पिथौरागढ़: विगत तीन दिनों से हो रही बारिश का कहर सोमवार की रात्रि को मुनस्यारी, बंगापानी और धारचूला तहसीलों में टूटा। भारी वर्षा से हिमनगरी मुनस्यारी का हुलिया बदल गया। गैला गांव में एक महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई। रात भर 256 एमएम वर्षा के बाद खलिया से निकलने वाले नाले ने हिमनगरी में कहर बरपाया तो ऊफान पर आई गोरी नदी ने पांच करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पुल को बहा दिया।
सुरिंग में झूला पुल बह गया और एक माइक्रो हाइडिल निर्माणाधीन प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो गया। सेराघाट के पास दानीबगड़ का पैदल पुल भी बह गया। तहसील बंगापानी के सेराघाट क्षेत्र में हिमालयन हाइड्रो की एक बिजली परियोजना का बांध टूट गया। वहीं, चमोली जिले के जोशीमठ के पुलना गांव में बादल फटने से घरों में मलबा घुस गया। मौके पर कई वाहन भी भूस्खलन से मलबे में दब गए। गौरतलब है कि पुलना गांव हेमकुंड साहिब जाने के मार्ग पर स्थित है। यह जानकरी एसडीएम योगेंद्र सिंह ने दी है।
बांध क्षतिग्रस्त होने से ऊफान पर आई सेरा नदी अपने साथ दो वाहन, निर्माण सामग्री और एक पुल को बहा ले गई। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में नजंग और मालपा के पुल भी तेज बहाव की भेंट चढ़ गए। धारचूला तहसील के तहत टनकपुर-तवाघाट हाइवे में दोबाट के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे। जिसकी वजह से उच्च हिमालय क्षेत्र के लिए आवाजाही रोक दी गई है। 
मुनस्यारी के तल्ला जोहार से लेकर बंगापानी के बरम तक वर्षा ने अपना रौद्र रू प दिखाया। पूरे क्षेत्र में रात्रि एक बजे से लोग घरों से बाहर हो गए और तेज बारिश में खुले आसमान के नीचे मौसम के शांत होने की प्रार्थना करते रहे। लोगों के सजग रहने से जनहानि तो नहीं हुई, परंतु निवास करने वाले स्थान रहने योग्य नहीं रह चुके हैं। लोग घरों से बाहर खड़े रहे और उनके आशियाने टूटते और क्षतिग्रस्त होते रहे। मौसम के आगे वह लाचार नजर आए। मुनस्यारी, मदकोट, गिरगांव, सेराघाट, जाराजिबली, बरम, कनार, देवीबगड़ सहित अन्य स्थानों पर प्रकृति ने अपना तांडव दिखाया। मदकोट के देवीबगड़ स्थित पुलिस चौकी और पर्यटक आवास गृह मलबे से पट गए।

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