ऋषिकेश। सकनियुल मुणगांव जनशक्ति मार्ग का उद्घाटन सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूड़ी  ने किया। सड़क को अपनी घोषणा के माध्यम से मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्युडी दुगड्डा पौड़ी को सौंप दिया गया।
        डामरीकरण कार्य हेतु स्थानीय ग्रामवासी व सामाजिक कार्यकर्ता आरती गौड़ ने कई बार निर्माण निगम विभाग के अधिशासी अभियंता से सम्पर्क किया। किन्तु उनके द्वारा कह दिया  गया कि बजट ना होने के कारण कार्य अभी प्रारम्भ नही किया जा सकता है। जबकि उसी गांव में हरषु से मुणगांव रोड़ बनवाने के लिए आनन फानन में लगभग 4 करोड़ का बजट पास कर दिया गया है। जिसके लिये अखबारों के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अब सवाल ये है कि जब गांव में एक रोड़ जा चुका है तो दूसरा रोड़ क्यूँ ?
        क्या ये सरकार के पैसों पर पलीता नही लगाया जा रहा है ? एक तरफ उत्तराखण्ड राज्य के पास बजट की कमी है,दूसरी तरफ यहाँ के अधिकारी सरकार को गुमराह रहे हैं। क्या पी0डब्ल्यु0 को सरकार या शासन को अवगत नही कराना चाहिए था? कि गांव में पहले से ही रोड जा चुका है,अब दूसरी तरफ से रोड़ ले जाने का किसी को लाभ नही पहुंचने वाला।
       जब गांववासी स्वयं सकनियुल से मुणगांव रोड ला चुके हैं,तो फिर दो रोड़ की आवश्यकता कहाँ है ? आखिर किसके कहने से ये सब हो रहा है ?
     कुल मिलाकर ग्रामवासियों ने स्थानीय विधायक और प्रदेश के मुख्यंत्री जी से सोशल मीडिया के माध्यम से ये मांग की है कि हमारे गांव में रोड़ पहले से ही आ चुका है मात्र उसका डामरीकरण होना बाकि है जिस पर एक करोड़ का भी बजट नही खर्च होना, ऐंसे में दूसरी तरफ से 4 करोड़ खर्च करके जो रोड़ लाया जा रहा है उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करवा कर वह बजट उत्तराखण्ड के शहीदों के परिवार को दे दिया जाय,या आपदा पीड़ित क्षेत्रों के विकास कार्य पर लगा दिया जाय।

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