देहरादून I करीबी होने का दावा करके मुख्यमंत्री का नाम ‘बेचने’ वाला शख्स कोई और नहीं सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का एक करीबी व्यवसायी मित्र है। अनधिकृत रूप से यह जानकारी सीएमओ से जुड़े लोगों ने अमर उजाला को बृहस्पतिवार को दी।
उन्होंने दावा किया कि इस वार्तालाप के आडियो की जानकारी मिलने के बाद करीब छह माह पहले ही सीएमओ और सीएम निवास में उसके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। सूत्रों ने उसके बारे में पूरी जानकारी भी दी मगर तकनीकी-कानूनी कारणों से मित्र का नाम उद्घाटित नहीं किया जा रहा है।

इसके साथ ही इस पूरे घटनाक्रम को सीएमओ सूत्रों ने साजिश करार दिया और कहा कि यह सारा मामला एक निजी चैनल के सीईओ उमेश शर्मा द्वारा स्टिंग के जरिय रावत सरकार को गिराने की साजिश का हिस्सा है। इधर, सोशल मीडिया पर वायरल दो लोगों के वार्तालाप के ऑडियो की एक क्लिपिंग के सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा उठी है। दिल्ली भी इससे अछूती नहीं रही।

मामले में प्रदेश सरकार की ओर से तो कोई अधिकृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि  सरकार परीक्षण कराएगी किकौन ऐसा व्यक्ति है, जो हमारी सरकार को बदनाम कर रहा है। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने ऑडियो में हुए वार्तालाप को बेहद गंभीर मानते हुए प्रदेश सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की। 

दिनभर होती रही चर्चा, लगती रही कयासबाजी

अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में ‘कौन है ये शख्स.. जो करीबी होने का दावा कर मुख्यमंत्री का नाम ‘बेच’ रहा है?’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। ये खबर कुछ ऑडियो पर हुए वार्तालाप को लेकर थी, जिसमें एक शख्स मुख्यमंत्री का करीबी होने और उनसे कुछ भी करवा लेने का दंभ भर रहा था। इस खबर को लेकर दिनभर सियासी हलको में खूब चर्चा रही। हर कोई उस शख्स का नाम जानना चाहता था। इस खबर पर सरकार का पक्ष जानने के लिए मीडियाकर्मी मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया लेने के लिए राज्य सचिवालय पहुंचे। लेकिन, जब मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर निकले तो उन्होंने मीडियाकर्मियों से कोई बात नहीं की। 

23 मई के बाद सड़क पर उतरेगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि वायरल ऑडियो को लेकर कांग्रेस 23 मई के बाद आगे की रणनीति तय करेगी। उन्होंने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि इससे पहले जो स्टिंग सामने आया था, वो भी सरकार को लेकर ही था। इसलिए कांग्रेस इन दोनों मामलों को लेकर सड़कों पर उतरेगी और प्रदेश की जनता को सच्चाई से अवगत कराएगी। उन्होंने कहा कि सदन में कांग्रेस विधानमंडल दल के उपनेता करण माहरा ने पूर्व में जारी स्टिंग जनता के बीच ले जाने की घोषणा की थी। लेकिन लोकसभा चुनाव घोषित होने के बाद पार्टी को अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पार्टी पूर्व में जारी वीडियो और ऑडियो के मुद्दे को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाएगी और सड़कों पर उतरेगी।
 

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