स्वामी नारायण मानव कल्याण के लिए ही धरती पर अवतरित हुए: धर्माचार्य  पुष्पेंद्र प्रसाद
ऋषिकेश,17जून। स्वामीनारायण संप्रदाय के धर्माचार्य पुष्पेंद्र प्रसाद महाराज ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा मन से किये गये कार्य से ही भगवान की प्राप्ति होती है ,जब तक वह मन से कोई कार्य नहीं करेगा उसे कभी भी भगवान नहीं मिल सकते। यह विचार स्वामीनारायण संप्रदाय के धर्माचार्य पुष्पेंद्र प्रसाद महाराज ने रविवार को चंद्रेश्वर नगर में स्थित गंगा तट पर आयोजित स्वामीनारायण संप्रदाय से जुड़े  तमाम लोगों द्वारा आयोजित धर्म संसद के दौरान व्यक्त करते हुए कहा की भगवान कण- कण में विराजमान होते हैं परंतु उन्हें प्राप्त करने के लिए एक एकाग्र दृष्टि की आवश्यकता होती है। तभी भगवान प्राप्त होते हैं स्वामी नारायण को प्राप्त करने के लिए इसी प्रकार की दृष्टि की आवश्यकता है जो कि सभी के कल्याण मात्र के लिए हुए हैं उनका कहना था ।कि स्वामी नारायण भगवान को प्राप्त करने के लिए उन्होंने  6 मंत्र   दिए हैं जिसमें सर्वप्रथम मंदिर -भक्त- शास्त्र -संत - हरि भक्त- जीवात्मा का होना अत्यंत आवश्यक है। जो  इन सभी को अपने में धारण कर लेगा ।उसका कल्याण  स्वामीनारायण भगवान कर देते हैं क्योंकि जीव आत्मा का कल्याण ही भगवान के माध्यम से किया जा सकता है ।जो कि सर्व धर्म समभाव के अंतर्गत सभी के कल्याण की कामना करते हैं धर्माचार्य पुष्पेंद्र महाराज का कहना था कि भक्ति में ही शक्ति है और कलयुग में जो भक्ति करेगा उसी का कल्याण संभव है उन्होंने कहा कि   स्वामी नारायण ने विधर्मीयो का भी कल्याण किया है और उन्हें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है एक बार श्रद्धा पूर्वक उनका ध्यान करने से ही मानव मात्र का कल्याण हो जाता है इस दौरान भगवान श्री स्वामीनारायण की पूजा -आरती के बाद संतों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर स्वामी जयप्रकाश दास ,स्वामी हरिप्रसाद दास, जूनागढ़ स्वामी ऋषि चरण दास ,दिनेश ब्रह्मचारी कुंदन ,ब्रह्मचारी गोविंद , तेज बहादुर यादव, अरविंद यादव, श्याम बिहारी के अतिरिक्त पटेल जस भाई प्रभु दास, योगेश भाई पटेल गांव बोरोवली महाराष्ट्र ,लाल जी महाराज धर्म सिंह भाई महाराष्ट्र ,आशीष भाई मिश्र गांव थाना महाराष्ट्र पंकज भाई करिया देसाई रघु  भी उपस्थित थे।

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