ऋषिकेश। सावधान !....... .किसी रोगी को बिना चोट लगे फ्रेक्चर होता है या बार बार पेशाब की थैली में पथरी हो रही हो तो वह पैराथायराइड रोग से ग्रस्त हो सकता है। इसकी जांच जरूर करा लें। इसकी अनदेखी करने पर रोगी को हृदय व दिमाग संबंधी समस्या होने व समय पर इलाज नहीं होने पर उसकी जान भी जा सकती है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि नार्थ इंडिया में अब तक इस तरह का उपचार संभव नहीं था, लिहाजा एम्स ऋषिकेश में यह इलाज उपलब्ध कराया गया है। निदेशक ने बताया कि संस्थान कई अन्य जटिल बीमारियों के उपचार की सुविधा के लिए भी प्रयासरत है, जिससे रोगियों को इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में पैराथायराइड से ग्रस्त महिला रोगी का सफल ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों को शरीर में कैल्शियम की अत्यधिक मात्रा बढ़ने से काफी कमजोर हो चुकी इस महिला का ऑपरेशन बिना बेहोश किए करना पड़ा।
एम्स के सर्जिकल अंकोलाजी हेड एंड नैक के विभागाध्यक्ष डा. एस पी अग्रवाल ने बताया कि टिहरी निवासी 27 वर्षीय महिला अफसाना के बाएं पैर में बिना चोट लगे फ्रेक्चर हो गया, महिला को संस्थान के हड्डी रोग विभाग में भर्ती किया गया। जांच करने पर पता चला कि महिला के शरीर में कैल्शियम की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक व फास्फोरस की मात्रा कम है। साथ ही पैराथायराइड हार्मोन की मात्रा सामान्य से लगभग 20.गुना ज्यादा है। जिसके बाद महिला का न्यूकिलियर मेडिसिन विभाग में मिबी टेस्ट किया गया। जिससे पता चला कि मरीज की बाईं तरफ की ऊपरी पैराथायराइड ग्रंथि में ट्यूमर है। इसके बाद मरीज की अन्य सामान्य जांच भी कराई गई, साथ ही आपरेशन कर ग्रंथि निकालने का निर्णय लिया गया।
चिकित्सक ने बताया कि मरीज की सामान्य हालत बेहोशी के लिए ठीक नहीं थी, ऐसे में आपरेशन के समय मरीज को जान का खतरा था, लिहाजा महिला का आपरेशन बगैर बेहोश किए प्रभावित अंग सुन्न करके ग्रंथि को निकाल दिया गया। डा.अग्रवाल ने बताया कि अब मरीज पूरी तरह से स्वास्थ्य है।
उन्होंने बताया कि कैल्शियम बढ़ने से मरीज की सारी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत थायराइड व पैराथायराइड बीमारियों के देश के जाने माने विशेषज्ञों में शुमार हैं । लिहाजा उनके मार्गदर्शन में ही यहां उक्त उपचार सुविधा उपलब्ध हो पाई है। उन्होंने बताया कि एम्स में इस उपचार पर पांच हजार तक खर्च आया है जबकि निजी अस्पतालों में इस पर लाख रुपए से अधिक खर्च आता ।
टीम में डा.एसपी अग्रवाल के अलावा डा.भीयांराम, डा.अभिजीत, डा.अंजली, डा.अमित, डा.सोमिया,एनेस्थीसिया डा.संजय अग्रवाल शामिल थे।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में पैराथायराइड से ग्रस्त महिला रोगी का सफल ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों को शरीर में कैल्शियम की अत्यधिक मात्रा बढ़ने से काफी कमजोर हो चुकी इस महिला का ऑपरेशन बिना बेहोश किए करना पड़ा।
एम्स के सर्जिकल अंकोलाजी हेड एंड नैक के विभागाध्यक्ष डा. एस पी अग्रवाल ने बताया कि टिहरी निवासी 27 वर्षीय महिला अफसाना के बाएं पैर में बिना चोट लगे फ्रेक्चर हो गया, महिला को संस्थान के हड्डी रोग विभाग में भर्ती किया गया। जांच करने पर पता चला कि महिला के शरीर में कैल्शियम की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक व फास्फोरस की मात्रा कम है। साथ ही पैराथायराइड हार्मोन की मात्रा सामान्य से लगभग 20.गुना ज्यादा है। जिसके बाद महिला का न्यूकिलियर मेडिसिन विभाग में मिबी टेस्ट किया गया। जिससे पता चला कि मरीज की बाईं तरफ की ऊपरी पैराथायराइड ग्रंथि में ट्यूमर है। इसके बाद मरीज की अन्य सामान्य जांच भी कराई गई, साथ ही आपरेशन कर ग्रंथि निकालने का निर्णय लिया गया।
चिकित्सक ने बताया कि मरीज की सामान्य हालत बेहोशी के लिए ठीक नहीं थी, ऐसे में आपरेशन के समय मरीज को जान का खतरा था, लिहाजा महिला का आपरेशन बगैर बेहोश किए प्रभावित अंग सुन्न करके ग्रंथि को निकाल दिया गया। डा.अग्रवाल ने बताया कि अब मरीज पूरी तरह से स्वास्थ्य है।
उन्होंने बताया कि कैल्शियम बढ़ने से मरीज की सारी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत थायराइड व पैराथायराइड बीमारियों के देश के जाने माने विशेषज्ञों में शुमार हैं । लिहाजा उनके मार्गदर्शन में ही यहां उक्त उपचार सुविधा उपलब्ध हो पाई है। उन्होंने बताया कि एम्स में इस उपचार पर पांच हजार तक खर्च आया है जबकि निजी अस्पतालों में इस पर लाख रुपए से अधिक खर्च आता ।
टीम में डा.एसपी अग्रवाल के अलावा डा.भीयांराम, डा.अभिजीत, डा.अंजली, डा.अमित, डा.सोमिया,एनेस्थीसिया डा.संजय अग्रवाल शामिल थे।


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