ऋषिकेश। मायाकुंड स्तिथ निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान में आज गुरुनानक देव जी की जयंती ( गुरु पर्व 23 नवम्बर) के उपलक्ष्य में पूर्व संध्या पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया।स्कूल के निदेशक डॉ राजे नेगी ने स्कूली बच्चो को बताया कि गुरुनानक देव जी सिख धर्म के प्रथम गुरु थे।उनके जन्मदिवस को गुरु पर्व के रूप में मनाया जाता है।श्री गुरु नानक देव ने विश्व में शांति एकता एवं प्रेम की स्थापना के लिए सिख धर्म की स्थापना की।और समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने का प्रयास किया।उनका सम्पूर्ण जीवन असहाय एवं जरूरतमंदो की सेवा को समर्पित था। इस अवसर पर डॉ नेगी ने स्कूली बच्चों से गुरु नानक देव जी के बताए मार्ग पर चलने के साथ ही दीन दुखियों एवं जरूरतमंद लोगो की सेवा करने का संकल्प दिलाते हुवे कहा कि गुरु नानक देव जी ने 'इक ओंकार' का नारा दिया था, जिसका तात्पर्य यह है कि ईश्वर एक हैं और वे हर जगह मौजूद हैं। हम सभी के पिता एक ही हैं, इसलिए हमें सबके साथ प्रेमपूर्वक रहना चाहिए। उन्होंने मानव जाति को यह सीख दी थी कि व्यक्ति को मेहनत करके न्यायोचित तरीके से धन कमाना चाहिए और किसी भी तरह के लोभ में नहीं पड़ना चाहिए।इस मौके पर स्कूल के संरक्षक कमल सिंह राणा,उत्तम असवाल,मीनाक्षी राणा, प्रिया क्षेत्री,प्रियंका कुकरेती,दीपिका पंत,मंजू देवी उपस्थित थे।

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