देहरादून: मानसून एक बार फिर से उत्तराखंड में सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले 48 घंटे में देहरादून समेत प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही राज्य में कहीं-कहीं अगले दो दिन भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।
उधर, उत्तराखंड में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कें जिंदगी पर भारी पडऩे लगी हैं। चकराता क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में ग्राम विकास अधिकारी बाल-बाल बच गए। दूसरी ओर तीन दिन बाद रविवार को खोला गया बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को एक बार फिर बंद हो गया। हाईवे पर तीन स्थानों पर मलबा जमा है। यमुनोत्री हाईवे पर 21 जुलाई के बाद से अब तक यातायात बहाल नहीं हो पाया है। डाबरकोट के पास पहाड़ी दरकने का सिलसिला जारी है। 


सोमवार सुबह प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में कुछ देर के लिए तेज बौछारें पड़ीं। पहाड़ी दरकने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पागलनाला, चमोली के पास छिनका और क्षेत्रपाल में मलबा आने से बंद रहा। वहीं क्षेत्रपाल में मलबा हटाने के कार्य में जुटा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का एक इंजीनियर पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर घायल हो गया। ऋषिकेश-बदरीनाथराष्ट्रीय राजमार्ग पर क्षेत्रपाल में हो रहे भूस्खलन का निरीक्षण करने पहुंचीं जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया को यात्रियों के विरोध का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने प्रशासन के विरोध में नारेबाजी कर डीएम का घेराव भी किया। डीएम ने जल्द से जल्द यातायात बहाल करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा केदारनाथ हाईवे पर भी भूस्खलन से आवाजाही बाधित हो रही है। प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से करीब 100 सड़कें बंद हैं।

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