उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चार धाम यात्रा रूट पर चल रहा ऑल वेदर रोड इस बार यात्रियों की परेशानी दोगुनी कर देगा. इस साल चार धाम यात्रा अप्रैल माह में शुरू होने जा रही है. इस बार की चारधाम यात्रा में सबसे बडी मुसीबत तीर्थ यात्रियों के सामने वो सडकें होंगी, जिससे गुजर कर उन्हें धामों के दर्शन के लिए पहुंचना है. इन रास्तों की हालत काफी खराब है, दरअसल ऑल वैदर रोड का काम इन दिनों इन रास्तों पर चल रहा है. पेड़ों की कटाई से लेकर सडकों के चौडीकरण के काम की वजह से रास्ते टूटे हुए हैं.

इसके अलावा ये बेहद खतरानाक भी हो गए हैं, क्योंकि इनमें कई जगह लैंड स्लाईडिंग हो रही है. ऐसे में सरकार के सामने कई चिंताएं हैं. इसको लेकर अधिकारी कई बार बैठक कर निपटने के लिए विचार किया गया.

इस बार यात्रा मार्गों 35 स्थानों को चिनिहित किया गया. जहां लैड स्लाइड हो सकता है. लैंड स्लाइड जोन पर 49 मशीन तैनात रहेंगी. इनका रिस्पोंस टाइम 50 मिनट का रहेगा. यात्रियों की सुविधा के लिए वोमेटिंग बैग का इंतजाम भी किया गया है.

सुरक्षा के लिहाज से यात्रा मार्ग की फोटोग्राफी होगी. इसके साथ ही यात्री निजी होटलों के शौचालय का इस्तेमाल भी कर सकेंगे. साथ ही साथ घोड़े और खच्चरों को पीने के लिए गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा.



इस बार चार धाम 28 अप्रैल से प्रारम्भ हो जाएगी, वहीं केदारनाथ के कपाट जो 29 अप्रैल को खुल रहे हैं. उस दिन प्रधानमंत्री के आने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है. इसको देखते हुए भी प्रशासन ने इंतजाम चाक चौबंद करने शुरू कर दिए हैं.

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