पिरान कलियर । साबिर दरगाह के ठेकों को पूल करते समय ठेकेदारों में ही जूतमपैजार हो गया। ठेकेदारों की गुप्त मीटिंग में ही दो ठेकेदारों में जमकर तू-तू मैं- मैं हुई।
मार्च में दरगाह के सालाना ठेकोे क मद्देनज़र कलियर के एक गैस्ट हाऊस मे ठेकेदारो की एक गुप्त मिटिंग हुई। जिसमें करीब- करीब दरगाह के सभी ठेकेदारो ने हिस्सा लिया ओर ठेको में पूल तह होने लगा। लेकिन मीटिंग में उस समय भंग पड गय जब दो ठेकेदारो में किसी बात को लेकर तू-तू मै-मै हो गयी। उसके बाद एक ठेकेदार मीटिंग छोड कर चलता बना ओर बात काफी गरमाई।
मालूम हों कि दरगाह के सालाना ठेकों के समय हर वर्ष इसी एक गैस्ट हाऊस पर ठेकेदारो की मीटिंग होती है । यही से हर वर्ष ठेकों की रणनीति बनायी जाती है। ठोस सूत्र बताते है कि हर वर्ष ठेको की रणनीति यही से तह होती है । ठेके लेने हो या फिर ठेकों की धनराशि हडप करनी हो या फिर समय लेना हो या किस्त बननी हो, सभी रणनिति यहीं से तह होती है। इस रणनिति के तहत ही दरगाह का करोडो हजम हो जाता है।लेकिन अब की बार दरगाह प्रबंधतन्त्र ने ठेकेदारो से दरगाह का पूरा पैसा जमा करा कर इनकी रणनीति पर पानी फेर दिया। सूत्र बताते हैं कि नेताओ से अच्छे संम्बन्थ होने के कारण ही ठेको की पूरी रणनिति एक गैस्ट हाऊस पर बनाई जाती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि शूक्रवार को भी उसी एक गैस्ट हाऊस पर ठेको की रणनीति तह हो रही थी लेकिन ज्यादा पूल तह होने पर एक ठेकेदार बिफर गया फिर क्या था दो ठेकेदारो मे आपस मे तू-तू मैं-मैं हो गयी ओर मीटिंग में कूछ हल नहीं हो पाया यह मामल कलियर मे चर्चा का विषय बना हुआ है।
मार्च में दरगाह के सालाना ठेकोे क मद्देनज़र कलियर के एक गैस्ट हाऊस मे ठेकेदारो की एक गुप्त मिटिंग हुई। जिसमें करीब- करीब दरगाह के सभी ठेकेदारो ने हिस्सा लिया ओर ठेको में पूल तह होने लगा। लेकिन मीटिंग में उस समय भंग पड गय जब दो ठेकेदारो में किसी बात को लेकर तू-तू मै-मै हो गयी। उसके बाद एक ठेकेदार मीटिंग छोड कर चलता बना ओर बात काफी गरमाई।
मालूम हों कि दरगाह के सालाना ठेकों के समय हर वर्ष इसी एक गैस्ट हाऊस पर ठेकेदारो की मीटिंग होती है । यही से हर वर्ष ठेकों की रणनीति बनायी जाती है। ठोस सूत्र बताते है कि हर वर्ष ठेको की रणनीति यही से तह होती है । ठेके लेने हो या फिर ठेकों की धनराशि हडप करनी हो या फिर समय लेना हो या किस्त बननी हो, सभी रणनिति यहीं से तह होती है। इस रणनिति के तहत ही दरगाह का करोडो हजम हो जाता है।लेकिन अब की बार दरगाह प्रबंधतन्त्र ने ठेकेदारो से दरगाह का पूरा पैसा जमा करा कर इनकी रणनीति पर पानी फेर दिया। सूत्र बताते हैं कि नेताओ से अच्छे संम्बन्थ होने के कारण ही ठेको की पूरी रणनिति एक गैस्ट हाऊस पर बनाई जाती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि शूक्रवार को भी उसी एक गैस्ट हाऊस पर ठेको की रणनीति तह हो रही थी लेकिन ज्यादा पूल तह होने पर एक ठेकेदार बिफर गया फिर क्या था दो ठेकेदारो मे आपस मे तू-तू मैं-मैं हो गयी ओर मीटिंग में कूछ हल नहीं हो पाया यह मामल कलियर मे चर्चा का विषय बना हुआ है।


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