प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में बाल विकास विभाग की समीक्षा की. उन्होंने कहा आंगनवाड़ी केन्द्रों को हाइटेक बनाया जाएगा. आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सुपरवाइजर को टैबलेट एवं एंड्रॉयड फोन से लैस किया जाएगा.
मंत्री ने कहा आंगनवाड़ी केन्द्रों को रजिस्टर मुक्त करके कार्यप्रणाली को हाइटेक किया जाए. इस सम्बन्ध में चार जनपदों उधमसिंह नगर, हरिद्वार, उत्तरकाशी एवं चमोली के लिए पायलट आधार पर राष्ट्रीय पोषण योजना की समीक्षा की.
पेपर लैस कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने कहा इन चार जनपदों में सभी कार्य ऑनलाइन किया जाए. इस योजना में सात हजार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सुपरवाइजर को टैबलेट और फोन दिया जाएगा. इस योजना में एक मोबाइल-एप के माध्यम से मोबाइल से कार्य होंगे. इन केन्द्रों पर कुपोषण मुक्ति, स्वास्थ्य सुविधा एवं पेयजल, शौचालय एवं प्रशिक्षण की सुविधा आंगनवाड़ी केन्द्रों में दी जाएगी.
विलेज हेल्थ सैनिटेशन-डे पर पेयजल, स्वास्थ्य ग्राम विकास एवं महिला बाल विकास से सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी एक स्थल पर एकत्र होकर आपसी समन्वय से उक्त समस्या का समाधान करेंगे. इस योजना को आन्दोलन के रूप में चलाया जाएगा. इस योजना से ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा समितियों को सक्रिय किया जाएगा.
बैठक में आर्य ने निर्देश दिया कि केन्द्र पोषित एवं राज्य योजना से सम्बन्धित सभी कार्य समय पर पूर्ण किये जाए और सटीक आंकड़े दिए जाए. बैठक में महिला सशक्तिकरण मिशन के स्थान पर महिला शक्ति केन्द्र के माध्यम से महिलाओं को सशक्त करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण एवं पोषाहार से सम्बन्धित जानकारी देने को कहा गया है. इसके अतिरिक्त प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र पर गुड्डा-गुड्डी बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया.
बैठक में प्रमुख सचिव, राधा रतूडी, निदेशक बाल विकास सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.


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