ऋषिकेश। मैती स्वयंसेवी संस्था ने सरकार द्वारा  परचून की दुकान में शराब की बिक्री  करवाए जाने को लेकर सरकार के निर्णय के विरुद्ध  उप जिलाधिकारी के माध्यम से  प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया  मैती संस्था के  संयोजक  कुसुम जोशी के नेतृत्व में  उप जिलाधिकारी  को  सोमवार को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि  मैती संस्था  उत्तराखंड के साथ साथ देश के कई अन्य राज्यों में पिछले कई वर्षों से शराब के दूरोपयोग के ख़िलाफ़ काम कर रही है। संस्था का उद्देश्य राज्य तथा देश की युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाना है। साथ ही महिलाओं को होने वाली परेशानीयो से मुक्त कराना है। इसके लिए संस्था राज्य के कई स्कूल एवं अन्य प्रांगणो में जा कर जन-जागरूकता कार्यक्रमों तथा रैलीयों द्वारा नशा ना करने का सदेंश देती है। समाज में फैली शादीयो में काक्टेल नामक व्याप्त बुराई के ख़िलाफ़ भी संस्था मुहिम चला रही है एवं इस तरह के आयोजनो को कम करने का प्रयास कर रही है।हाल ही में शराब को परचूनों की दुकानों से बिकवाने के सरकार के निर्णय को महिला अस्मिता विरोधी क़रार देती हैं। परचून की दुकानों से महिलायें एवं बच्चे रोज़मर्रा का समान ख़रीदते हैं। वहाँ के दरवाज़े शराबियों के लिए खोलना सीधे-सीधे महिलाओं का अपमान है तथा युवा पीढ़ी के लिए भी ख़तरनाक है। इस तरह के निर्णय से हमें गहरा धक्का लगा है। यदि सरकार ने परचून की दुकानों में शराब बिक़वाई तो महिलाए सड़क पर आंदोलन करने को मजबूर होंगी जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी मैती संस्था सरकार से महिलाओं एवं युवा पीढ़ी की भलाई हेतु सरकार से यह निर्णय बदलने का अनुरोध करती है। इस अवसर पर चंद्रकांता जोशी सहित अन्य महिलाएं भी उपस्थित थी

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