उत्तराखंड की राजधानी स्थित बालिका निकेतन से चार बालिकाओं के रात में भागने की कोशिश का मामला गंभीर होता जा रहा है. बालिका निकेतन से भागी चारों बालिकाओं से उनके भागने का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें टॉर्चर किया जाता है. जिससे परेशान होकर बालिकाएं निकेतन से भागने का प्रयास कर रही थीं. मंगलवार शाम देहरादून जिलाधिकारी एस ए मुरुगेसन और एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बालिका निकेतन का संयुक्त निरीक्षण किया. दोनों अधिकारी तकरीबन 2 घंटे से ज्यादा वक्त बाल निकेतन में बच्चों के बीच रहे और उन्हें बालिका निकेतन में हो रही समस्याओं के बारे में पूछा.

जिलाधिकारी एस ए मुरुगेसन का कहना है कि निकेतन में बच्चों की बेहतर देख-रेख के लिए अन्य केयर टेकर्स की आवश्यकता है. इसके साथ ही निकेतन परिसर की सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है. जिसको लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा जायएगा. केयर टेकर और सुरक्षा के साथ ही अन्य खामियों को सुधारा जा सके.

दोषी कर्मचारियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाईः यशपाल आर्य

बालिका निकेतन से बालिकाओं के भागने के मामले में उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य का कहना कि प्ररांभिक जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आया है, उस मालूम प्रतीत होता है कि बालिकाओं पर बालिका निकेतन में शोषण किया जाता है. जिसके कारण बालिकाओं ने भागने की कोशिश की है. पूरे मामले की जांच की जा रही है. जिसमें बालिका निकेतन के सभी स्टॉफ जांच के दायरे में है, जो कर्मचारी मामले में दोषी पाए जाएंगे उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.


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