ऋषिकेश। दो सगी नाबालिग बहनों की बलात्कार के बाद हत्या करने के आरोपी को पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत मृत्यु की सजा।
कोतवाली ऋषिकेश में शिकायतकर्ता सीता श्रेष्ठ पत्नी सूरत श्रेष्ठ निवासी किराएदार अमरजीत सिंह पंजाब एंड सिंध बैंक के पास श्यामपुर के द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेरी दो नाबालिग लड़कियों की हत्या कर दी गई है, जिनकी उम्र क्रमशः 13 वर्ष व 4 वर्ष थी। जिस पर तत्काल ऋषिकेश पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की गई तथा कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 332/17 धारा 302/376 व 5/6 पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया। जिसके सफल निस्तारण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने तत्काल मामले की गंभीरता को को देखते हुए कोतवाली ऋषिकेश पर नियुक्त प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट के नेतृत्व में पुलिस लाइन देहरादून से निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी को उक्त मामले के सफल निस्तारण के लिए निस्तारण के लिए आदेशित किया गया, जिस पर अग्रिम कार्यवाही करते हुए पुलिस द्वारा जांच के दौरान घटनास्थल को देखकर मौके पर मिले साक्ष्यों के के आधार पर मौके से अभियुक्त सरदार परवान सिंह पुत्र छोटे सिंह निवासी समीर पुर थाना नजीबाबाद बिजनौर हाल- सेवक गुरुद्वारा कलीधर सभा के पास श्यामपुर ऋषिकेश, को गिरफ्तार किया गया जिससे पूछताछ करने पर अभियुक्त परवान सिंह के द्वारा अपने अपराध को स्वीकार कर लिया गया। अग्रिम विवेचक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने विवेचना के दौरान मौखिक, परिस्थिति जनक तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया गया, जिसके पश्चात पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में अभियुक्त उपरोक्त के विरुद्ध 2 सितंबर17 को आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया। आरोप पत्र में कुल 14 गवाह रखे गए थे।
उक्त मुकदमे मे जांचकर्ता ने समय-समय पर उक्त केस की पैरवी करते हुए समस्त साक्षियों की साक्ष्य करवाकर गवाही कराई गई। जिस पर पोक्सो अधिनियम न्यायालय ने गुरुवार को अभियुक्त परवान सिंह को उक्त मामले में सजा-ए-मौत ( फांसी ) की सज़ा सुनाई गई।
कोतवाली ऋषिकेश में शिकायतकर्ता सीता श्रेष्ठ पत्नी सूरत श्रेष्ठ निवासी किराएदार अमरजीत सिंह पंजाब एंड सिंध बैंक के पास श्यामपुर के द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेरी दो नाबालिग लड़कियों की हत्या कर दी गई है, जिनकी उम्र क्रमशः 13 वर्ष व 4 वर्ष थी। जिस पर तत्काल ऋषिकेश पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की गई तथा कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 332/17 धारा 302/376 व 5/6 पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया। जिसके सफल निस्तारण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने तत्काल मामले की गंभीरता को को देखते हुए कोतवाली ऋषिकेश पर नियुक्त प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट के नेतृत्व में पुलिस लाइन देहरादून से निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी को उक्त मामले के सफल निस्तारण के लिए निस्तारण के लिए आदेशित किया गया, जिस पर अग्रिम कार्यवाही करते हुए पुलिस द्वारा जांच के दौरान घटनास्थल को देखकर मौके पर मिले साक्ष्यों के के आधार पर मौके से अभियुक्त सरदार परवान सिंह पुत्र छोटे सिंह निवासी समीर पुर थाना नजीबाबाद बिजनौर हाल- सेवक गुरुद्वारा कलीधर सभा के पास श्यामपुर ऋषिकेश, को गिरफ्तार किया गया जिससे पूछताछ करने पर अभियुक्त परवान सिंह के द्वारा अपने अपराध को स्वीकार कर लिया गया। अग्रिम विवेचक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने विवेचना के दौरान मौखिक, परिस्थिति जनक तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया गया, जिसके पश्चात पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में अभियुक्त उपरोक्त के विरुद्ध 2 सितंबर17 को आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया। आरोप पत्र में कुल 14 गवाह रखे गए थे।
उक्त मुकदमे मे जांचकर्ता ने समय-समय पर उक्त केस की पैरवी करते हुए समस्त साक्षियों की साक्ष्य करवाकर गवाही कराई गई। जिस पर पोक्सो अधिनियम न्यायालय ने गुरुवार को अभियुक्त परवान सिंह को उक्त मामले में सजा-ए-मौत ( फांसी ) की सज़ा सुनाई गई।


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