ऋषिकेश, 4 मई। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष पूूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और भारतीय इस्लामी विद्वान, पूर्व राज्यसभा सदस्य और जमीयत उलेमा ए हिन्द के राष्ट्रीय महासचिव हजरत मौलाना महमूद मदनी साहब के मध्य आज परमार्थ निकेतन आश्रम में सौहार्दपूर्ण भेंटवार्ता सम्पन्न हुई जिसमें कई क्रन्तिकारी फैसले लिये गये।
 आज की विशेष वार्ता में स्वामी जी महाराज और मौलाना मदनी साहब के मध्य वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कराने हेतु विशेष वार्ता हुई। जमीयत उलेमा ए हिन्द, गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन और ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस मिलकर देश के एक हजार से अधिक मदरसों में वृहद स्तर पर इस वर्ष वृक्षारोपण किया जायेगा। जिसमें हिन्दू एवं बौद्ध धर्म के धर्म के धर्मगुरू, इस्लामिक विद्वान, मौलाना और विभिन्न धर्मों के धर्मगुरू मिलकर ऋषिकेश से देवबन्द, रिस्पना के तट एवं अन्य शिक्षण एवं धार्मिक संस्थानों में वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत करने की योजना बनायी गयी ताकि छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के साथ धर्मनिरपेक्षता, साम्प्रदायिक एकता एवं सद्भाव का संदेश दिया जा सके। 
 महमूद मदनी साहब ने बताया कि ’’मिशन ग्रीन के तहत देश के एक हजार मदरसों में वृक्षारोपण अभियान चलाया जायेगा। प्रथम चरण में ऋषिकेश से देवबन्द,  द्वितीय चरण में देवबन्द से दिल्ली और तृतीय चरण में दिल्ली से अजमेर शरीफ दरगाह तक रास्ते में पड़ने वाले सभी मदरसों को हरियाली से युक्त किया जायेगा। इस अभियान से केवल दरख्त (वृक्ष) ही नहीं लगंेगे बल्कि शक और शुबहोेें की दीवारे भी गिरेगी तथा दरारे भी भरेगी साथ ही मुहब्बत का माहौल बनेगा। मुहब्बत से ही मुल्क बदलेगा। ये मदरसों से मुल्क की यात्रा है जो शुरू होगी ऋषिकेश से। आगामी समय में पूरे देश भर में हम ’अमन और एकता’ के लिये अनेक कार्यक्रम आयोजित कर रहे है जिसमें स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को विशेष रूप से आंमत्रित किया गया।’’
  जमीयत उलेमा ए हिन्द के किशनगंज, बिहार में आयोजित ’अमन और एकता’ महासम्मेलन जिसके विशेष अतिथि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज थे तथा इस सम्मेलन में ढाई लाख से भी अधिक मुस्लिम भाई, मौलाना, उलेमा, इमाम एवं भारतीय राजनीति से विधायक, सांसद, मंत्री एवं अनेक गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की थी और इस सम्मेलन द्वारा देश में अमन और एकता का नया माहौल पैदा हुआ आज उस क्षण को दोनों धर्मगुरूओं ने याद करते हुये कहा कि साम्प्रदायिक एकता स्थापित करने के लिये इस तरह के आयोजनों की नितांत आवश्यकता है। स्वामी जी महाराज ने कहा कि बिहार एवं वतन में लानी है बहार तो सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

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