देहरादून प्रदेश की मलिन बस्तीवासियों को मालिकाना हक व बस्तियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर भारी बारिस के बीच हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम ने आज प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीतम सिह के नेतृत्व में कांग्रेस कमेटी कार्यालय से एक विषाल जुलूस निकाल कर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। कूच में नेता प्रतिपक्ष डाॅ0 इन्दिरा हृदयेश, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली के साथ आये हजारांें की संख्या में मलिन बस्तीवासियों ने केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए बारिस में भीगते हुए कूच में हिस्सेदारी की। 

    आज सुबह से ही बड़ी संख्या में मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग नारेबाजी करते हुए कांग्रेस मुख्यालय में एकत्रित होना शुरू हो गये थे। साढे 11 बजते-बजते कांग्रेस भवन में मलिन बस्तीवासियों का हुजूम इकट्ठा हो गया और मुख्यालय के बाहर सड़क तक भारी संख्या में मुख्यमंत्री आवास कूच में भाग लेने वाले एकत्रित हो गये। शहर की अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों मे बसी मलिन बस्तियों में बसे लोग हाथों में कांग्रेस का झण्डा व मालिकाना हक तथा नियमितीकरण की मांग की तख्तियां लिये लगातार कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ रहे थे। 
मुख्यालय में मलिन बस्तीवासियेां को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की त्रिवेन्द्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा सरकार गरीब व मलिन बस्तीवासियों की दुष्मन है। इस बाता का यह प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार द्वारा 10 अगस्त 2016 को मलिन बस्तियों के नियमितीकरण व मालिकाना हक तथा पुनर्वास के लिए कानून बनाने के बावजूद भाजपा सरकार के इशारे पर देहरादून प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन द्वारा हजारों मलिन बस्तीवासियो को अपने निर्माण हटाने अथवा सरकारी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी का नोटिस जारी कर अपनी मानसिकता स्पष्ट कर दी है। उन्होने कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों व मलिन बस्ती वालों के साथ रही है और जब कांग्रेस ने भाजपा सरकार के इस कुकृत्य का सड़कों पर विरोध करना शुरू किया और 28 जुलाई, को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया तो घबराकर हडबडी में सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर मलिन बस्तीवासियेां को गुमराह करने की कोशिश करी। श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि इस अध्यादेश में मलिन बस्तीवासियेां को 3 साल तक दण्डात्मक कार्रवाई से छूट दी है और उनके नियमितीकरण मालिकाना हक व पुनर्वास की कोई व्यवस्था प्रारम्भ करने की तिथि नहीं बताई है। श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा का यह अध्यादेश चुनावी अध्यादेश है जिसके माध्यम से वह निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव तक मलिन बस्तीवासियों के आक्रोश से बचने का प्रयास कर रही है। किन्तु आज देहरादून समेत राज्य की समस्त मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग भाजपा की गरीब विरोधी मानसिकता को समझ चुके हैं और इसीलिए आज 36 घण्टे की लगातार बारिस के बावजूद हजारों की संख्या में मलिन बस्तीवासी अपने हक की लड़ाई के लिए कांग्रेस के आह्रवान पर मुख्यमंत्री आवास कूच करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई यही नहीं रूकेगी मलिन बस्तियों में यदि कोई भी बुल्डोजर प्रवेश किया और एक भी मलिन बस्ती के मकान को तोड़ने का प्रयास किया तो कांग्रेस पार्टी जेल भरो समेत सड़कों पर उतर कर भाजपा सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लडेगी। 
सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष डाॅ0 इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि प्रदेश समेत पूरे देश में भूमिहीन व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बंजर भूमि व खाली पड़ी सरकारी भूमि पर बसाने का काम इन्दिरा जी के जमाने से शुरू हुआ और हमे गर्व है कि कांग्रेस पार्टी गरीबों को छत देने के साथ-साथ उनकी रक्षा करने की जिम्मेदारी हमेशा निभाती रही है। उन्होंने कहा कि प्रीतम सिंह जी के नेतृत्व में संगठन मलिन बस्तियों की लड़ाई सड़क पर लड़ रहा है और विधानमण्डल दल विधानसभा के अन्दर इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेगा। 
पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस देहरादून की किसी भी बस्ती को उजड़ने नहीं देगी। पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि मुझे कांग्रेस सरकार द्वारा मलिन बस्तियों के नियमितीकरण व पुनर्वास हेतु बनाई गई समिति के अध्यक्ष की जो जिम्मेदारी दी गई थी उस समिति के रिपोर्ट के आधार पर ही कांग्रेस सरकार ने 10 अगस्त 2016 को कानून बनाकर मलिन बस्तियों के मालिकाना हक का रास्ता खोल दिया था। आज राज्य की भाजपा सरकार ने जिस प्रकार से मलिन बस्तियों के खिलाफ कार्रवाई की है उससे मलिन बस्तियों में भारी आक्रोश है जो आज सड़कों पर प्रदर्शित हो रहा है। 
प्रदेश कंाग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व मलिन बस्ती विकास परिषद के अध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने कहा कि भाजपा मूलतः गरीब विरोधी है और हाल ही में मलिन बस्तियों के वासियों को जिस प्रकार से नेाटिस देकर धमकाने की कोशिश की गई उससे उसका असली चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 में भी भाजपा सरकार ने इस प्रकार का प्रयास किया था किन्तु तब मलिन बस्ती विकास परिषद ने इस लड़ाई को मजबूती से लड़कर मलिन बस्तियों को उजड़ने से बचाया था। 
पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व मंत्री मातवर सिंह कण्डारी, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, गोदवरी थापली, प्रभुलाल बहुगुणा, परवादून अध्यक्ष जयेन्द्र रमोला, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम नीनू सहगल, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने भी इस अवसर पर विचार व्यक्त किये। 

जुलूस में नेता प्रतिपक्ष डाॅ0 इन्दिरा हृदयेष, पूर्व प्रदेष अध्यक्ष किषोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेष अग्रवाल, मंत्री प्रसाद नैथानी, मातवर सिंह कण्डारी, प्रदेष उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, एस.पी. सिंह इन्जीनियर, प्रदेष महामंत्री संगठन विजय सारस्वत, डाॅ0 संजय पालीवाल, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेन्द्र षाह,  नवीन जोषी, प्रचार समन्वयक धीरेन्द्र प्रताप, षूरवीर सिंह सजवाण, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द षर्मा, गोदावरी थापली, राजेन्द्र भण्डारी, आनन्द रावत, प्रमोद कुमार सिह, अजय ंिसह, सुरेन्द्र रांगड़, जिलाध्यक्ष जयेन्द्र रमोला, यामीन अंसारी, प्रभुलाल बहुगुणा, प्रवक्ता डाॅ0 आर.पी. रतूड़ी, लखपत बुटोला, प्रदीप भट्ट, गरिमा दसौनी, भरत षर्मा, राजेष पाण्डे, महेष जोषी, गिरीष पुनेड़ा, महन्त विनय सारस्वत, राजेष षर्मा, राजेष चमोली, जिलाध्यक्ष जयेन्द्र रमोला, हिमांषु बिजलवाण, कलीम खान, संजय अग्रवाल, मास्टर सत्यपाल, आजाद अली, संजय भट्ट, देवेन्द्र सती, एस.पी. सिंह, अजय नेगी, ताहिर अली, नीनू सहगल, अषोक वर्मा, दीवान सिंह तोमर, मोहन भण्डारी, प्रदीप जोषी, राजीव महर्शि, दीप बोहरा, धर्म सिंह पंवार, प्रणीता बडोनी, षांति रावत, नवीन पयाल, संजय किषोर, कै0 बलवीर सिंह रावत, अमरजीत सिंह, देवेन्द्र बुटोला, जिला पंचायत सदस्य मेघ सिंह, रमेष चन्द, गिन्नी चैधरी, अभिनव थापर, सुन्दरी देवी, सुनील जायसवाल, सुनित राठौर, टीटू त्यागी, अषोक कोहली, जगदीष धीमान, कमलेष रमन, चन्द्रकला नेगी, पुश्पा पंवार, अनुराधा तिवारी, इमराना, संग्राम पुण्डीर, पूरण सिंह रावत, सूरत सिंह नेगी, ताबी खान, कंचन रांगड़, पंकज मेसोन, संजय षर्मा, सुनित राठौर, ष्याम सिंह चैहान, विषाल मौर्य, अरूण षर्मा, डाॅ0 विजेन्द्र पाल, अनूप कपूर, अष्वनी बहुगुणा, नवीन रमोला, राजीव केष्टवाल, दिनेष कौषल, नेमचन्द, अनुज दत्त षर्मा, सुधीर सुनेहरा, मनीष नागपाल, मंजू त्रिपाठी, नागेष रतूड़ी, योगेष षर्मा, संजय गुप्ता, सुधीर राय, संजय षर्मा, बाला षर्मा, पूनम कण्डारी, मोहन काला, हरविन्दर सिंह रतन, मालती देवी, राजीव केषवाल, अनिल गुप्ता, षोभा राम, बसन्त पन्त, भगत सिंह चैहान, आसीम देसाई, सोनू,, जटाषंकर श्रीवास्तव,, रूबि देवी, आदि सैकडों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।   

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