देहरादून। राज्य निर्वाचन आयोग ने सूबे की टीएसआर सरकार पर निकाय चुनाव को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुबर्धन शाह ने दो टूक कहा कि सरकार निकाय चुनाव समय पर हों इसके लिए कतई गंभीर नहीं है। निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि वे  निकाय चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री से जुलाई 2017 से समय मांग रहे हैं लेकिन उन्हे आज तक इस बारे में मुलाकात का समय नही दिया गया।ये बात राज्य निर्वाचन आयुक्त सुबर्धन शाह ने प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि निकाय चुनाव को लेकर उनकी शहरी विकास मंत्री से भी कई बार बात हुई और उन्होंने उनसे कहा कि परिसीमन प्रक्रिया से निकाय चुनाव प्रभावित होंगे  लेकिन किसी ने उनकी नही सुनी और आज तक निकाय चुनाव को लेकर सरकार ने अब तक कुछ भी  ही किया। न परिसीमन पूरा हुआ और न आरक्षण तय हो पाया है।मीडिया को जानकारी देते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग ने 9 मार्च को निकाय चुनाव का एक कार्यक्रम  सरकार को भेजा था जिसमे सरकार से 2 अप्रैल तक अपना काम पूरा करने को कहा गया है,लेकिन अब  सरकार ने कहा कि9 अप्रैल तक वो अपना काम पूरा कर लेगी।  लेकिन आयोग को नही लगता सरकार 9 अप्रैल तक काम पूरा कर पायेगी इसलिए मजबूरन आयोग हाई कोर्ट जा रहाहै, आज सुनवाई है।वहीं उन्होंने कहा कि हमने सरकार को कहा कि हम वीवीपैट से चुनाव करवाना चाहते है इसके लिए  सरकार से 17 करोड़ रुपए मांगे लेकिन 17 पैसाभी नही मिला। राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार के निकाय चुनाव तय समय पर नही करवाना चाहती है लेकिन लोकतंत्र में चुनाव जरूरी है। आयोग ने कहा कि आयोग हर हाल में  4 मई से पहले निकाय चुनाव करवाना है।वहीं निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग ने तय समय पर निकाय चुनाव की पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन राज्य सरकार ने  परिसीमन का राग छेड़ दिया।वहीं मीडिया रिपोर्ट की माने तो शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि तीन दिन पहलेनिर्वाचन आयोग से चुनाव को लेकर बैठक की बात हुई थी लेकिन निर्वाचन आयोग ने कोई हामी नहीं भरी. हालांकि कौशिक ने ये भी कहा कि आयोग और सरकार दोनों की मंशा तय समय पर निकायचुनाव कराने की है.वहीं शहरी विकास मंत्री ने कहा कि आज कोशिश की जाएगी कि चुनाव की तारीख तय हो जाए।

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