चमोली: विश्व स्नो दिवस पर प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली में आयोजित कार्यक्रम में आइटीबीपी के जवानों, स्थानीय स्कीयर्स और पर्वतारोहियों के साथ ही पर्यटकों ने 'हिमालय बचाओ, पर्यावरण बचाओ' का संदेश दिया। इस मौके पर आइटीबीपी के औली स्थित पर्वतारोहण एवं स्कीइंग संस्थान के प्रधानाचार्य गंभीर सिंह चौहान ने सभी से पर्यावरण बचाने के लिए आगे आने की अपील की।
प्रधानाचार्य चौहान ने कहा कि जनवरी में औली की वादियां बर्फ से गुलजार रहती थीं, लेकिन पर्यावरण दूषित होने के कारण इस बार औली में सूखे की स्थिति है। इसी की परिणति है कि हिमवीरों को कृत्रिम बर्फ के साथ विश्व स्नो दिवस मनाना पड़ रहा है। स्वच्छता पर विशेष फोकस करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण और हिमालय को बचाने के लिए सबको आगे आना होगा, तभी इस विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल का अस्तित्व बचा रह सकता है।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी ने हिमवीरों को विश्व स्नो दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और मानवीय हस्तक्षेप की वजह से पर्यावरण में काफी बदलाव आया है। 
प्रशासन की ओर से जनवरी में यहां फिस रेस के आयोजन की पूरी तैयारियां की गई थीं, लेकिन बर्फबारी न होने के कारण प्रतियोगिता को फरवरी में खिसकाना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में औली में अच्छी बर्फबारी होगी और फिस रेस का भी सफल आयोजन किया जाएगा। इससे पूर्व, आइटीबीपी के जवानों ने बेसिक स्की, एडवांस स्की, नॉर्डिक स्की और स्नो काम्बैट प्रशिक्षण में आए लगभग 150 युवाओं और बल की केंद्रीय स्की टीम ने औली की ढलानों पर कृत्रिम बर्फ बिछाकर उत्साह के साथ स्कीइंग की। 

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