ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में अब जटिल हृदय के वाल्व वदलने की सर्जरी आरम्भ हो गयी है। इसका पहला आपरेशन पिछले दिनों रुद्रप्रयाग की निवासी 22 वर्षीय लड़की पर् किया गया। रुद्रप्रयाग की यह 22 वर्षीय युवती एम्स ऋषिकेश में हाथ पैर में सूजन तथा सांस फूलने की वजह से हृदय रोग विभाग में डॉ भानु दुग्गल के पास आई थी ।जहां डॉक्टरों ने उसे CTVS विभाग को रेफेर किया।
जांच में पाया कि उसके हृदय के मित्रल वाल्व सिकुड़ गए है और लीक हो रहे है। अतः कार्डियो थोरेसिक सर्जन ने उन्हें एडमिट होने को कहा और 29 जनवरी को उनके हार्ट वाल्व बदलने की सफल सर्जरी की । लगभग 4 घण्टे चली इस सर्जरी को कार्डियो थोरेसिक विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ शशिकांत ने एनेस्थीसिया विभाग के डॉ अजित के सहयोग से पूर्ण किया ।
मरीज को उसी शाम वेंटिलेटर से हटा कर सी टी वी एस वार्ड में हाई डिपेंडेंसी यूनिट में निगरानी में रखा गया और अब मरीज घर जाने के लिए तैयार हैं ।
ज्ञानतव्य है कि ऐम्स निदेशक प्रो रविकान्त ने गत दिनों ऐम्स में संविदा पर् सुपर स्पेशलिटी विभाग के डॉक्टरों को लाने की जो कोशिश की थी ये सर्जरी उसी का परिणाम है।
जांच में पाया कि उसके हृदय के मित्रल वाल्व सिकुड़ गए है और लीक हो रहे है। अतः कार्डियो थोरेसिक सर्जन ने उन्हें एडमिट होने को कहा और 29 जनवरी को उनके हार्ट वाल्व बदलने की सफल सर्जरी की । लगभग 4 घण्टे चली इस सर्जरी को कार्डियो थोरेसिक विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ शशिकांत ने एनेस्थीसिया विभाग के डॉ अजित के सहयोग से पूर्ण किया ।
मरीज को उसी शाम वेंटिलेटर से हटा कर सी टी वी एस वार्ड में हाई डिपेंडेंसी यूनिट में निगरानी में रखा गया और अब मरीज घर जाने के लिए तैयार हैं ।
ज्ञानतव्य है कि ऐम्स निदेशक प्रो रविकान्त ने गत दिनों ऐम्स में संविदा पर् सुपर स्पेशलिटी विभाग के डॉक्टरों को लाने की जो कोशिश की थी ये सर्जरी उसी का परिणाम है।


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