देहरादून। उत्तराखंड के अर्थ एवं संख्या निदेशालय के प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े बरगलाने वाले लग रहे हैं। इन आंकड़ों पर अगर नजर डाले तो आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में वर्ष 2016-17 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय औसतन 1,61,102 दिखाई गई है। वहीं दूसरी ओर अगर अर्थ एवं संख्या निदेशालय के ताजे आंकड़ों का निरीक्षण करें तो वर्ष 2016-2017 में ही यह आय 1, 57, 643 दर्शायी गयी है।जिसको प्रदेश सरकार अपनी बहुत बड़ी उपलब्धि मान रही है।
सूबे में प्रति व्यक्ति आय को लेकर अर्थ एवं संख्या निदेशालय ने जनता को आंकड़ों में उलझाने का काम किया है। उन्हीं के अनुसार एक ही वर्ष में प्रति व्यक्ति आय अलग अलग दर्शायी गयी है। विभाग के आर्थिक सर्वे में वर्ष 2016-17 की वार्षिक प्रति व्यक्ति आय 1,61,102 दिखाई गई है। जबकि अगस्त 2018 में जारी ताजा आंकड़ों में यह आय 1,57,643 बताई गई है। जिसके कारण वर्ष 2017-18 में वार्षिक आय 1,73,820 बताकर प्रति व्यक्ति आय में 17 हजार की बढ़ोतरी बताकर प्रदेश सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन आर्थिक सर्वे के आंकड़ों के अनुसार यह व्रद्धि केवल 12 हजार ही हुई है। अगर आंकड़े अनुमानित होते तो कुछ कहना नहीं था। लेकिन आंकडे पुख्ता हैं इसलिए सवाल उठना लाजमी है। इससे विभाग के कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगना लाजमी है। 

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