देहरादून I इंवेस्टर्स समिट की तर्ज पर प्रदेश सरकार अब वेलनेस समिट का आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर उद्योग विभाग समिट की कार्ययोजना बनाने में जुट गया है। ये समिट चार प्रमुख सेक्टरों पर केंद्रित होगा। इसमें आयुर्वेद, योग, पर्यटन, स्वास्थ्य प्रमुख हैं। सरकार प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से सर्विस सेक्टर को प्रोत्साहित कर रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए चार सेक्टर तय किए गए हैं।
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देहरादून I उत्तराखंड में अब अगर कोई बगैर मानक पूरे किए ही स्कूल चलाता पकड़ा गया तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। टिहरी जिले के जाखणीधार में बिना मान्यता के चले रहे स्कूल के दस बच्चों की सड़क हादसे में मौत के बाद शिक्षा विभाग की ओर से अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं।
अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट की ओर मुख्य शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि विद्यालयों को मान्यता देते समय विभागीय नीति एवं निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि प्रबंधन बिना मान्यता के स्कूल चलाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।
अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने मुख्य शिक्षा अधिकारियों को दिए निर्देश में कहा कि अपने जनपदों के अंतर्गत विकासखंडवार अमान्यता वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर इसकी रिपोर्ट अपर निदेशक कार्यालय को भेजें।
इस दौरान अधिकारी यह भी देखें कि यह विद्यालय कब से संचालित हो रहे हैं और इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षक प्रशिक्षित एवं योग्यताधारी हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूलों की भी सूची तैयार की जाए, जहां बच्चों के स्कूल जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है।
अधिकारी वाहनों का रजिस्ट्रेशन, वर्ष, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन स्वामी का पता भी प्राप्त करें। वाहनों की सूची फिटनेस चैक करने के लिए संबंधित आरटीओ को भी उपलब्ध करा दें। अधिकारी निर्धारित सीट से ज्यादा बच्चों को ले जाने वाले वाहनों पर नजर रखें और इसकी शिकायत आरटीओ से करें।
अपर निदेशक ने कहा कि जाखणीधार में हुए सड़क हादसे में जहां विद्यालय प्रबंधन जिम्मेदार है, वहीं इसके लिए परिवहन विभाग एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी दोषी माना गया है।
...तो बीईओ के खिलाफ होगी कार्रवाई
शासन ने प्रदेश में बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि इन स्कूलों की सूची तलब की गई है। इस तरह के स्कूलों के मामलों में संबंधित क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुंदरम ने कहा कि बगैर मान्यता वाले स्कूलों के प्रकरण में उन अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी, जिनके द्वारा मान्यता के प्रकरणों पर स्थिति स्पष्ट करने के बजाए उन्हें लटकाया गया है।
चाहें फिर वह खंड स्तर का अधिकारी हो, जिला शिक्षा अधिकारी हो या फिर शासन में बैठा कोई अधिकारी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने स्कूल की मान्यता के लिए विधिवत आवेदन किया है तो फाइल पर हां या न को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। ऐसा न कर यदि बिना किसी ठोस कारण के मामला लटकाया गया तो ऐसे अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
देहरादून I छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर वेतन निर्धारण में नुकसान उठा रहे राजकीय, अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को बड़ी राहत मिल गई है। इनकी वेतन वृद्धि पर शासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
इन दोनों स्थितियों में करीब छह हजार शिक्षकों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। जिन शिक्षकों से वसूली हो चुकी है, उन्हें अब विभाग की ओर से वसूली गई रकम लौटाई जाएगी। वित्त ने दोनों शासनादेश जारी कर दिए हैं।
छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को एक जनवरी 2006 से उच्चीकृत वेतनमान का लाभ दिया गया था। वास्तविक रूप से इन्हें इसका फायदा एक अप्रैल 2009 से मिलना शुरू हुआ।
बाद में जारी हुए शासनादेशों में वेतन निर्धारण को लेकर संशय उठ खड़ा हुआ। यह साफ नहीं हो रहा था कि इन शिक्षकों को उच्चीकृत वेतनमान एक जुलाई 2006 से मिलेगा या उच्चीकृत वेतनमान में वेतन निर्धारण के बाद एक वर्ष बाद से देय होगा।
अब वित्त विभाग ने साफ कर दिया है कि वेतन निर्धारण होने पर वार्षिक वेतन वृद्धि जनवरी 2006 या जुलाई 2006 से होगी। यह साफ होने से उन शिक्षकों को भी राहत मिली है, जिनके ऊपर अधिक वेतन वृद्धि के नाम पर वसूली की तलवार लटकी हुई थी। शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले में इस तरह के शिक्षकों से वेतन वसूली शुरू तक कर दी थी।
इसी तरह वित्त ने यह साफ कर दिया है कि पदोन्नति के पदों पर ग्रेड वेतन के सापेक्ष न्यूनतम वेतन से कम निर्धारण होने पर भी समकक्ष ग्रेेड वेतन में न्यूनतम वेतन दिया जाएगा। सीधी भर्ती या पदोन्नति दोनों तरह से नियुक्ति वाले पदों पर न्यूनतम वेतन से कम मिलने पर पदोन्नति की तिथि से नोशनल और 18 दिसंबर 2018 से वास्तविक लाभ दिया जाएगा।
राजकीय शिक्षक संघ पिछले 10 साल से इस बात के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। यह दोनों आदेश होने से करीब छह हजार शिक्षकों को किसी न किसी रूप में फायदा होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि शिक्षकों को वसूली के डर से निजात मिलेगी।
- सोहन सिंह माझिला, प्रांतीय महामंत्री, राजकीय शिक्षक संघ
अब वित्त विभाग ने साफ कर दिया है कि वेतन निर्धारण होने पर वार्षिक वेतन वृद्धि जनवरी 2006 या जुलाई 2006 से होगी। यह साफ होने से उन शिक्षकों को भी राहत मिली है, जिनके ऊपर अधिक वेतन वृद्धि के नाम पर वसूली की तलवार लटकी हुई थी। शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले में इस तरह के शिक्षकों से वेतन वसूली शुरू तक कर दी थी।
इसी तरह वित्त ने यह साफ कर दिया है कि पदोन्नति के पदों पर ग्रेड वेतन के सापेक्ष न्यूनतम वेतन से कम निर्धारण होने पर भी समकक्ष ग्रेेड वेतन में न्यूनतम वेतन दिया जाएगा। सीधी भर्ती या पदोन्नति दोनों तरह से नियुक्ति वाले पदों पर न्यूनतम वेतन से कम मिलने पर पदोन्नति की तिथि से नोशनल और 18 दिसंबर 2018 से वास्तविक लाभ दिया जाएगा।
राजकीय शिक्षक संघ पिछले 10 साल से इस बात के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। यह दोनों आदेश होने से करीब छह हजार शिक्षकों को किसी न किसी रूप में फायदा होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि शिक्षकों को वसूली के डर से निजात मिलेगी।
- सोहन सिंह माझिला, प्रांतीय महामंत्री, राजकीय शिक्षक संघ
देहरादून I दून की आबोहवा लगातार जहरीली होती जा रही है, लेकिन आबोहवा में कितना जहर घुल रहा है इसका किसी को पता नहीं है। राज्य बनने के 19 साल बाद भी उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दून में इसकी मॉनिटरिंग के लिए कोई सिस्टम नहीं लगा पाया। महीने में एक बार तीन जगह मैन्युअली आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं और इन्हें साल में एक बार दीपावली पर जारी किया जाता है।
शुद्ध आबोहवा के मशहूर रहे देहरादून की फिजां अब बदल चुकी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ही आंकड़ों को मानें तो दून में प्रदूषण का स्तर दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों के करीब पहुंचने वाला है। बावजूद इसके भी न तो सरकार और नहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चेत रहा है। देश के हर बड़े शहर में एयर मॉनिटरिंग सिस्टम लगे हैं, लेकिन देहरादून में नहीं। इस सिस्टम से पल लोगों को प्रदूषण के स्तर की जानकारी मिलती है।
दून में प्रदूषण की मात्रा में वृद्धि चिंताजनक है। सरकार को अंधाधुध निर्माणों पर अकुंश, वाहनों पर रोक, इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग सहित कई सुझाव दिए गए हैं। जल्द ही दून के घंटाघर पर एयर मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
- एसपी सुबुद्धि, सदस्य सचिव, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
खतरनाक तरीके से बढ़ रहा प्रदूषण
दून के दिल कहे जाने वाले घंटाघर पर पार्टिकुलेट मैटर यानि पीएम-10 (वातावरण में धूल के कण का स्तर) मानकों से कहीं गुना अधिक है। आईएसबीटी, रायपुर रोड पर भी हालात बदत्तर हैं।
प्रदूषण की स्थिति
घंटाघर 171.59
रायपुर 117
आइएसबीटी 212
(पीएम-10 की स्थिति माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर में)
यह है मानक:
विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाईड लाइन के मुताबिक पीएम-10 की वार्षिक औसत स्तर 20 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होना चाहिए। जबकि 24 घंटे के लिए इसका स्तर 50 माइक्रो ग्राम प्रति घनमीटर होना चाहिए। वहीं पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के हिसाब से यह मात्रा साल भर के लिए 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और 24 घंटे के लिए 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होना चाहिए। दोनों के मानकों के हिसाब से दून में पीएम-10 की मात्रा दो गुनी से अधिक है।
यह है पीएम-10 बढ़ने की वजह
विशेषज्ञों की मानें तो पीएम-10 बढ़ने का मुख्य कारण कारखानों से निकलने वाला घुंआ, गंदगी, सड़कों की धूल, परिवहन का अत्याधिक लोड, ईंधन, अपशिष्ट जल, जंगलों में लगने वाली आग प्रमुख है।
यह हो सकता है नुकसान: डॉक्टरों के मुताबिक पीएम-10 का कण मनुष्य के बाल से तीस गुना अधिक महीन होता है। गहरी सांस लेने पर यह फेफड़ों तक पहुंच जाता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मुकेश सुद्रिंयाल ने बताया कि इससे दिल का दौरा, स्ट्रोक, फेफड़ों का कैंसर व सांस संबंधी बीमारी हो सकती है।
खटीमा I भीषण गर्मी के चलते खेतों में जुताई से घर लौट रहे प्यासे बैल हैरो सहित नहर में कूद गए और रस्सी पकड़े किसान भी नहर में जा गिरा। हैरों की वजह बैल जहां डूबने लगे वहीं किसान की भी जान सांसत में आग गई।
किसान को अपनी मौत सामने दिखाई देने लगी तभी एक बैल ने उसे उठाकर फेंक दिया, बांस की टहनी हाथ में आने से किसान की जान बच गई। लेकिन, दोनों बैल हैरो के भारी वजह के चलते डूब गए। हैरो का वजन उन्हें पानी के अंदर खींचने लगा
बगुलिया निवासी श्याम सुंदर रोज की तरह शुक्रवार को भी बैलों को लेकर ऊंची बगुलिया खेत जोतने गया था और दोपहर को लौट रहा था। बैलों की जोड़ी नहर की पटरी पर आते ही हैरो सहित नहर में कूद गई, जिनकी रस्सी पकड़े श्याम सुंदर भी नहर में जा गिरा।
बैल और स्वामी नहर में डूबते-उतराते डेढ़ सौ मीटर तक पहुंच गए। उसी दौरान बैलों का जोड़ा एक गिरे पेड़ में अटक गया और हैरो का वजन उन्हें पानी के अंदर खींचने लगा।
बैलों के मुआवजे की मांग
मौत से जूझ रहे तड़पते बैल ने श्याम सुंदर को उठाकर फेंक दिया। यही श्याम सुंदर के लिए वरदान साबित हुआ क्योंकि जहां वह गिरा उसके हाथ नदी के किनारे लगे बांस के पेड़ की लटकती टहनी आ गई, जिसके सहारे वह बाहर आ गया। लेकिन, बैलों ने तड़पते-तड़पते जान दे दी।
बाहर आने पर जब श्याम सुंदर ने देखा तो बैल डूब चुके थे। जानकारी मिलने पर गांव के लोग इकट्ठे हुए। मरे हुए बैलों और हैरो को बाहर निकाला। ग्राम प्रधान अमरजीत सिंह कुशवाहा, पूर्व प्रधान रामाधार पप्पू, मोतीलाल, राम बढ़ाई, राजेंद्र कुमार आदि ने बैलों के मुआवजे की मांग की है।
देहरादून: प्रदेश के नौ जिलों में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार देहरादून, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिले के कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
जबकि रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, बागेश्वर जिलों में भी कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश में लगातार बारिश का मौसम बना हुआ है।
अगले दो दिन प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इस पर विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है। हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही रोकने का सुझाव दिया गया है। साथ ही राज्य सरकार से अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
कैलाश यात्रा मार्ग पर पंग्बाबे में गिरे बोल्डर
लगातार हो रही बारिश सड़कों पर भारी पड़ रही हैं। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में दर्जनभर सड़कें बोल्डरों से पट गईं हैं। जहां-तहां मार्ग बंद होने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। पंग्बाबे के पास बोल्डर गिरने से कैलाश यात्रा मार्ग भी बंद हो गया है।
जौलजीबी-मदकोट-मुनस्यारी सड़क कई स्थानों में रोखड़ में तब्दील हो गई है। थल-मुनस्यारी सड़क भारी वाहनों के लिए बंद हो गया है। जड़बुंगा-अमल्यानी संपर्क मार्ग, हुनरी-तल्ला खुमती संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इनके अलावा, जौलजीबी-मुनस्यारी, समकोट-मुनस्यारी मार्ग बंद हैं। बलतिर-अल्काथल सड़क एक सप्ताह से बंद है। इसे अब तक नहीं खोलने पर ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई।
बागेश्वर जिले में सात सड़कें अब भी बंद हैं। इनमें पोथिंग-शोभाकुंड मोटर मार्ग नौ दिन से बंद है। कपकोट-कर्मी-बघर, कपकोट-कर्मी-तोली सड़क पांच दिन से बंद हैं। डंगोली-कलानी, कपकोट-पोलिंग और रीमा-सनेती-बैकुड़ी भी बंद हैं।
देहरादून। अक्सर विवादों में रहने वाले खानपुर के भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का एक नया वीडियो सोशल मीडिया में जारी हुआ है। हालांकि यह वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। इस वीडियो को कुछ ही देर में हजारों लोगों ने देख लिया है।
विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का मंगलवार देर रात एक वीडियो वायरल होते ही चर्चाओं में आ गया। वीडियो में चैंपियन डांस करते नजर आ रहे हैं। फिल्मी गाने पर डांस के दौरान वह हाथों में बंदूक लिए हैं। साथ ही दो पिस्टल भी उनके हाथ में दिखाई दे रही है। बाद में एक पिस्टल मुंह में दबाकर भी वह डांस करते नजर आए। इस दौरान शराब पीते भी वह दिखाई दिए। डांस के दौरान वे अभद्र भाषा का भी प्रयोग कर रहे हैं। साथ ही, उत्तराखंड के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग भी उन्होंने इस वीडियो में किया है।
वीडियो में चैंपियन दोनों हाथों में हथियार पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ में तीन-चार लोग भी हैं। यह वीडियो कब का हैं, इसे लेकर कोई पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि पिछले तीन सप्ताह से चैंपियन खानपुर में नहीं हैं। वे दिल्ली बताए जा रहे हैं। पिछले दिनों लंढौरा में नगर बोर्ड की बैठक में चैंपियन ने नगर पालिकाध्यक्ष को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य खराब होने की बात कही थी।
विधायक चैंपियन ऐसे वीडियो और आपत्तिजनक भाषा के लिए कई बार विवादों में आ चुके हैं। भाजपा ने उन्हें उनके अभद्र व्यवहार के लिए तीन माह के लिए सदस्यता से निलंबित किया है। इस संबंध में विधायक से किसी प्रकार का संपर्क नहीं हो पाया। देर रात भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी है।
देहरादून I उत्तराखंड में श्रीनगर और बाजपुर नगर निकायों में सोमवार को अध्यक्ष और सभासदों के पदों के लिए मतदान होगा। दून और ऋषिकेश नगर निगम के एक-एक वार्ड के लिए भी सोमवार को ही मतदान कराया जा रहा है।
उत्तराखंड की 84 नगर निकायों के लिए वर्ष 2018 में चुनाव कराए जा चुके हैं, लेकिन श्रीनगर और बाजपुर नगर पालिका परिषदों में तकनीकी वजह से चुनाव नहीं हो पाए थे। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 15 जुलाई, 2019 से पहले चुनाव कराने के आदेश दिए थे।
इस पर सरकार ने तेजी दिखाते हुए चुनाव कार्यक्रम पर मुहर लगाई। इस क्रम में सोमवार को अब मतदान हो रहा है। श्रीनगर और बाजपुर दोनों ही जगह अध्यक्ष के एक-एक पद के अलावा 13-13 सभासदों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं।
श्रीनगर में 44 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है और इनके भाग्य का फैसला 25 हजार 126 मतदाताओं को करना है। श्रीनगर से उलट बाजपुर में मतदाता थोडे़ कम हैं। यहां पर 23 हजार 113 मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे, लेकिन प्रत्याशियों की संख्या श्रीनगर के मुकाबले ज्यादा हैं।
यहां पर 74 प्रत्याशी चुनाव मैदान में दम भर रहे हैं। इन दो निकायों के अलावा दून नगर निगम में वार्ड संख्या 61 आमवाला तरला और ऋषिकेश नगर निगम के वार्ड संख्या तीन दुर्गा मंदिर में सभासद के एक-एक पद के लिए भी सोमवार को मतदान होने जा रहा है।
फोटो खींचने पर दर्ज होगा मुकदमा
मतगणना स्थल जीजीआईसी परिसर में आयोजित कार्मिकों की बैठक में डीएम डॉ. खैरवाल ने कहा कि नगर पालिका चुनाव में शांतिभंग करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। बूथ से 200 मीटर की दूरी पर राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता बस्ता लेकर बैठेंगे।
बैठक में एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने कहा कि मतदान केंद्रों पर तैनात कार्मिक पूरी निष्पक्षता से ड्यूटी का पालन करें। चुनाव में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बूथ के अंदर फोटोग्राफी करने पर संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि बूथ से 100 मीटर की दूरी पर कोई भी प्रचार प्रसार सामग्री नहीं होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों का आचरण भी पारदर्शिता का होना चाहिए।
मतदान केंद्रों पर अनावश्यक रूप से भीड़ जमा ना हो। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बल मतदाता सहित अन्य लोगों को मोबाइल पर रोक लगाए, जिससे कोई भी व्यक्ति मोबाइल लेकर बूथ के अंदर ना पहुंचे। उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र में बनाए गए 26 बूथों में 16 बूथ अतिसंवेदनशील हैं। इन बूथों पर विशेष रूप से पुलिस बल तैनात रहेगा। मतदान को शांतिपूर्वक कराने के लिए अधीनस्थ अधिकारी सतर्कता बनाए रखे। राज्य सीमा के मार्गों पर बैरियर लगाकर चेकिंग की जाएगी।
बैठक में एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने कहा कि मतदान केंद्रों पर तैनात कार्मिक पूरी निष्पक्षता से ड्यूटी का पालन करें। चुनाव में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बूथ के अंदर फोटोग्राफी करने पर संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि बूथ से 100 मीटर की दूरी पर कोई भी प्रचार प्रसार सामग्री नहीं होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों का आचरण भी पारदर्शिता का होना चाहिए।
मतदान केंद्रों पर अनावश्यक रूप से भीड़ जमा ना हो। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बल मतदाता सहित अन्य लोगों को मोबाइल पर रोक लगाए, जिससे कोई भी व्यक्ति मोबाइल लेकर बूथ के अंदर ना पहुंचे। उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र में बनाए गए 26 बूथों में 16 बूथ अतिसंवेदनशील हैं। इन बूथों पर विशेष रूप से पुलिस बल तैनात रहेगा। मतदान को शांतिपूर्वक कराने के लिए अधीनस्थ अधिकारी सतर्कता बनाए रखे। राज्य सीमा के मार्गों पर बैरियर लगाकर चेकिंग की जाएगी।
मतदान सामग्री लेकर पहुंची पोलिंग पार्टियां
बाजपुर में एसडीएम/आरओ एपी वाजपेयी ने बताया कि नगर पालिका परिषद चुनाव के लिए रविवार को जीजीआईसी में बने मतगणना स्थल से मतदान सामग्री का वितरण किया गया।
नगर क्षेत्र में मतदान के लिए 26 बूथ बनाए हैं, जिसमें 16 बूथ अतिसंवेदनशील हैं। मतदान बूथों पर तैनात 26 पोलिंग पार्टियों को मतदान सामग्री देकर उन्हें बूथों के लिए वाहनों से रवाना किया गया। एक बूथ पर मतदान कराने के लिए पीठासीन अधिकारी समेत चार कार्मिक तैनात रहेंगे। 26 बूथों पर 105 कार्मिक तैनात किए गए हैं।
आरक्षित तौर पर 20 कार्मिकों को रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इन कार्मिकों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। इसके अलावा मतदान चुनाव के लिए दो प्लाटून पीएसी, 33 महिला कांस्टेबल, 131 सिपाही, 6 हेड कांस्टेबल, 27 दरोगा, एक निरीक्षक, एक सीओ सहित अन्य अधिकारियों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई हैं।
वही श्रीनगर में नगर पालिका चुनाव के लिए सभी 28 पोलिंग पार्टियां मतदान स्थलों में पहुंच गई हैं। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी डीएस गर्ब्याल ने मतदान टोलियों को श्रीनगर तहसील ऑफिस से रवाना किया। नगर पालिका श्रीनगर में आज अध्यक्ष व 12 सभासद पदों के लिए मतदान होना है। कुल 13 वार्ड में 28 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इसके लिए 28 मतदान टोली बनाई गई हैं, जबकि 5 टीमें रिजर्व में रखी गयी हैं। एक टीम में पीठासीन अधिकारी चार कर्मचारी शामिल हैं।
रविवार को तहसील परिसर में मतदान टोलियों को मतदान सामग्री देने के बाद रवाना किया गया। इस मौके पर डीएम गर्ब्याल, चुनाव प्रेक्षक हंसादत्त पांडे, रिटर्निंग अफसर एसडीएम दीपेंद्र नेगी, रिटर्निंग अफसर नगर सेवा योजन अधिकारी मुकेश रयाल, एआरओ तहसीलदार सुनील राज व एआरओ जिला पूर्ति अधिकारी जेएस कंडारी आदि मौजूद थे।
नगर क्षेत्र में मतदान के लिए 26 बूथ बनाए हैं, जिसमें 16 बूथ अतिसंवेदनशील हैं। मतदान बूथों पर तैनात 26 पोलिंग पार्टियों को मतदान सामग्री देकर उन्हें बूथों के लिए वाहनों से रवाना किया गया। एक बूथ पर मतदान कराने के लिए पीठासीन अधिकारी समेत चार कार्मिक तैनात रहेंगे। 26 बूथों पर 105 कार्मिक तैनात किए गए हैं।
आरक्षित तौर पर 20 कार्मिकों को रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इन कार्मिकों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। इसके अलावा मतदान चुनाव के लिए दो प्लाटून पीएसी, 33 महिला कांस्टेबल, 131 सिपाही, 6 हेड कांस्टेबल, 27 दरोगा, एक निरीक्षक, एक सीओ सहित अन्य अधिकारियों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई हैं।
वही श्रीनगर में नगर पालिका चुनाव के लिए सभी 28 पोलिंग पार्टियां मतदान स्थलों में पहुंच गई हैं। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी डीएस गर्ब्याल ने मतदान टोलियों को श्रीनगर तहसील ऑफिस से रवाना किया। नगर पालिका श्रीनगर में आज अध्यक्ष व 12 सभासद पदों के लिए मतदान होना है। कुल 13 वार्ड में 28 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इसके लिए 28 मतदान टोली बनाई गई हैं, जबकि 5 टीमें रिजर्व में रखी गयी हैं। एक टीम में पीठासीन अधिकारी चार कर्मचारी शामिल हैं।
रविवार को तहसील परिसर में मतदान टोलियों को मतदान सामग्री देने के बाद रवाना किया गया। इस मौके पर डीएम गर्ब्याल, चुनाव प्रेक्षक हंसादत्त पांडे, रिटर्निंग अफसर एसडीएम दीपेंद्र नेगी, रिटर्निंग अफसर नगर सेवा योजन अधिकारी मुकेश रयाल, एआरओ तहसीलदार सुनील राज व एआरओ जिला पूर्ति अधिकारी जेएस कंडारी आदि मौजूद थे।
देहरादून I प्रदेश के सात जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश हो सकती है। वहीं, छह से आठ जुलाई तक इन जिलों में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इससे नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो सकती है।
इसको देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को राजधानी देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
प्रदेश के अन्य इलाकों में भी अच्छी बारिश होगी। छह से आठ जुलाई तक देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। भारी बारिश से नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मानसून राज्य के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। अब अगले कुछ दिन भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि राजधानी दून समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश देखने को मिलेगी।
अब बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की अभिषेक व अन्य विशेष पूजा के लिए तीर्थयात्रियों को दिल्ली में भी बुकिंग की सुविधा मिल सकेगी। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) दिल्ली में यात्रा का बुकिंग काउंटर खोलने जा रही है।
इसके साथ ही समिति ने देश के महानगरों में भी अपने यात्री विश्राम गृह बनाने की योजना तैयार की है। बदरीनाथ धाम और केदारनाथ में साल दर साल बढ़ रही तीर्थयात्रियों की संख्या को देखते हुए बीकेटीसी ने दिल्ली में भी विशेष पूजा की बुकिंग की योजना बनाई है।
इसके लिए समिति की ओर से दिल्ली में भूमि चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। समिति लखनऊ, दिल्ली और हरिद्वार में अपने यात्री विश्राम गृह भी बनाएगी, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों से तीर्थयात्रा पर पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को महानगरों में भी सस्ते दामों में ठहरने की सुविधा मिल सके।
इसके लिए समिति की ओर से दिल्ली में भूमि चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। समिति लखनऊ, दिल्ली और हरिद्वार में अपने यात्री विश्राम गृह भी बनाएगी, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों से तीर्थयात्रा पर पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को महानगरों में भी सस्ते दामों में ठहरने की सुविधा मिल सके।
बीकेटीसी के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने बताया कि तीर्थयात्री धामों में अत्यधिक भीड़भाड़ और जानकारी के अभाव में बदरीनाथ और केदारनाथ में विभिन्न पूजा में प्रतिभाग नहीं कर पाते हैं।
तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली में पूजा का काउंटर स्थापित किया जाएगा। काउंटर पर शीतकाल और ग्रीष्मकाल में बदरीनाथ और केदारनाथ की पूजा के लिए बुकिंग की जा सकेगी। साथ ही लखनऊ और दिल्ली में तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान ठहरने के लिए यात्री विश्राम गृह की सुविधा भी दी जाएगी। यह कार्य अगले वर्ष से शुरू कर दिया जाएगा।
तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली में पूजा का काउंटर स्थापित किया जाएगा। काउंटर पर शीतकाल और ग्रीष्मकाल में बदरीनाथ और केदारनाथ की पूजा के लिए बुकिंग की जा सकेगी। साथ ही लखनऊ और दिल्ली में तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान ठहरने के लिए यात्री विश्राम गृह की सुविधा भी दी जाएगी। यह कार्य अगले वर्ष से शुरू कर दिया जाएगा।
हरिद्वार I आर्टिकल-15 फिल्म के प्रदर्शन को लेकर हरिद्वार और रुड़की में बवाल हो गया। ब्राह्मण समाज के लोगों के विरोध को देखते हुए रुड़की में फिल्म आर्टिकल-15 के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। एएसडीएम ने सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद पुलिस ने सिनेमा हॉल मालिकों को अग्रिम आदेशों तक फिल्म का प्रदर्शन न करने के आदेश जारी कर दिए। लिहाजा शुक्रवार को आरआर सिनेमा और नीलम टॉकिज में आर्टिकल-15 के शो नहीं चले।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना के बैनर तले ब्राह्मण समाज के लोगों ने एएसडीएम रविंद्र सिंह नेगी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि फिल्म आर्टिकल-15 के कुछ दृश्यों से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना के बैनर तले ब्राह्मण समाज के लोगों ने एएसडीएम रविंद्र सिंह नेगी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि फिल्म आर्टिकल-15 के कुछ दृश्यों से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
हरिद्वार में प्रदर्शन कर बंद कराया ‘आर्टिकल-15’ का प्रसारण
फिल्म में जातिवाद का जहर घोलकर समाज को तोड़ने का प्रयास किया गया है। इससे ब्राह्मण समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। ब्राह्मण समाज के लोगों ने रुड़की के सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की।
एएसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी को आदेश दिए गए हैं कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिल्म के प्रदर्शन पर फिलहाल रोक लगाई जाए।
वहीं, फिल्म ‘आर्टिकल-15‘ का विरोध कर रहे संगठनों ने सिडकुल स्थित सिनेमाघर में रिलीज हुई फिल्म का प्रसारण बंद करा दिया। फिल्म के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान सिनेमा हॉल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार श्री ब्राह्मण सभा, परशुराम सेना तथा अन्य संगठनां के प्रतिनिधि सुबह से ही सिनेमाहॉल में पहुंच गए थे। इस दौरान श्री ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि फिल्म ब्राह्मण समाज को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश है। फिल्म में ब्राह्मण और महंतों के नाम लेकर बदनाम किया गया है। श्री ब्राह्मण सभा इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
एएसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी को आदेश दिए गए हैं कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिल्म के प्रदर्शन पर फिलहाल रोक लगाई जाए।
वहीं, फिल्म ‘आर्टिकल-15‘ का विरोध कर रहे संगठनों ने सिडकुल स्थित सिनेमाघर में रिलीज हुई फिल्म का प्रसारण बंद करा दिया। फिल्म के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान सिनेमा हॉल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार श्री ब्राह्मण सभा, परशुराम सेना तथा अन्य संगठनां के प्रतिनिधि सुबह से ही सिनेमाहॉल में पहुंच गए थे। इस दौरान श्री ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि फिल्म ब्राह्मण समाज को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश है। फिल्म में ब्राह्मण और महंतों के नाम लेकर बदनाम किया गया है। श्री ब्राह्मण सभा इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने देश भर के सिनेमा मालिकों से अपील की कि इस फिल्म का प्रदर्शन न करें। उन्होंने कहा कि देशभर में फिल्म का प्रसारण पूर्ण रूप से बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सेंसर बोर्ड ने फिल्म का प्रसारण नहीं रोका तो ब्राह्मण समाज उग्र आंदोलन करेगा। परशुराम सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी विवेकानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि इस फिल्म में ब्राह्मण समाज के व्यक्तियों को अभियुक्त दर्शाकर उन्हें कलंकित किया गया है।
देश भार्गव व अंकुश उपाध्याय ने कहा कि यह फिल्म हिंदू समाज में विद्वेष फैलाने वाली है। इसलिए फिल्म आर्टिकल-15 पर शीघ्र बैन लगाया जाना चाहिए। उन्होंने थियेटर मालिकों को चेताया कि ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत करने वाली फिल्म का प्रदर्शन कतई न करें। वेब सिनेमा प्रबंधक ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए फिल्म का प्रसारण बंद करा दिया।
देश भार्गव व अंकुश उपाध्याय ने कहा कि यह फिल्म हिंदू समाज में विद्वेष फैलाने वाली है। इसलिए फिल्म आर्टिकल-15 पर शीघ्र बैन लगाया जाना चाहिए। उन्होंने थियेटर मालिकों को चेताया कि ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत करने वाली फिल्म का प्रदर्शन कतई न करें। वेब सिनेमा प्रबंधक ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए फिल्म का प्रसारण बंद करा दिया।
चमोली I उत्तराखंड के चमोली जिले के कांडई-चंद्रशिला गांव की मोनिका राणा का भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक के पद पर चयन हुआ है। इससे क्षेत्र में खुशी की लहर है। मोनिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। उनका कहना है कि कठिन परिश्रम और लगन से की गई मेहनत से ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मोनिका का परिवार वर्तमान में देहरादून में रह रहा है। उनके पिता शिशुपाल सिंह राणा सेना के शिक्षा कोर से नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि माता ऊषा राणा गृहणी हैं। मोनिका तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी है।
उसकी एक बहन दीपिका राणा दिल्ली में आईएएस की तैयारी कर रही हैं, जबकि छोटी बहन सोनी राणा भारतीय सेना के नेवी हॉस्पिटल मुंबई में नर्सिंग ऑफिसर का प्रशिक्षण ले रही हैं। भाई सूरज राणा डीबीएस कॉलेज देहरादून में बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र है।
मोनिका के वैज्ञानिक बनने पर उसके चाचा प्रेम सिंह राणा, कुंवर सिंह, यशवंत राणा, ग्राम प्रधान मनोरमा भंडारी और भगत सिंह ने कहा कि मोनिका ने क्षेत्र का ही नहीं संपूर्ण प्रदेश का नाम रोशन किया है।
देहरादून I त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे राज्य निर्वाचन आयोग ने खर्च की सीमा को दोगुना कर दिया है। साथ ही नामांकन पत्रों के शुल्क से लेकर जमानत राशि तक में बढ़ोत्तरी कर दी गई है।
पंचायत चुनाव का कार्यक्रम अभी जारी नही हुआ है। राज्य निर्वाचन आयोग इससे पहले की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जुलाई-अगस्त में हरिद्वार को छोड़कर बाकी 12 जिलों में पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
अधिकतम व्यय राशि (रुपये में)
पद अब पहले
सदस्य ग्राम पंचायत 10000 5000
उपप्रधान, ग्राम पंचायत 15000 7500
प्रधान ग्राम पंचायत 50000 25000
सदस्य क्षेत्र पंचायत 50000 25000
सदस्य जिला पंचायत 1,40000 70000
कनिष्ठ उपप्रमुख 50000 25000
ज्येष्ठ उपप्रमुख 60000 30000
प्रमुख क्षेत्र पंचायत 1,40000 70000
उपाध्यक्ष जिला पंचायत 2,50000 125000
अध्यक्ष जिला पंचायत 3,50000 175000
सदस्य ग्राम पंचायत 10000 5000
उपप्रधान, ग्राम पंचायत 15000 7500
प्रधान ग्राम पंचायत 50000 25000
सदस्य क्षेत्र पंचायत 50000 25000
सदस्य जिला पंचायत 1,40000 70000
कनिष्ठ उपप्रमुख 50000 25000
ज्येष्ठ उपप्रमुख 60000 30000
प्रमुख क्षेत्र पंचायत 1,40000 70000
उपाध्यक्ष जिला पंचायत 2,50000 125000
अध्यक्ष जिला पंचायत 3,50000 175000
देहरादून। विधानसभा सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस के तेवर सीएम कार्यालय में भ्रष्टाचार को लेकर काफी तल्ख रहे। सदन शुरू होते ही कांग्रेस ने समस्त नियमों का निलंबन करते हुए सीएम के करीबियों पर लेनदेन का आरोप लगाया और इस पर चर्चा की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री के इस मामले के कोर्ट में होने पर चर्चा नहीं कराई जाने के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने हंगामा जारी रखा और संबंधित स्टींग के पेन ड्राइव को भी दिखाया। विधायकों के हंगामे के बीच पंचायती राज संशोधित विधेयक सदन में पेश करने के बाद पारित कर दिया गया। साथ ही सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बीच पंचायती राज संशोधित विधेयक सदन में पेश किया गया। संसदीय कार्यमंत्री मैदान कौशिक ने कहा कि अब पंचायत चुनाव में केवल दो बच्चों वालों को ही लड़ने का मिलेगा मौका मिलेगा। साथ ही आवेदक की न्यूनतम शेक्षिक योग्यता भी तय कर दी गई है।
सामान्य वर्ग के लिए दसवीं और महिला एससी, एसटी के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य है। राज्यपाल की मंज़ूरी मिलते ही विधेयक तत्काल लागू हो जाएगा। इसके बाद आने वाले पंचायत चुनाव संशोधित विधेयक के आधार पर ही होंगे।
सदन शुरू होते ही कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के करीबियों के बीच लेनदेन के वीडियो का मसला उठाते हुए इस पर अविलंब चर्चा की मांग की। इस पर संसदीय कार्यमंत्री मैदान कौशिक ने जबाव दिया कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और ऐसे में इस पर चर्चा नही हो सकती।
इसके बावजूद कांग्रेस लगातार चर्चा की मांग पर अड़ी रही। अपनी मांग के समर्थन में उप नेता प्रतिपक्ष करन माहरा ने लेनदेन से संबंधित पेन ड्राइव भी दिखाए। साथ ही कहा कि सदन में इसकी वीडियो दी जा चुकी है।
संसदीय कार्यमंत्री ने मदन कौशिक कहा कि सदन नियमों से ही चलेगा। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि यह मामला दूसरा है और न्यायालय में विचाराधीन नहीं है। यह सीएम के करीबियों का स्टिंग है।
गतिरोध बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मामला अगर कोर्ट में है तो चर्चा संभव नहीं। इस पर कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि इस मामले में पीठ को गुमराह किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का नाम आने से यह मामला और गंभीर हो जाता है। इसलिए इस पर चर्चा जरूरी है। इस मुद्दे पर सात पक्ष व विपक्ष के सदस्यों के बीच चल रही नोक झोंक चलती रही। इस दौरान कांग्रेस विधायक बेल पर पहुंचकर नारेबाजी करते रहे।
कांग्रेस के हंगामे के दौरान पंचायती राज संशोधित विधेयक सदन में पेश किया गया। जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। साथ ही सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
इससे पहले विधानसभा सभा सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने स्वामी सत्यमित्रानंद के ब्रह्मलीन होने और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के पुत्र अंकुर पांडेय के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ा।
देहरादून I दक्षिण-पश्चिम मानसून सोमवार को उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में पहुंच गया। अगले 48 घंटों के दौरान इसके प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में पहुंचने का अनुमान है। वहीं, मानसून के चलते राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश हैं। सोमवार को मानसून ने कुमाऊं के मुक्तेश्वर क्षेत्र में दस्तक दी। इसके बाद मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में परिस्थितियां अनुकूल होने के चलते अगले 48 घंटों में मानसून ज्यादातर हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके चलते ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और देहरादून में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
सर्तकता बरतें जिलाधिकारी
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान लोनिवि, एनएच, पीएमजीएसवआई, बीआरओ, सीपीडब्ल्यूडी अधिकारियों को मोटर मार्ग खोलने के लिए तैयारी रखने, थाने-चौकियों को वारयरलैस समेत आपदा प्रबंधन के उपकरणों समेत तैयार रहने और किसी भी अधिकारी को मोबाइल फोन स्विच ऑफ न रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही असामान्य मौसम या ज्यादा बारिश होने पर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।
नदियों-जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ा
चंपावत में बनबसा बैराज कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड के अनुसार रविवार को दिन में 12 बजे बैराज का जलस्तर सर्वाधिक 26 हजार 774 क्यूसेक था। हालांकि शाम तीन बजे यह घटकर फिर 16 हजार 484 क्यूसेक रह गया। शारदा में जल स्तर बढ़ने से एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली का उत्पादन भी बढ़ गया है। धारचूला में काली नदी का जलस्तर 887.90 मीटर, जौलजीबी में गोरी नदी का जलस्तर 603.80 मीटर और मदकोट में गोरी नदी का जलस्तर 1211.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
रविवार शाम से शुरू हुई रिमझिम बारिश से जहां मैदानी इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं पहाड़ और जलभराव वाले इलाकों में लोगों को परेशानियों से दो चार भी होना पड़ा। बिजली गिरने से सितारगंज के नगला गांव की पूर्व ग्राम प्रधान के पति पृथ्वीपाल सिंह (35) की मौत हो गई। उधर, नाचनी में रामगंगा पर बनाए गए लकड़ी के अस्थायी पुल का एक हिस्सा बह गया है। पुल बहने से बागेश्वर जिले के भकोना, केंचुवा, कालापैर, खेती समेत कई गांवों का संपर्क कट गया है।
इन गांवों के कई पढ़ने के लिए नाचनी आते हैं। अब बच्चों को 6 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर फल्याटी गांव से होते हुए नाचनी आना पड़ेगा। बारिश और आंधी के कारण रविवार रात अल्मोड़ा जिले में गोविंदपुर दौलाघट में दोमंजिले मकान की टिन की छत उड़ गई।
रविवार शाम से शुरू हुई रिमझिम बारिश से जहां मैदानी इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं पहाड़ और जलभराव वाले इलाकों में लोगों को परेशानियों से दो चार भी होना पड़ा। बिजली गिरने से सितारगंज के नगला गांव की पूर्व ग्राम प्रधान के पति पृथ्वीपाल सिंह (35) की मौत हो गई। उधर, नाचनी में रामगंगा पर बनाए गए लकड़ी के अस्थायी पुल का एक हिस्सा बह गया है। पुल बहने से बागेश्वर जिले के भकोना, केंचुवा, कालापैर, खेती समेत कई गांवों का संपर्क कट गया है।
इन गांवों के कई पढ़ने के लिए नाचनी आते हैं। अब बच्चों को 6 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर फल्याटी गांव से होते हुए नाचनी आना पड़ेगा। बारिश और आंधी के कारण रविवार रात अल्मोड़ा जिले में गोविंदपुर दौलाघट में दोमंजिले मकान की टिन की छत उड़ गई।
‘बिजली’ ने गुल की बिजली
डंगोली (गरुड़) में बिजली घर पर बिजली गिरने से एक लाख के उपकरण फुंक गए। इससे कारण चार दर्जन से अधिक गांवों में पांच घंटे बिजली गुल रही। वहीं, आंधी के चलते रनमन (अल्मोड़ा) में लाइन में खराबी आने से सोमेश्वर घाटी के 60 गांवों में नौ घंटे और अल्मोड़ा शहर में मालरोड समेत कई मोहल्लों में करीब छह घंटे बिजली बाधित रही।
किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाई झमाझम बारिश
इस बारिश ने काश्तकारों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। सबसे बड़ी राहत धान की रोपाई वाले क्षेत्रों के किसानों को मिली है। काश्तकारों का मानना है कि कद्दू, लौकी के अलावा धान, मडुवा, झिंगोरा के लिए बारिश काफी फायदेमंद है।
बारिश आंधी से नुकसान
बारिश आंधी से काफी नुकसान हुआ है। अल्मोड़ा जिले में गोविंदपुर दौलाघट में पेयजल की चार लाइनों को नुकसान हुआ है। अल्मोड़ा-कोसी मार्ग पर स्यालीधार के पास चीड़ का पेड़ गिरने से जाम लग गया। पेड़ के साथ बिजली का तार भी टूटकर नीचे गिर गया।
किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाई झमाझम बारिश
इस बारिश ने काश्तकारों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। सबसे बड़ी राहत धान की रोपाई वाले क्षेत्रों के किसानों को मिली है। काश्तकारों का मानना है कि कद्दू, लौकी के अलावा धान, मडुवा, झिंगोरा के लिए बारिश काफी फायदेमंद है।
बारिश आंधी से नुकसान
बारिश आंधी से काफी नुकसान हुआ है। अल्मोड़ा जिले में गोविंदपुर दौलाघट में पेयजल की चार लाइनों को नुकसान हुआ है। अल्मोड़ा-कोसी मार्ग पर स्यालीधार के पास चीड़ का पेड़ गिरने से जाम लग गया। पेड़ के साथ बिजली का तार भी टूटकर नीचे गिर गया।
टनकपुर से मिली जानकारी के मुताबिक निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर बारिश से लगातार मलबा गिर रहा है। रविवार शाम करीब चार बजे अंग्रेज चट्टान के पास मलबा आने से मार्ग करीब एक घंटे तक बंद रहा। सोमवार की सुबह फिर मलबा आने से एक घंटे तक आवागमन बंद रहा।
देहरादून I केदारनाथ धाम समेत बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब के लिए सभी हेली ऑपरेटर्स की टिकट बुकिंग गढ़वाल मंडल विकास निगम की वेबसाइट से की जाएगी। यह व्यवस्था एक सितंबर से लागू होगी।
टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने यह फैसला लिया है। वहीं, चार्टर हेली सेवा बुकिंग के लिए जीएमवीएन साफ्टवेयर तैयार कर रहा है।
सोमवार को सचिव पर्यटन एवं यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप जावलकर ने हेली सेवा संचालित कर रही कंपनियों के साथ बैठक कर टिकट बुकिंग सिस्टम की समीक्षा की। जिसमें कहा गया कि वर्तमान में केदारनाथ धाम समेत बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए हेली ऑपरेटर्स स्वयं ही टिकटों की आनलाइन बुकिंग कर रहे हैं।
ऐसे में यात्रियों की ओर से टिकट बुकिंग की काफी शिकायतें आ रही है। बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए जीएमवीएन ने वेबसाइट http//heliservices.uk.gov.in तैयार किया है। बैठक में फैसला लिया गया कि एक सितंबर से सभी हेली ऑपरेटर्स की टिकट बुकिंग जीएमवीएन की वेबसाइट से की जाएगी।
जावलकर ने बताया कि टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन तथा ऑफ लाइन दोनों माध्यमों से की जा सकेगी। जिसमें 70 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन और 30 प्रतिशत ऑफ लाइन दिए जाएंगे। नई व्यवस्था लागू होने के एक सप्ताह के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि चार्टर हेली सेवा की बुकिंग के लिए साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। शीघ्र ही इसका ट्रायल किया जाएगा।
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के सोमवार से शुरू हुए सत्र के पहले दिन दिवंगत कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रकाश पंत को सदन ने पुरनम आंखों से श्रद्धांजलि दी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने स्वर्गीय पंत को बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताते हुए कहा कि वह प्रदेश के विकास में दिए गए अविस्मरणीय योगदान के लिए हमेशा याद रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंत की कार्यशैली और मृदुभाषिता सभी को प्रेरणा देती रहेगी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा परिसर में स्थित नवीन भवन का नाम स्वर्गीय पंत के के नाम पर 'प्रकाश पंत विधानसभा अतिथि गृह' रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्व.पंत ने राज्य में स्वस्थ संसदीय परंपरा की नींव डाली।
विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कार्यकारी संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने प्रस्ताव रखा कि प्रश्नकाल समेत सभी कार्यों को निलंबित करते हुए दिवंगत संसदीय कार्य एवं वित्तमंत्री प्रकाश पंत को श्रद्धांजलि दी जाए। पीठ ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। इस मौके पर नेता सदन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वर्गीय पंत के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से रोशनी डाली।
एलएलबी की पढ़ाई कर रहे थे पंत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मृदुभाषी और मुस्कान के साथ हर समस्या का निदान करने वाले पंत में सीखने की गजब की ललक थी। अंतरिम विधानसभा के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने संसदीय ज्ञान के जरिए इसे साबित किया। दिवंगत होने से पहले पंत एलएलबी की पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने पंत के संसदीय व वित्तीय मामलों का ज्ञान, साहित्यिक रचनाओं, कार्यशैली का जिक्र भी किया।
...फफक पड़े मुख्यमंत्री
अपने सहयोगी मंत्री के कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री रावत फफक पड़े और उनका गला भर आया। उन्होंने कहा कि राज्य से जुड़े तमाम सवालों के समाधान में पंत ने अहम भूमिका निभाई। हमने एक समाधानकर्ता खो दिया, उनकी कमी हमेशा खलेगी। यह कहते-कहते उनका गला भर आया। कुछ देर चुप रहने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी ने जब दस्तक दी, तब समझ नहीं सके। जब समझे तो देर हो चुकी थी। सभी ने पंत के स्वस्थ होने की कामना की, मगर नियति को यह मंजूर नहीं थी। इसके बाद फिर वह फफक पड़े।
देहरादून I योग के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में भी सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक सेंटर पर योग प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने प्रदेश में कुल 900 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की स्थापना की घोषणा की थी। अब तक कुल 133 सेंटरों की शुरुआत हो चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक युगल किशोर पंत ने बताया कि सदियों से योग भारतीयों की जीवन शैली का हिस्सा रहा है। कालांतर में आधुनिक तकनीकों और दवाओं के विकास ने लोगों को इससे दूर कर दिया।
मौजूदा समय में भारत के प्रयासों से योग की शक्ति को दुनिया ने भी समझा है। सभी बीमारियों का उपचार योग व स्वस्थ जीवन शैली में निहित है। लिहाजा अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में भी अनिवार्य किया गया है। कार्यक्रम में लोगों को योग की जानकारी दी जाएगी। योग कार्यक्रम के लिए योग प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती की जाएगी।
देहरादून I आज पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने देहरादून के पवेलियन मैदान मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम सुबह सात बजे शुरू हुआ। शिविर में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योग वसुदेव कुटुम्बकम की परिकल्पना को साकार कर रहा है। योग की सुविधा हर क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने जिम में भी योग की व्यवस्था कराने को कहा है, ताकि जिम के साथ साथ लोग योग कर सके।
रेंजर्स ग्राउंड में ही पार्क किए जाएंगे वाहन
- रिस्पना से आने वाले वाहन फव्वारा चौक, आराघर चौक, सीएमआई, एमकेपी चौक, बुद्धा चौक होते हुए रेंजर्स ग्राउंड में पहुंचे। वाहन पार्क करने के बाद लोग पैदल ही कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
- आईएसबीटी से आने वाले वाहन निरंजनपुर मंडी, सहारनपुर चौक, अग्रसेन चौक, तहसील चौक, दर्शनलाल चौक होते हुए सीधे रेंजर्स ग्राउंड गए।
- चकराता रोड से आने वाले वाहन बिंदाल, घंटाघर, दर्शनलाल चौक से सीधे रेंजर्स ग्राउंड गए।
- मसूरी डायवर्जन से आने वाले वाहन ग्रेट वैल्यू, दिलाराम चौक, सर्वे चौक. क्रास रोड़ से बुद्धा चौक के रास्ते में रेंजर्स ग्राउंड पहुंचे।
यह रहेगी वीआईपी व्यवस्था
- सांसदों और विधायकों के वाहन लैंसडौन चौक के पास स्थित स्टैंड के पास पार्क रहे।
- अधिकारियों के वाहन लैंसडौन चौक से कान्वेंट तिराहे पर सड़क के बाएं ओर पार्क रहे।
- मीडिया और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियाें के चौपहिया वाहन रेंजर्स ग्राउंड और दुपहिया वाहन लैंसडौन चौक के पास स्थित फॉरेस्ट कॉलेज ग्राउंड में पार्क हुए।
यहां पार्क हुए वाहन
- नगर निगम पार्किंग
- पुलिस कार्यालय पार्किंग
- दून चौक के मध्य पार्किंग
विक्रम वाहनों के लिए डायवर्ट प्लान
- रायपुर रूट के विक्रम सहस्त्रधारा क्रासिंग से वापस गए।
- धर्मपुर रूट के विक्रम अग्रसेन चौक, दून चौक होते हुए एमकेपी चौक से होकर गए।
- आईएसबीटी रूट के विक्रम वाहन रेलवे गेट से वापस हुए।
- प्रेमनगर रूट के विक्रम वाहनों को आवश्यक्तानुसार प्रभात कट से वापस भेजा गया।
- आईएसबीटी से आने वाले वाहन निरंजनपुर मंडी, सहारनपुर चौक, अग्रसेन चौक, तहसील चौक, दर्शनलाल चौक होते हुए सीधे रेंजर्स ग्राउंड गए।
- चकराता रोड से आने वाले वाहन बिंदाल, घंटाघर, दर्शनलाल चौक से सीधे रेंजर्स ग्राउंड गए।
- मसूरी डायवर्जन से आने वाले वाहन ग्रेट वैल्यू, दिलाराम चौक, सर्वे चौक. क्रास रोड़ से बुद्धा चौक के रास्ते में रेंजर्स ग्राउंड पहुंचे।
यह रहेगी वीआईपी व्यवस्था
- सांसदों और विधायकों के वाहन लैंसडौन चौक के पास स्थित स्टैंड के पास पार्क रहे।
- अधिकारियों के वाहन लैंसडौन चौक से कान्वेंट तिराहे पर सड़क के बाएं ओर पार्क रहे।
- मीडिया और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियाें के चौपहिया वाहन रेंजर्स ग्राउंड और दुपहिया वाहन लैंसडौन चौक के पास स्थित फॉरेस्ट कॉलेज ग्राउंड में पार्क हुए।
यहां पार्क हुए वाहन
- नगर निगम पार्किंग
- पुलिस कार्यालय पार्किंग
- दून चौक के मध्य पार्किंग
विक्रम वाहनों के लिए डायवर्ट प्लान
- रायपुर रूट के विक्रम सहस्त्रधारा क्रासिंग से वापस गए।
- धर्मपुर रूट के विक्रम अग्रसेन चौक, दून चौक होते हुए एमकेपी चौक से होकर गए।
- आईएसबीटी रूट के विक्रम वाहन रेलवे गेट से वापस हुए।
- प्रेमनगर रूट के विक्रम वाहनों को आवश्यक्तानुसार प्रभात कट से वापस भेजा गया।
सिटी बसों के लिए डायवर्ट प्लान
- आईएसबीटी से आने वाली सिटी बसें तहसील चौक से वापस हुईं।
- राजपुर रोड जाने वाले सिटी बस दर्शनलाल चौक से घंटाघर होते हुए गईं।
- रायपुर रोड से आने वाली सिटी बसे चूना भट्ठे से वापस हुए।
यहां लगे बैरियर
सर्वे चौक, मनोज क्लीनिक, बुद्धा चौक, दर्शनलाल चौक, ओरियंट चौक, पैसेफि क तिराहा, ग्लोब चौक, रोजगार तिराहा, कनक चौक, डूंगा हाउस, लैंसडौन चौक और कान्वेंट तिराहे पर बैरियर व्यवस्था रही।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की सुरक्षा होगी। इसके लिए 15 थानों के एसओ, 33 दरोगा, 65 सिपाही, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, महिला कांस्टेबल और दो कंपनी पीएसी तैनात की गई।
- राजपुर रोड जाने वाले सिटी बस दर्शनलाल चौक से घंटाघर होते हुए गईं।
- रायपुर रोड से आने वाली सिटी बसे चूना भट्ठे से वापस हुए।
यहां लगे बैरियर
सर्वे चौक, मनोज क्लीनिक, बुद्धा चौक, दर्शनलाल चौक, ओरियंट चौक, पैसेफि क तिराहा, ग्लोब चौक, रोजगार तिराहा, कनक चौक, डूंगा हाउस, लैंसडौन चौक और कान्वेंट तिराहे पर बैरियर व्यवस्था रही।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की सुरक्षा होगी। इसके लिए 15 थानों के एसओ, 33 दरोगा, 65 सिपाही, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, महिला कांस्टेबल और दो कंपनी पीएसी तैनात की गई।
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में अपनी शत प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राजधानी दून सहित प्रदेश भर के लोगों में भी उत्साह देखा गया। पहाड़ से लेकर मैदान तक देवभूमि योगमयी हो गई। इस मौके पर मौसम ने भी पूरा साथ दिया। गढ़वाल और कुमाऊं के पर्वतीय जिलों के साथ ही मैदानी क्षेत्र में सुबह से पांच बजे से ही योग के लिए लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
योग से निरोग रहने के लिए सरकार से लेकर शासन-प्रशासन के अधिकारी, सरकारी-निजी संस्थान व आमजन पहले से तैयार थे। इसके तहत आयोजन स्थलों में सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
राज्य सरकार की और से पवेलियन ग्राउंड में योगाभ्यास का वृहद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जो सुबह सात बजे शुरू हुआ।
इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने योग शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा योग वसुदेव कुटुंभ की परिकल्पना को साकार कर रहा है। योग की सुविधा हर क्षेत्र में उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने जिम में भी योग की व्यवस्था कराने को कहा, ताकि जिम के साथ साथ लोग योग कर सके।
योग शिविर में मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, डॉ धन सिंह रावत, मुख्य सचिव उतपल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, समेत भाजपा के विधायक और मंत्री ने भाग लिया।
राज्य सरकार के कार्यक्रम के अलावा तमाम केंद्रीय संस्थानों में भी योगाभ्यास के कार्यक्रम आयोजित किए गए। वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) में सुबह साढ़े पांच बजे योग का कार्यक्रम शुरू हुआ। गढ़ी कैंट स्थित गोल्फ कोर्स में छह बजे, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान में सात बजे योग के लिए लोग जुटे।
दूसरी तरफ तमाम निजी प्रतिष्ठानों में भी योगाभ्यास के कार्यक्रम आयोजित किए गए। पहले ही बड़े स्तर पर योग प्रशिक्षकों की बुकिंग भी की जा चुकी है और इससे कहीं न कहीं इस सेक्टर को बूम मिलने की भी उम्मीद बढ़ गई है। क्योंकि साल-दर-साल दून में निरोगी बनने के लिए योग के प्रति लोगों का क्रेज बढ़ता जा रहा है।
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