उत्तरकाशी 21 फरवरी पैराग्लाइडिंग के क्षेत्र में जनपद में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जनपद में एक और ट्रायल किया गया। पैराग्लाइडिंग की अनुभवी टीम ने आज वर्णावत पर्वत से उड़ान भरी और जोषियाड़ा झील के बीच में बनी प्लोटिंग प्लेट फार्म में लेडिंग की। वर्णावत पर्वत से चार पैराग्लाइडिंग के अनुभवी, प्रेम ठाकुर, दीपक नगोई, चन्द्रमोहन एवं मनोज ओली ने उड़ान भरी। मनोज ओली ने झील के मध्य बनी प्लोटिंग प्लेट फार्म में लेडिंग की बाकी पायलेट ने ज्ञानसू झील के साथ मैदान में लेडिंग की। प्लोटिंग प्लेट फार्म में पैराग्लाडिंग लैडिंग की व्यवस्था षिवानी गुसाई एवं संतोश सिंह बिश्ट ने की। उत्तराखण्ड पैराग्लाइडिंग एसोसिएषन सचिव षंकर सिंह के नैतृत्व में छह सदस्य दल ने चिन्यालीसौड़ एवं जिला मुख्यालय में पैराग्लाइडिंग के लिए स्थान चयनित किए। छह सदस्य दल में एक लड़की षिवानी गुसांई भी षामिल रही। पैराग्लाइडिंग के क्षेत्र में पौड़ी जनपद की षिवानी गुसाई का नाम लिमका बुक दर्ज है। षिवानी ने 13 वर्श की आयु में पैराग्लाइडिंग कर राश्ट्रीय रिकार्ड बनाया था। 
वर्णावत पर्वत से उड़ान भरने वाले हिमाचल प्रदेष के मनाली निवासी प्रेम ठाकुर ने बताया कि उत्तराखण्ड में उत्तरकाषी पहला जिला है जहां पैराग्लाइडिंग की जा रही है। चिन्यालीसौड़ पैराग्लाइडिंग के लिए मुफिद स्थान है और वर्णावत पर्वत भी उपयुक्त स्थान है लेकिन यहां से पैराग्लाइडिंग की उड़ान भरने के लिए अनुभव होना जरूरी है। 
जिलाधिकारी डा. आषीश चौहान ने अपने निजी प्रयास से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अहम कदम उठायें है। उन्होंने कहा कि जनपद में चारधाम में से दो धाम जनपद में है और इसके अलावा नैसर्गिक सौन्दर्य से परिपूर्ण नेलांग घाटी, गर्तांग गली आदि कई पर्यटक एवं धार्मिक क्षेत्र इस जनपद में है। कहा कि पर्यटक पैराग्लाइडिंग से भी नैसर्गिक सौन्दर्य का आनंद लें सके इसके लिए कार्य किया जा रहा है। जनपद में पर्यटक आयेंगे तो निष्चित ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा। पैराग्लाइडिंग की अनुभवी टीम ने गत माह को चिन्यालीसौड़ एवं आज उत्तरकाषी में पैराग्लाइडिंग की सफल लैडिंग की है। उन्होंने कहा कि साहसिक पर्यटन के साथ स्वरोजगार से भी इसे जोड़ा जा रहा है।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी देवेन्द्र नेगी, डिप्टी कलेक्ट्रेट अनुराग आर्य, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल, सीओ मनोज ठाकुर, एसओ महादेव उनियाल आदि उपस्थित थे।

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