ऋषिकेश, 10 अप्रैल। सदी के प्र्रसिद्ध संगीत निर्देशक एवं पाश्र्वगायक आनन्द राज आनन्द अपने पूरे परिवार के साथ तथा किच्छा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री राजेश शुक्ला आज परमार्थ निकेतन पहुंचे उन्होने आश्रम पहुंच कर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
 संगीत निर्देशक एवं पाश्र्वगायक आनन्द राज आनन्द ने अनेक फिल्मों में अपना संगीत दिया। उन्होने मासूम, परदेशी बाबू, हद कर दी आपने, जिस देश में गंगा रहता है, कांटे, मुसाफिर, वेलकम जैसी अनेक फिल्मों को अपने संगीत से संवारा है। श्री आनन्द राज आनन्द जी द्वारा मस्ती फिल्म में गाया गया गीत ’दिल दे दिया है’ फिल्म जगत का सबसे रोमांटिक गीत माना जाता है। कामनवेेल्थ गेम 2010 के लिये  आनन्द राज आनन्द जी द्वारा रचित गीत को उद्घाटन समारोह में गाया गया था। उन्होने विगत वर्ष भी परमार्थ निकेतन की विश्व प्रसि़द्ध गंगा आरती में सहभाग कर ’गंगा तेरा पानी निर्मल’ गीत गाकर सबका मन मोह लिया था। 
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने आनन्द राज आनन्द जी से कहा कि पहाड़ पर अनेक प्रतिभायें विद्यमान है इन्हंे एक मौका चाहिये ताकि पहाड़ के युवा अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सके। स्वामी जी ने कहा कि संगीत और फिल्मों के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति, अध्यात्म, सुन्दरता और संस्कारों के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता का संदेश भी प्रसारित करना होगा इसके लिये लोगों को जागरूक करना होगा तभी हम स्वच्छ एवं स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर सकते है।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि ’संगीत के साज के साथ स्वच्छता के साज भी बजे तो जीवन उत्सव हो जायेगा। जीवन का प्रत्येक क्षण उत्सव है अतः प्रत्येक क्षण को खुशहाली के साथ व्यतीत करें। प्रकृति में हरियाली और जीवन में हो खुशहाली यही जीवन का मूल मंत्र। उन्होने कहा कि हमारे कर्म ऐसे हो कि जीवन एक मिसाल, एक उदाहरण बन जाये। इसके लिये ज्यादा कुछ नहीं बस खुद को तपाना होगा। इससे जीवन का हर कोना खिल उठेगा और जीवन के हर क्षण मंे हरियाली और खुशहाली होगी। स्वामी जी ने कहा कि स्वच्छता और संगीत चले साथ-साथ। 
आनन्द राज आनन्द ने पूज्य स्वामी महाराज द्वारा सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित हो रहे खुशहाली एवं हरियाली, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को प्रेरक बताते हुये कहा कि’ जब भी ऋषिकेश आना होता है तो परमार्थ गंगा आरती म आने का मन होता ही है और यहां आकर जो स्वर्गिक, दैविक, दिव्य आनंद प्राप्त होता है उसका वर्णन करना अनुभव से परे है; शब्दों से परे है इस पवित्र धाम में आकर मन मस्त हो जाता है। इस दिव्य भूमि पर पूज्य स्वामी जी के सानिध्य में आकर मन में आध्यात्मिक शान्ति का संचार हो रहा है। उन्होने कहा कि स्वामी जी द्वारा विभिन्न धर्मो के धर्मगुरूओं को एक मंच पर लाकर देश की जनता को स्वच्छता के प्रति जाग्रत करने का जो अभियान है यह हम सभी को मार्गदर्शन प्रदान करता है। उन्होने इस इण्टर फेथ अभियान की भूरि-भूरि प्रसंशा की। उन्होने कहा कि परमार्थ निकेतन एक पावन, पवित्र एवं मनोरम स्थान है। पवित्र गंगा एवं हिमालय की तलहटी में, इस दिव्य वातावरण में असीम आनन्द एवं शान्ति की परम अनुभूति होती है।’ 
आनन्द राज आनन्द ने परमार्थ निकेतन की दिव्य गंगा आरती एवं हवन में सहभाग किया। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने श्री आनन्द राज आनन्द को रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। 
 पूज्य स्वामी जी के साथ श्री आनन्द राज आनन्द जी व उनके परिवार ने विश्व के सभी व्यक्तियों को शुद्ध जल व शुद्ध प्राणवायु की उपलब्धता के लिये ’वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी’ सम्पन्न की।

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