देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 13 महिलाओं और किशोरियों को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया। जबकि 20 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तरीय 'आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। इस दौरान सीएम रावत ने कहा कि महिलाओं को मजबूत बनाकर ही समाज को आगे ले जाया जा सकता है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में हाईटेक सुविधाओं के साथ 500 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए कुछ लोग जमीन दान करने को आगे आए हैं। एक साल के भीतर इसकी कार्ययोजना तैयार कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
राज्य स्त्री तीलू रौतेली सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 महिलाओं और किशोरियों को राज्य स्त्री शक्ति 'तीलू रौतेली पुरस्कार' से सम्मानित किया। इसके अलावा बाल विकास विभाग में कार्यरत 20 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राज्य स्तरीय 'आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार' से नवाजा। तीलू रौतेली पुरस्कार के तौर पर 21 हजार और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के रूप दस हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हर साल वीरांगना तीलू रौतेली के जन्मदिन आठ अगस्त को यह सम्मान दिया जाएगा। इसमें हर जिले से अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला स्वास्थ्य को लेकर सरकार गंभीर है। ऐसे में प्रदेश स्तरीय जच्चा-बच्चा अस्पताल पर काम किया जा रहा है।
हालांकि, यह अस्पताल कहां बनेगा, इसे उन्होंने भविष्य में तय करने की बात कही। कहा कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ हाईटेक मशीनें स्थापित करने की भी योजना है। जल्द ही अस्पताल की कार्ययोजना जनता के सामने रखी जाएगी।
सीएम ने कहा कि समाज में सुधार के लिए दृढ़ संकल्प शक्ति और त्याग की भावना आवश्यक है। राज्य में पर्यावरण संरक्षण, समाज सुधार से लेकर राज्य निर्माण में मातृ शक्ति की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। तीलू रौतेली पुरस्कार समाज के लिए सर्वस्व त्याग करने वाली हमारी माताओं और बहनों को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित होने वाली सायरा बानो ने बहुत ही हिम्मत का परिचय देते हुए तीन तलाक के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ी है।


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