ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के फिजियोलॉजी विभाग द्वारा शनिवार दिनांक 28 जुलाई को एक सेमिनार एवम कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मेडिकल कॉलेजो में पढ़ाये जाने वाले विषय फिसियोलॉजी पाठ्यक्रम में सुधार विषय पर चर्चा होगी ।
इस कार्यशाला का उद्देश्य स्नातक ओर स्नाकोत्तर फिजियोलॉजी पाठ्यक्रम में आवश्यक सुधारों की आवश्कता पर चर्चा के लिए भारत के प्रतिष्टित फिजियोलॉजिस्ट, चिकित्सको और चिकित्सा छात्रों को एक मंच पर लाना है | इस आयोजन में 
फिजियोलॉजी पाठ्यक्रम में सुधारों की आवश्कता पर चर्चा की जाएगी,  जिसमें नैदानिक शरीर विज्ञान में नवीनतम विकास के प्रकाश में शिक्षण ओर सिखने के हर आयाम को शामिल करना है । व्यख्यान सत्र के बाद एक पैनल चर्चा भी होगी जिसमें प्रतिनिधियो को प्रश्न पूछने के साथ अपना दृष्टिकोण व्यक्त करने का मौका दिया जाएगा । साथ ही एक अभ्यास सत्र भी होगा जंहा प्रतिनिधि सक्रीय रुप से भाग ले सकेंगे ।
प्रतिभागियों के लिए सीएमई के विषय पर प्रकाश डालने वाले एक पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। व्यख्यान सत्र में शिक्षण में नई तकनीक के उपयोग ओर विकास की विस्त्रित वार्ता की जायेगी । 
छात्र को नैदानिक अभ्यास के अलावा अनुसंधान गतिविधियों में भाग लेने की महत्वपूर्ण सोच विकसित करना चाहिए । नए पाठ्यक्रम के उपयोग में यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र सीखें कि कैसे सिद्धान्त विकसित हो रहे है और नए सिद्धान्तों के साथ कैसे काम करना है ताकि वे पूरे करियर में उच्च स्तर पर काम कर सकें । पूरी गतिविधियों के अंत में, प्रतिनिधि एक फीडबैक फॉर्म भरेंगे ।
 इस अयोजन के लिए बड़ी संख्या में प्रतिनिधि पंजीकृत हुए । एम्स निदेशक प्रो रवि कांत के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की आयोजन समिति के पदाधिकारी इस प्रकार है, डॉ लतिका मोहन, फिजियोलॉजी विभाग कि प्रमुख आयोजन की अध्यक्षा है ।  डॉ प्रशांत पाटील सहाध्यक्ष है, डॉ पूर्वी कुलश्रेष्ठ अयोजन सचिव है , डॉ सुनीता मित्तल, डॉ अरुण गोयल ओर डॉ जयंती पंत वैज्ञानिक समिति के सदस्य है, डॉ राजेश काथरोटिया कोषाध्यक्ष है,डॉ। योगेश सिंह, डॉ मेघा ओर डॉ मंजू आतिथ्य समन्वयक हैं।

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