ऋषिकेश,10 अप्रैल। मंगलवार की देर शाम बीरपुर खुर्द स्थित एक गुरुकुल में पढ़ने वाले छात्र के बिना बताए सड़क पर आ जाने के बाद मामले के तूल पकड़ने पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी बुधवार की सुबह गुरुकुल पहुंची। और उसने बच्चे सहित स्कूल के प्रबंधक व अध्यापकों से पूछताछ की बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उन्हें मंगलवार की देर शाम एक पत्रकार के माध्यम से सूचना मिली थी, कि बीरपुर खुर्द स्थित आश्रमीय गुरुकुल विद्यालय में पढ़ने वाले 1 छात्र के साथ विद्यालय के अध्यापकों द्वारा मारपीट कर उसका उत्पीड़न किया गया ।जिससे वह डरकर सड़क पर आ गया ।जिन्हें बताया गया था कि स्कूल के अध्यापक प्रभात तथा अरविंद भट्ट ने बच्चे से मारपीट कर उसका उत्पीड़न किया है ।उन्हें यह भी बताया गया था ,कि बच्चे से अन्य बच्चों के कपड़े धुलवाने के साथ अन्य कार्य भी लिया जा रहा था। जिससे डर कर वह भाग गया था ।लेकिन उषा नेगी ने बताया कि बच्चे से पूछताछ किए जाने व अन्य जानकारियां जूटाये जाने के बाद ऐसा कुछ नहीं मिला। क्योंकि बच्चा पिछली 4 अप्रैल को ही मुरादाबाद से ऋषिकेश आया था ।और उसे गुरुकुल में भेजा गया था। लेकिन अभी उसका एडमिशन नहीं हुआ है ।जोकि ट्रायल पर रखा गया था ।उसके पिता भी नहीं है ।मौके पर पहुंची, बच्चे की मांं ने बताया कि इस घटना के बाद वह अपने बच्चे को वापस घर ले कर जा रही है ।वहीं स्कूल के अध्यापक अरविंद भट्ट का कहना है, कि यह सही है कि बच्चा गुरुकुल से सड़क पर चला गया था ।लेकिन जब उन्होंने बच्चे को देखा तो उन्होंने गुरुकुल से आने का कारण पूछा इतनी देर में एक कथित पत्रकार मौके पर पहुंचा ।और उसने उनसे मारपीट शुरू कर दी जिसकी सूचना बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष को भी दी । कथित पत्रकार द्वारा उससे की गई मारपीट की रिपोर्ट वह पुलिस में लिखवा रहे हैं ।
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गुरुकुलीय व्यवस्था में पढ़ने आए बच्चे के साथ मारपीट कर उत्पीड़न किए जाने का मामला झूठा निकला: उषा नेगी


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