लिए शिशु खरीदना चाहता था।

इधर, मासूम को बेचने के बाद लता ने उसके अगवा होने की अफवाह फैलाई, जिससे उस पर किसी को शक न हो। करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद पूरा मामला खुलने पर पुलिस ने मासूम और सौदे की दो लाख की रकम बरामद कर ली। इसके बाद शिशु की मां लता, दाई ममता विश्वास, आवास विकास निवासी कुलजीत सिंह, बिलासपुर निवासी कुलजीत सिंह और उसकी भाभी रमनदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी ने बताया कि लता को एक लाख रुपये देने के बाद शेष एक लाख की रकम को ममता और कुलजीत ने आपस में बांट लिया था। 

शिशु पैदा होते ही बना ली थी बेचने की योजना 

मासूम श्रेयांश के पैदा होते ही दाई ममता विश्वास ने उसे बेचने की योजना बना ली थी। इसके लिए ममता लगातार लता के संपर्क में रही और सबसे पहले ममता ने 20 हजार फिर 50 हजार और उसके बाद आखिर में एक लाख रुपये में लता को मना लिया। श्रेयांश से पहले भी लता के दो बेटे हैं। श्रेयांश को बेचने के बारे में लता ने अपने पति कमल और सास को भी नहीं बताया था। 

डिलीवरी के समय भी दो घंटे गायब हुआ था मासूम 
तीन माह पूर्व कमल ने लता की डिलीवरी बरेली के एक निजी अस्पताल में कराई थी। प्रसव होने तक तक दाई ममता ही लता की देखरेख कर रही थी। डिलीवरी के समय ममता भी बरेली पहुंची और प्रसव के बाद दो घंटे तक श्रेयांश अस्पताल से गायब हो गया था। बाद में दाई के पास से परिजनों ने उसे बरामद किया था।

पुलिस टीम पर इनामों की बौछार 

अपनी ही मां द्वारा बेचे गए मासूम को बरामद करने वाली टीम में एसआई दिनेश सिंह, जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार, हरविंदर कुमार, कांस्टेबल जगमोहन गौड़, जय कुमार, नीरज शुक्ला, धर्मेंद्र प्रसाद, भुवन पांडे, खीम सिंह, राकेश खेतवाल, उमेश डांगी, लक्ष्मण सिंह, रघुनाथ सिंह, महिला कांस्टेबल धारा कोरंगा, जानकी बिष्ट और डॉली भट्ट शामिल थे।

डीआईजी जगतराम जोशी ने टीम को पांच हजार, एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने ढाई हजार और एसपी देवेंद्र पींचा ने डेढ़ हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
काशीपुर I सौतेली बेटी से दुष्कर्म का मामला उजागर होने पर पंचायत ने आरोपी बाप को गांव छोड़ने का फरमान सुनाया तो कई ग्रामीण भड़क गए और फैसले का विरोध करते हुए आरोपी को कुंडा पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
 
पुलिस ने पीड़िता के मौसा की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।  कुंडा थाने के एक गांव में रहने वाले टैक्सी ड्राइवर की 15 वर्ष पहले हुई शादी से दो बच्चे हैं।

वर्ष 2008 में उक्त व्यक्ति एक अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया तो पंचायत ने उसे गांव से निकाल दिया था। तब वह काशीपुर के मोहल्ला महेशपुरा में किराए पर रहने लगा। पड़ोस में ही एक तलाकशुदा महिला भी किराए पर रहती थी, जिसके एक बेटा और बेटी है। प्रेम संबंध होने पर टैक्सी ड्राइवर ने उक्त महिला से निकाह कर लिया और अपने गांव वापस आ गया।

दूसरी पत्नी और बच्चों को उसने किराए के मकान में रखवा दिया, जबकि खुद पहली पत्नी और बच्चों के साथ पैतृक मकान में रहने लगा। इसी बीच दूसरी पत्नी की बहन और उसका पति भी उनके साथ ही आकर रहने लगे।

आरोप है कि 19 जुलाई की रात सौतेला पिता सौतेली बेटी को खींचकर अपने कमरे में ले जा रहा था। उस समय दूसरी पत्नी और सौतेला बेटा बाहर गए हुए थे। किशोरी के मौसा ने उसे टोका और किशोरी से वजह पूछी तो वह रोने लगी।
 
इसी बीच किशोरी की मां भी घर आ गई। किशोरी ने सौतेला पिता पर पिछले आठ महीने से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। विरोध करने पर वह मां और भाई को जान से मारने की धमकी देता है।

मामले की जानकारी गांव वालों को हुई तो बुधवार को पंचायत बुलाई गई। पंचायत में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया तो पंचायत ने उसे गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया। फैसले से नाराज कुछ लोगों ने कुंडा थाना पुलिस को गांव बुला लिया।
 
 
पुलिस ने आरोपी को पंचायत से ही हिरासत में ले लिया। कुंडा थाना प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि मामले में किशोरी के मौसा की तहरीर पर धारा 376 व 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। 
 

दो बार घर छोड़कर जा चुकी है किशोरी 

दुष्कर्म की पीड़ित किशोरी के बारे में पता चला है कि वह दो बार एक युवक के साथ भाग चुकी है। शिकायत पर आईटीआई थाना पुलिस ने उसे बरामद किया था, इसके बाद वह फिर चली गई। इस बार कुंडा थाने में शिकायत की गई लेकिन इस बीच परिजनों ने उसे खोज निकाला। दोनों ही बार थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। 

पौड़ी I तहसील पौड़ी के चोरकंडी गांव में दो दोस्तों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक मृतक की पत्नी की तहरीर पर राजस्व पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मृतकों के तीसरे दोस्त को हिरासत में ले लिया है।
आरोप है कि तीनों दोस्तों ने साथ बैठकर जमकर शराब पी और गांव में देर रात तक हुड़दंग मचाते रहे। सुबह इनमें से दो दोस्तों के आग से झुलसे हुए शव बरामद हुए। तहसील पौड़ी के खातस्यूं पट्टी में चोरकंडी गांव स्थित है। जहां गांव के एक घर के रसोईघर में दो आंशिक रूप से जले शव मिले हैं।

गांव में जमकर हुड़दंग मचाया

राजस्व पुलिस कर्मियों ने बताया कि गांव के तीन दोस्तों रूप सिंह पुत्र अमर सिंह (उम्र 45 वर्ष), धीरज सिंह पुत्र सते सिंह (उम्र 42 वर्ष) व अजीत सिंह पुत्र विजेंद्र सिंह (उम्र 19 वर्ष) सोमवार रात धीरज के घर में शराब पी।

जिसके बाद उन्होंने गांव में जमकर हुड़दंग मचाया। ग्राम प्रधान व अन्य लोगों के समझाने पर उन्होंने उनके साथ गाली-गलौज भी की। बताया जा रहा है कि एक मृतक रूप सिंह की पोखरीखेत बाजार में वेल्डिंग दुकान है। उसका परिवार पोखरीखेत में ही रहता है।

रसोईघर के बाहर कुंडी लगी हुई थी

जबकि दूसरे मृतक धीरज का परिवार दिल्ली में रहता है, वह गांव में पशुपालन (भेड़-बकरी) का काम करता है। आज सुबह जब रूप सिंह अपनी दुकान नहीं पहुंचा तो उसकी पत्नी ग्रामीणों के साथ धीरज के घर पहुंची।

वहां धीरज के रसोईघर के बाहर कुंडी लगी हुई थी। दरवाजा खोलने पर भीतर धीरज व रूप सिंह के शव झुलसी हुई अवस्था में पड़े हुए थे। इनके पास शराब की बोतले बिखरी पड़ी थी।

हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया

नायब तहसीलदार रामपाल सिंह रावत ने बताया कि रसोईघर में रखे गैस सिलेंडर का पाइप हटाया गया था, जिससे गैस का रिसाव हो रहा था। रसोईघर के भीतर शव झुलसे हुए व अन्य सामान अधजली अवस्था में बिखरा मिला।

उन्होंने बताया कि मृतक रूप सिंह की पत्नी रीना देवी ने तीसरे दोस्त अजीत सिंह पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। जिस पर हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए पूछताछ के लिए अजीत सिंह को हिरासत में लिया गया है। कहा कि मौके पर फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है। हालांकि अभी मौत की असल वजह और हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। 
देहरादून I सहारनपुर चौक पर रविवार शाम एक युवती से छेड़छाड़ के बाद हंगामा हो गया। हालांकि बाद में आरोपी के लिखित माफी मांगने के बाद युवती ने कार्रवाई से इनकार कर दिया। घटना रविवार शाम करीब 6:30 बजे सहारनपुर रोड पर हुई। दो युवतियां स्कूटी पर लाल पुल से सहारनपुर चौक की तरफ जा रही थीं।

आरोप है कि इसी बीच एक युवक ने स्कूटी सवार युवती से छेड़छाड़ की। युवतियों ने विरोध जताया तो युवक अभद्र भाषा प्रयोग करने लगा। इसी दौरान पुलिस पहुंचने पर युवक मौके से खिसक गया। हालांकि बाद में पुलिस युवक को घर से पकड़कर लाई। बाजार चौकी प्रभारी अरुण त्यागी के अनुसार आरोपी के लिखित माफी मांगने के बाद युवती ने किसी तरह की कार्रवाई से मना कर दिया है।  

लोगों ने किया चौकी प्रभारी को सम्मानित 
नशे के धंधे में सक्रिय लोगों पर कार्रवाई करने पर ब्रहमपुरी के नागरिकों ने रविवार को बाजार चौकी प्रभारी अरुण त्यागी को बुके और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। चौकी प्रभारी अरुण त्यागी ने कुछ दिन पहले दो महिलाओं समेत कई लोगाें को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। इस मौके पर तोशिर अहमद, कादिर, शमीम, मुरसलीन, फारुख, अब्दुल कादिर, फिरोज, सादिक, सलमान, इमरान, शंकर, विजयपाल, रवि, मोहित, शोएब, वासिद, नूर मोहम्मद और रफीक मौजूद रहे। 

मारपीट, बलवे की धारा में मुकदमा दर्ज 
रायपुर क्षेत्र में हुई मारपीट के मामले में सात लोगों के खिलाफ बलवे की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार कुड़कावाला निवासी हाजी अब्दुल वाहिद ने  इमरान समेत सात-आठ लोगों पर लाठी-डंडाें से हमलाकर घायल करने का मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
उधमसिंह नगर I उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के एक गांव में एक युवती विवाहिता के साथ घर से भाग निकली। दरअसल, युवती का उसी गांव की एक महिला के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। चार दिन पूर्व दोनों घर से फरार हो गए थे।
महिला के पति की गुमशुदगी की तहरीर के बाद पुलिस ने दोनों को हरियाणा से बरामद किया। युवती को उसके परिजन अपने साथ घर ले गए जबकि विवाहिता को पुलिस ने कोतवाली में महिला पुलिस की सुपुर्दगी में भेज दिया। 

शुक्रवार को विवाहिता अपने भाई के साथ मायके गई। शनिवार सुबह वह अचानक मायके से गायब हो गई। उसके पति ने शक्तिफार्म पुलिस चौकी में गुमशुदगी की तहरीर देकर पत्नी को ढूंढने की गुहार लगाई। 
चौकी प्रभारी प्रवीण सिंह मेहरा ने एसओजी के माध्यम से दोनों की लोकेशन का पता लगाया। जिसके बाद विवाहिता के मायके वाले दोनों को हरियाणा के चरखी दादरी से पकड़कर गांव ले आए।

वहां दोनों ने आपस में शादी करने की बात कह कर सबको हैरान कर दिया। इसके बाद परिजन दोनों को लेकर पुलिस चौकी पहुंचे। वहां भी दोनों ने आपस में शादी कर लेने की बात कहते हुए साथ रहने की जिद करने लगे।

काफी जद्दोजहद के बाद युवती के परिजन उसे अपने साथ ले गए। परंतु विवाहिता के ससुरालियों और परिजनों द्वारा कोई दिलचस्पी नहीं दिखाने पर पुलिस ने महिला को सितारगंज कोतवाली भेज दिया। चौकी प्रभारी प्रवीण सिंह मेहरा ने कहा कि परिजन महिला को अपने सुपुर्दगी में नहीं लेते हैं तो उसे नारी निकेतन भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग से देह व्यापार के मामले में दो लोग हिरासत में
एक निजी होटल से पुलिस ने की कार्रवाई,
नाबालिक की तहरीर पर देह व्यापार और पोक्सो में मुकदमा दर्ज
रुद्रप्रयाग। मुख्यालय स्थित एक निजी होटल में देह व्यापार के मामले में पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों को हिरासत में लिया है। नाबालिग की तहरीर पर पुलिस ने कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ देह व्यापार एवं पोक्सो एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया है। मामले में करीब आधा दर्जन लोगों के लिप्त होने की आंशका जताई जा रही है। पुलिस की माने तो एक-दो दिन में चिन्हित सभी आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा।
दरअसल, पुलिस महिला हेल्पलाइन में एक दंपंति के मामले में महिला कांस्टेबल संबंधित परिवार की काउंसलिग कर रही थी कि इसी बीच महिला कर्मचारी को मुख्यालय के एक निजी होटल में उसी परिवार की एक नाबालिग के शारीरिक शोषण का मामला प्रकाश में आया। पुलिसकर्मी ने इस बात की सूचना पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। पुलिस ने शीघ्र नाबालिग को बाल कल्याण समिति (सीडव्लूसी) और पुलिस उपाधीक्षक एवं मजिस्ट्रेट के सम्मुख पेश किया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस प्रथम दृष्टया मामले में नाबालिग के शारीरिक शोषण की बात कह रही है। उक्त नाबालिग का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। मेडिकल एवं सीडव्लूसी की रिर्पोट के साथ ही कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सम्मुख हुए बयान के आधार पर पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी। पुलिस ने एक नाबालिग की तहरीर पर कोतवाली में अनाधिकृत देह व्यापार और पोक्सो एक्ट में मुदकमा दर्ज कर लिया है, जबकि एक अन्य नाबालिग के मामले में बाल कल्याण समिति फिर से काउंसलिंग करेगी। पुलिस ने बताया कि जिस नाबालिग के शारीरिक शोषण का मामला सामने आया है। उसकी मां पर भी बेटी से यह घृणित कार्य कराने का आरोप है। इधर पुलिस होटल स्वामी से भी मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि मामले में दो नाबालिग सहित सभी से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में आधा दर्जन लोगों के लिप्त होने की संभावना है जल्द ही उन्हें चिन्हित कर लिया जाएगा पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि नाबालिग को शादी के लिए अपहरण करने का केस हरिद्वार जिले में भी चल रहा है। इस मामले में पीड़िता की मां ने हरिद्वार में मामला दर्ज कराया था। इस प्रकरण में भी दो लोगों की गिरफ्तारी पहले ही कर दी गई है जबकि एक व्यक्ति फरार है। हरिद्वार से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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नशे में कर रहा था बलात्कार का प्रयास
कुदाल से बेटी ने नशेड़ी बाप की हत्या की
देहरादून। पहाड़ के गांवों में इन दिनों ऐसी-ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिनके बारे में इससे पहले कभी नहीं सुना गया। ऐसी ही दिल दहलाने वाली घटना हुई है उत्तरकाशी के नौगांव में जहां सगी बेटी ने पिता की गर्दन पर कुदाल से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपी बेटी ने राजस्व पुलिस के सामने अपने गुनाह को कबूल कर लिया है। हत्या के पीछे उसने जो वजह बताई है, उसे सुन पुलिस के साथ-साथ हर कोई सन्न है। आरोपी बेटी ने बताया कि उसका पिता नशे में धुत्त होकर उसके साथ बलात्कार की कोशिश कर रहा था। उसने नशेड़ी पिता को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब वो माना नहीं तो बेटी ने उसकी गर्दन पर कुदाल से वार कर उसकी हत्या कर दी। राजस्व पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है। घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल कुदाल भी बरामद कर ली गई है। पूरा मामला क्या है चलिए जानते हैं।
उत्तरकाशी के एक गांव में रहने वाले शख्स ने दो शादियां की हुई थीं। पहली पत्नी ने उसे छोड़ दिया था। पहली पत्नी से उसे एक बेटा और बेटी थी। बेटे ने कुछ वक्त पहले आत्महत्या कर ली थी, जबकि बेटी की शादी हो चुकी थी। किसी वजह से बेटी और उसका पति ज्यादातर वक्त अपने पिता के साथ गांव में ही रहते थे। रात को युवती के पिता और दामाद ने शराब पी। जिसके बाद उनके बीच झगड़ा हो गया। युवती का आरोप है कि झगड़े के बाद पिता ने उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। अपना बचाव करने के लिए बेटी ने कुदाल से पिता पर वार कर दिया, जिस वजह से उसकी मौत हो गई। घटना के वक्त दूसरी पत्नी भी घर पर मौजूद नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, मामले में और जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद ही हत्या की असली वजह सामने आ पाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ऋषिकेश, 02जून। आईडीपीएल पुलिस चौकी क्षेत्र मे हुई अभी सर्राफा दुकानदार को  गोली मारकर घायल के जाने की घटना का पुलिस पर्दाफाश भी नहीं कर पाई थी कि  साप्ताहिक लगने वाली रविवार की हॉट में एक दुकानदार को दो मोटरसाइकिल पर सवार  दो अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी । जिसके बाद हॉट में हड़कंप मच गया ।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया है ।पुलिस के अनुसार मनसा देवी दूधू पानी निवासी  रिंकू उम्र 22 वर्ष पुत्र सूरज रविवार को लगने वाली आईडी पीएल क्षेत्र में हाट में जूते चप्पल की दुकान लगाता था की शाम को 8:30 बजे के लगभग 2 अज्ञात बदमाश मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और आते ही बिना कुछ कहे रिंकू को गोली मार दी जिस की मौके पर ही मौत हो गई सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया सूत्रों का कहना है कि हत्या का कारण रिंकू की बहन का हाल ही में रिश्ता हुआ था लेकिन यह रिश्ता किन्हीं कारणों के चलते उसके पिता द्वारा तोड़ दिया गया जिसके बाद से उसकी रंजिश चल रही थी लोगों का कहना है कि इसी के चलते यह हत्या की गई है पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
ऋषिकेश।  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में कैंसर सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने दिल्ली निवासी एक 30 वर्षीय महिला के फेफड़े के दुर्लभ ट्यूमर की जटिल सर्जरी करने में सफलता प्राप्त की है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने जटिलतम व जोखिमभरी सर्जरी में कामयाबी हासिल करने के लिए चिकित्सकीय दल की सराहना की है। निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि उत्तराखंड में इस तरह के फेफड़े के ऑपरेशन की सुुविधा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के माध्यम से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है। निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि फेफड़े के ऑपरेशन की सुविधा अब तक उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं थी। एम्स में पहली मर्तबा इस तरह की जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि एम्स राज्य में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। वरिष्ठ कैंसर सर्जन डा. पंकज गर्ग ने बताया कि यह ट्यूमर आमतौर पर गर्भाशय में पाया जाता है, मगर इस महिला में यह ट्यूमर फेफड़े में था, जो कि महिला की पसलियों और छाती से निकलकर लीवर तक में फैल गया था। इस लिहाज से यह एक जटिल ऑपरेशन था, जिस टास्क को टीम के साथ सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचाया गया। डा. पंकज ने बताया कि महिला इस ऑपरेशन के लिए दिल्ली एम्स समेत तमाम बड़े चिकित्सालयों में उपचार करा चुकी थी, आराम नहीं मिलने पर सुल्तानपुरी, ​दिल्ली निवासी महिला इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंची थी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में महिला के ट्यूमर से ग्रसित फेफड़ा, दो पसलियां और लीवर का यह हिस्सा सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि मरीज ऑपरेशन के बाद अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उत्तराखंड में रहकर ही स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। सर्जीकल ओंकोलॉजी विभागाध्यक्ष डा. एसपी अग्रवाल ने बताया कि लंग कैंसर के केस उत्तराखंड में राष्ट्रीय अनुपात के हिसाब से तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश एम्स लंग कैंसर के सभी तरह के ईलाज के लिए पूरी तरह से सक्षम है और इसके लिए सभी प्रकार की सर्जरी की सुविधाएं एम्स में उपलब्ध हैं। बताया कि  एम्स इस तरह के विकार के निराकरण को प्रतिबद्ध है। सफल सर्जरी करने वालि चिकित्सकीय दल में कैंसर सर्जरी विभाग के डा.पंकज गर्ग,डा. राजकुमार, डा.धर्माराम व एनेस्थीसिया डा. निशीथ गोविल शामिल थे।

अत्याधुनिक विदेशी पिस्टल 57 कारतूसों के साथ किया बरामद
उत्तर प्रदेश के बलिया में  हत्या, बलवा, गैगेस्टर, गुण्डा अधिनियम एवं धोखाधड़ी के 29 मुकदमें हैं दर्ज
15 साल से चल रहा था फरार
देहरादून। एक रजिस्ट्री से 15 साल से फरार चल रहे मोस्टवाण्टेड दो लाख के ईनामी कौशल कुमार चैबे का राज खोल दिया। जिसके बाद एसटीएफ की टीम ने चैबे को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ की टीम ने उसके कब्जे से एक विदेशी ग्लाॅक पिस्टल प्वाइंट 40 के साथ 57 कारतूस बरामद किये। पुलिस ने उसके पास से पिस्टल की चार मैगजीन व एक फोल्डिंग बट बरामद की। चैबे के खिलाफ बलिया में 29 हत्या, लूट, मारपीट व जान से मारने के प्रयास के मुकमदें दर्ज है।
एसटीएफ की उपमहानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल  ने बताया कि एसटीएफ को सूचना प्राप्त हो रही थी कि, उत्तर प्रदेश के कुछ शातिर व ईनामी अपराधी उत्तराखण्ड में शरण लेकर रह रहे हैं। इस सूचना पर निरीक्षक संदीप नेगी के नेतृत्व में एसटीएफ की एक टीम का गठन कर कार्यवाही करने के लिए लगाया गया। इस टीम ने  कार्यवाही करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ शातिर व ईनामी अपराधियों को चिन्हित किया गया तथा उनके व उनके परिवार तथा उनसे सम्पर्क करने वालों व्यक्तियों के सम्बन्ध में सूचना संकलन की कार्यवाही आरम्भ की गई । विगत एक महीने से एसटीएफ उत्तराखण्ड ऐसे कुख्यात अपराधी की तलाश में अपराधियों की शरण स्थली बने उत्तराखण्ड के हरिद्वार, देहरादून तथा ऋषिकेष के विभिन्न बैंकों में अपराधी के सम्बन्धियों के बैक एकाउण्टांे, केबिल कनेक्शनों, पानी व बिजली के कनेक्शनों तथा जमीन सम्बन्धित सम्पत्तियों की रजिस्ट्रियों की निगरानी कर जानकारी संकलित की जा रही थी। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के कुख्यात ईनामी अपराधी कौशल कुमार चैबे पुत्र  स्व. कमल नाथ चैबे निवासी चैन छपरा थाना हल्दी जनपद बलिया के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुए। सूचना पर एसटीएफ की टीम ने कार्य करते हुए जनपद देहरादून के थाना नेहरूकालोनी क्षेत्रान्र्तगत हरिद्वार बाई पास रोड पर रिस्पना के समीप स्थित एक होटल मीनाक्षी के सामने सड़क पर गिरफ्तार किया गया, जो कि आज अपने पुत्रों कीर्तीमान व दीप्तीमान से मिलने के लिए देहरादून आ रहा था। गिरफ्तारी के दौरान कुख्यात कौशल कुमार चैबे के कब्जे से एक विदेशी ग्लाॅक पिस्टल प्वाइंट 40 मय 57 जिन्दा कारतूस  तथा 04 मैगजीन व एक फोल्डिग बट बरामद किया गया। ईनामी अपराधी चैबे की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में जनपद देहरादून के थाना नेहरूकालोनी में अभियोग पंजीकृत कराया गया।
उपमहानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल  ने बताया कि विगत 15 वर्षो से आतंक का पर्याय बने उत्तर प्रदेश राज्य का मोस्ट वाण्टेड दो  लाख का कुख्यात ईनामी अपराधी चैबे  विगत दस वर्षो से हिमाचल व उत्तराखण्ड में स्थान बदल- बदलकर रह रहा था। एसटीएफ की टीम की नज़र उनके पुत्रों पर थी जिनके देहरादून में कार के शोरूम है। लेकिन वह उनके इतनी प्लानिंग से मिलता था कि पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती थी।
कुख्यात अपराधी चैबे के बारे में जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ है कि वह बलिया टेªजरी के हेड आफिस में एकाउण्टेन्ट के पद पर कार्य करता था। इसके परिवार के लोगों का ग्राम प्रधान को लेकर गाॅव में झगड़ा हो गया था, इसी झगड़े में विपक्षीगण ने कौशल कुमार के पिता को गोली मारी थी परन्तु वह बच गया था। इसी रंजिश में काश्षल कुमार ने अपने विपक्षी पप्पू चैबे पर गोली मारी थी लेकिन वह बच गया। कौशल कुमार चैबे ने उक्त घटना के बाद कोर्ट में सरेण्डर कर दिया तथा बाद में जमानत पर रिहा हो कर जेल से बाहर आ गया था। जेल से बाहर आने पर कौषल कुमार चैबे का पप्पू चैबे से आपसी समझौता हो गया था, परन्तु कुछ दिनों बाद पप्पू चैबे की हत्या हो गई थी जिसमें कौशल कुमार चैबे नामजद होने पर उसको गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी मामले में जमानत पर बाहर आने के बाद ग्राम प्रधान के चुनाव में दोबारा परिवार के विवाद आरम्भ हो गये और विवाद में कौशल चैबे के चाचा दुर्गादीन चैबे ने कौशल चैबे के भाई अजित चैबे पर फायर कर दिया जो बच गया था, परन्तु अजीत चैबे ने अपने चाचा दुर्गादीन की हत्या कर दी थी।
जमानत पर आने के बाद कौशल चैबे ने पप्पू सिंह नाम के एक व्यक्ति के साथ मिलकर बलिया (माॅझी) पीडब्लूडी में ठेकेदारी का काम शुरू किया गया परन्तु हिस्सेदारी को लेकर पप्पू सिंह एवं कौषल चैबे के मध्य विवाद हो गया था, बाद में पीडब्लूडी के उक्त ठेके को कौशल चैबे ने अकेले ही ले लिया था। इसी बात को लेकर पप्पू सिंह कौशल चैबे से आपसी रंजिश रखता था। इसी दौरान पप्पू सिंह का किसी इंजीनियर से विवाद होने के कारण पप्पू सिंह ने एक इंजीनियर को रेलवे स्टेशन पर मरवा दिया था जिसमें व एक पुलिस कर्मी की भी हत्या हुई थी।
 वर्ष 2004 में बलिया पीडब्लूडी आफिस में एक टेण्डर प्रक्रिया के दौरान पप्पू सिंह व कौशल चैबे के भाई अजित चैबे, अरूण चैबे के बीच टेण्डर को लेकर मारपीट व फायरिंग हो गई थी, जिसमें पप्पू सिंह के गु्रप के चार व्यक्तियों की हत्या हो गई थी तथा कौशल चैबे का भतीजा शेरा चैबे भी घायल हो गया था, जिसे कौशल चैबे का बेटा अंशुमन चैबे इलाज के लिये अस्पताल ले गया था। इसी दिन पुलिस से हुई मुठभेड़ में कौशल चैबे का बेटा अंशुमन मारा गया था। इसी रंजिश के कारण कौशल चैबे के भाई शैलेन्द्र कुमार चैबे की भी हत्या हो गई थी तथा इसी रंजिश व विवाद के चलते कौशल चैबे के भाई अरूण कुमार चैबे के साले ने पप्पू सिंह गु्रप के दो व्यक्तियों की हत्या कर दी  थी।
  बलिया में पीडब्लूडी की उक्त घटना के बाद से ही अपराधी कौशल कुमार चैबे ने अपना घर छोड़ दिया था तथा पुलिस की गिरफ्तारी के डर से छिपने तथा काम करने के उद्वेश्य से हरिद्वार आ गया था । हरिद्वार में पूजा-पाठ का काम करते हुए हरिद्वार से ही बलिया के काम को देखता था। इसी दौरान अपराधी कौशल कुमार शिमला में भी 2-3 साल रह कर ठेकेदारी का काम करता रहा उसके बाद अपने रहने का ठिकाना बदल-बदल कर भट्टा गांव (मसूरी), नरेन्द्रनगर (टिहरी), नेपाली तिराहा (रायवाला) एवं वर्ष 2019 माह फरवरी से हरिपुरकलां (रायवाला) में अपनी पत्नी के साथ अपने फ्लैट मे रह रहा था। गिरफ्तार अपराधी कौशल कुमार चैबे ने पूछताछ के दौरान बताया कि, जब वह शिमला में रह रहा था तब एसटीएफ उत्तर प्रदेश की टीम इसे गिरफ्तार करने शिमला आई थी परन्तु एसटीएफ उप्र की टीम से आमना सामना होने के बावजूद वह निकल कर भाग गया था। इसके अलावा देहरादून-ऋषिकेष में कौशल कुमार चैबे के बेटों के शादी के अवसर भी अपराधी कौशल चैबे की मौजूदगी की सम्भावना के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी करने का प्रयास किया परन्तु उस समय यह नहीं मिल सका। कुख्यात अपराधी कौशल कुमार चैबे के विरूद्व बलिया में हत्या, बलवा, गैगेस्टर, गुण्डा अधिनियम एवं धोखाधड़ी आदि से सम्बन्धित लगभग 29 मुकदमें पंजीकृत है।


कुख्यात को पकड़ने वाली एसटीएफ की टीम
निरीक्षक संदीप नेगी, हैडकाॅस्टेबल वेद प्रकाश भट्ट, काॅस्टेबल लोकेन्द्र सिंह व महेन्द्र सिंह

नई दिल्ली I भाजपा और कम्युनिस्ट पार्टियों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों के लिए चर्चा में रहने वाले केरल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए बुरी खबर है. माकपा के एक कार्यकर्ता की हत्या के मामले में एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को संघ के 5 स्वयंसेवकों को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

हत्या का यह मामला 13 जून 2006 का है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरएल बीजू ने हत्या, दंगा और अन्य मामलों में दोषी पाए गए 48 वर्षीय शंकरन मास्टर, 38 वर्षीय विजेश, 48 वर्षीय प्रकाशन और 40 वर्षीय काव्येश पर 50000-50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.

वल्सान समेत 11 रिहा

अदालत ने इसी मामले में आरोपी स्वयंसेवक वल्सान थिलेनकेरी समेत 11 अन्य को रिहा कर दिया. इन सभी पर माकपा कार्यकर्ता केके याकूब पर बम से हमला करने का आरोप था. लगभग 13 वर्ष लंबी चली मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 5 आरोपियों को दोषी ठहराया और अन्य को दोषमुक्त कर दिया.

बता दें कि वाम दलों के गढ़ केरल में भाजपा वर्षों से पांव जमाने की कोशिश कर रही है. इस प्रयास में दोनों दलों के समर्थकों के बीच कई दफे खूनी संघर्ष हो चुका है. 2007 में ऐसी ही एक घटना में सीपीएम के एक अन्य कार्यकर्ता की हत्या हुई थी जिसमें पिछले हफ्ते ही आरएसएस और बीजेपी के 7 कार्यकर्ताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
देहरादून I देहरादून के सहस्रधारा रोड पर हुई फायरिंग में समरजहां का हत्यारोपी अर्पित त्यागी सोमवार को गाजियाबाद में कारबाइन बरामदगी के पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। अर्पित वेस्ट यूपी में अपराध की दुनिया में लंबे समय सक्रिय रहे विक्की त्यागी का बेटा बताया गया है।
पुलिस अब अर्पित त्यागी को वारंट के आधार पर देहरादून लाने की तैयारी में जुट गई है। अधिकारियों का दावा है कि अर्पित दून पुलिस के दबाव के चलते जेल में गया है। शहर के सहस्त्रधारा रोड पर सात मई की रात कार सवार बदमाश ने मुजफ्फरनगर के न्याजूपुरा निवासी समरजहां उर्फ  रिहाना की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।

समरजहां दून में दवा कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता के साथ लिव इन रिलेशन में रहती थी। पुलिस ने 10 मई को राकेश गुप्ता, उसकी पत्नी सीमा और बेटे कार्तिक गुप्ता समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया था। 
पुलिस ने दावा किया था कि कार्तिक गुप्ता ने माता-पिता की मौन स्वीकृति के बाद मुजफ्फरनगर के अर्पित त्यागी को चार लाख रुपये की सुपारी देकर समरजहां की हत्या कराई थी। पुलिस उस दिन से ही अर्पित त्यागी की तलाश में जुटी थी।

मुुख्य आरोपी अर्पित त्यागी सोमवार को पुलिस को चकमा देकर गाजियाबाद कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया। खबर मिलते ही दून पुलिस हाथ मलती रह गई। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि अर्पित त्यागी गाजियाबाद में कारबाइन बरामद होने के पुराने केस में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया है।

चौबे ने दावा किया कि पुलिस लगातार उसके पीछे थी। पुलिस के दबाव में आरोपी ने आत्मसमर्पण किया है। आरोपी अर्पित त्यागी को जल्द ही वारंट के आधार पर दून लाया जाएगा। अर्पित त्यागी मुजफ्फरनगर के शातिर विक्की त्यागी का बेटा बताया गया है। विक्की त्यागी की कई साल पहले पुलिस अभिरक्षा में हत्या कर दी गई थी।

नैनीताल I लिंग परिवर्तन कर पुरुष से महिला बनी महिला की प्राथमिकी पर दुष्कर्म की धारा की बजाय अप्राकृतिक यौन शोषण की धारा में मुकदमा दर्ज करने के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। ट्रांसजेंडर महिला ने अपने मंगेतर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पूर्व में कोर्ट ने पुलिस से कहा भी था कि वह महिला को महिला क्यों नहीं मान रही है। 

कोटद्वार के इस मामले में मंगलवार को न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ में गृह सचिव ने शपथपत्र भी दाखिल किया। शपथपत्र में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के नालसा बनाम भारत सरकार (15 अप्रैल, 2014) के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रांसजेंडर को अपनी पहचान का जेंडर स्वयं चुनने का अधिकार है तथा इसमें राज्य सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।  

इस मामले में कोटद्वार की एक महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस महिला का कहना था कि वह पहले पुरुष थी और उसका परिचय मुंबई के एक पांच सितारा होटल में नौकरी के दौरान कोटद्वार निवासी परीक्षित अरविंद जोशी से हुआ था। दोनों के बीच प्रेम हुआ और इस दौरान वह लिंग परिवर्तन कर महिला बन गई। याची के मुताबिक जोशी ने शादी के बहाने उसे कोटद्वार बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसकी प्राथमिकी याची ने कोटद्वार थाने में आईपीसी की धारा 376 में दर्ज कराई लेकिन कोटद्वार पुलिस ने 376 का मुकदमा दर्ज न करके धारा 377 या अप्राकृतिक यौन शोषण के तहत मुकदमा दर्ज किया।

याची ने सुप्रीम कोर्ट के नालसा बनाम भारत सरकार के मामले में हुए फैसले का हवाला दिया और कहा कि इस फैसले में कोर्ट ट्रांसजेंडर को अधिकार दिया है कि वह अपना जेंडर चुनने के लिए स्वतंत्र है।  लेकिन विवेचक और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विपरीत व्याख्या की और कहा कि याची जन्म से पुरुष है तो इन्हें पुरुष ही माना जाएगा।
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ऋषिकेश,09 मई। एक निजी चिकित्सालय में अपेंडिस का इलाज करवाने गई, महिला की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने चिकित्सालय के बाहर बुधवार की देर रात जमकर हंगामा कांटा ।जिसकी सूचना पर  पुलिस के मौके पर पहुंची। जिसके बाद परिजनों ने दो डॉक्टरों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी । प्राप्त समाचार के अनुसार तपोवन लक्ष्मण झूला सराय निवासी कृष्णा ने बताया कि वह अपनी 47 वर्षीय माता सुमित्रा देवी   जो कि अपेंडिस से पीड़ित थी का इलाज करवाने के लिए मंगलवार की रात निर्मल आश्रम अस्पताल ले गई थी। जहां उन्होंने डॉ. मोहम्मद शोएब से उनकी हालत खराब होने का हवाला देते हुए इलाज कराने के लिए कहा था ।जिसने  बुधवार को देहरादून रोड पर स्थित एक निजी चिकित्सालय में उन्हें बुलाया, जहां उनकी माता को भर्ती किया गया। और वहां पर उनकी माता का ईसी जीऔर ब्लड टेस्ट के साथ   सभी रिपोर्ट नॉर्मल  आने की बात कही गई थी । जिसके बाद उन्हें ऑपरेशन के लिए ले जाया गया ,लेकिन कुछ ही समय बाद उन्हें कहा गया कि उनकी तबीयत ज्यादा खराब है, इसलिए उन्हें हायर सेंटर ले जाए ।जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से 4:30 बजे जौली ग्रांट हॉस्पिटल ले जाया गया ।कृष्णा का आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें वहां यह कहकर भर्ती करने से मना कर दिया, कि उनकी माता की मौत हो चुकी है ।जिसके बाद परिजन वापस देहरादून रोड पर  इससे  उसी चिकित्सालय में पहुंचे जहां उनका ऑपरेशन किया गया था । जहां परिजनों ने उनके माता की  फाइल  देने के लिए कहा था  तो  वहां डॉ. कंडारी द्वारा उनके साथ  अभद्रता पूर्वक बात करते हुए डॉ. मोहम्मद शोएब के  पास फाइल होने की बात कही, लेकिन शोएब भी फाइल देने में आनाकानी करने लगे। जिसके बाद परिजनों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया ।उनका आरोप है कि वे अपनी माता की भर्ती की फाइल डॉक्टर से मांग रहे हैं लेकिन वह नहीं दे रहा है जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची । जहां परिजनों द्वारा देर रात तक हंगामा काटा गया जिसके बाद परिजनों ने ऋषिकेश कोतवाली में  डॉ. मोहम्मद शोएब तथा डॉ. ओएस कण्डारी के खिलाफ तहरीर दी। इस बीच ऋषिकेश आई एम ए से जुड़े तमाम निजी चिकित्सालय के डॉक्टर भी कोतवाली पहुंचे। इस बीच पुलिस ने  मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर  पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है जहां कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने मामले की जांच करवाए जाने के बाद कार्रवाई किए जाने का मृतिका के परिजनों को आश्वासन दिया ।
खेत में पड़ा मिला शव
किराये के कमरे में रहता था डीडीहाट का युवक
देहरादून। एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई उसका शव एक खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पायेगा।
जानकारी के अनुसार गुरुवार की प्रातः मुखानी थाना क्षेत्र में आने वाले प्रेमपुर लोशज्ञानी स्थित एक खेत में आसपास के लोगों ने युवक का शव पड़ा हुआ देखा। इसकी सूचना लोगों ने थाना पुलिस को दी। इस पर थाना प्रभारी नंदन सिंह रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेने के साथ ही जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने जब लोगों से उसकी शिनाख्त करने को कहा तो बताया गया कि मृतक मूल रूप से डीडीहाट का रहने वाला था। वह यहां तीन साल से प्रेमपुर लोशज्ञानी में किराये के मकान में रहता था। आधार कार्ड के आधार पर उसकी शिनाख्त 27 वर्षीय मनोज राम पुत्र शंकर राम के रूप में की गई। आसपास के लोगों ने बताया कि वह नशे का आदी था। साथ ही पुलिस पूछताछ में पता चला कि करीब सप्ताह भर पूर्व उसके पिता शंकर राम उससे मिलने किराये के मकान में आये हुए थे लेकिन मृतक ने उनसे बातचीत करने से इंकार कर दिया था। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पायेगा। साथ ही पुलिस ने मृतक के परिजनों को भी मामले से अवगत करा दिया है। बताया जाता है कि मृतक के रिश्तेदार हल्द्वानी में निवास करते हैं।
ऋषिकेश,07 मई। आईडीपीएल पुलिस चौकी अंतर्गत मनसा देवी क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर बाद नवनिर्माण धीन मकान पर कार्यरत एक मजदूर की हाई वोल्टेज बिजली की तारों में चिपक कर मौत हो गई ।प्राप्त समाचार के अनुसार मनसा देवी क्षेत्र में एक मजदूर पंडित मनोज पाठक  उम्र 24 साल पता अज्ञात कि उस समय मौत हो गई ,जब नवनिर्माणधीन मकान पर कार्य कर रहा था। कि अचानक छत पर सरिया ले जाते हुए हाई वोल्टेज की लाइन से टकरा गया। जिसके कारण फैले करंट से मजदूर की घटनास्थल पर ही बिजली के करंट से झुलस कर मौत हो गई ।जिसे राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया जिसकी सूचना पुलिस को दी गई जिसने जांच प्रारंभ कर दी है।