हरिद्वार। शिकायतकर्ता लखमीर सिंह द्वारा सतर्कता अधिष्ठान देहरादून मे इस आशय की तहरीर प्रस्तुत किया गया कि लखमीर सिंह पुत्र हरि सिंह निवासी पीतपुर तहसील व जनपद हरिद्वार का है प्रार्थी के पिता हरि सिह का दिनांक 25 जनवरी 2009को निधन हो गया था उनके नाम पैतृक कृषि भूमि लगभग 28 बीघा ग्राम पीतपुर मे है जिसे हम तीनो भाईयो मांगेराम, लखमीर सिंह, ऋषिपाल के नाम तहसील अभिलेखो मे दर्ज कराने हेतु हल्का लेखपाल धमेन्द्र यादव से मिला तो उसने कहा की तुम एक प्रार्थना पत्र तहसीलदार हरिद्वार के यहाॅ देकर मेरे लिए आॅडर करा दो मै तुम्हार काम करा दूगा प्रार्थी द्वारा दिनांक 31 मार्च 2009 को इस सम्बन्ध मे तहसीलदार हरिद्वार को प्रार्थना पत्र देकर पिता के नाम से कृषि भूमि तीनो भाईयों के नाम कराने की प्रार्थना की उन्होने उसी दिन मेरी दरखास्त मे राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को आख्या देने के आदेश करते हुयें मुझे दस्ती आॅडर दिया मै जब लेखपाल के पास इस काम के लिए गया तो उसने दरखास्त लेकर कहा कि जमीन ऐसी ही नाम नही चढती है, तुम मुझे 5,000 रूपये सुविधा शुल्क दो तभी तुम्हारा काम होगा। प्रार्थी ने कहाॅ कि मै गरीब आदमी हॅू पैसे किस बात के दूॅ तो उसने कहा कि तुम्हारा काम इतनी आसानी से नही होगा ऐसे आॅडर तो होते रहते है। प्रार्थी ने काफी खुशामद-दरामद की, वह नही माना बाद मे जब चलने लगा तो उसने कहा 2,000 रूपये तो देनें ही होंगे यदि काम करवाना है।
  शिकायतकर्ता लखमीर सिंह के प्रार्थना पत्र पर पुलिस अधीक्षक सतर्कता द्वारा विधिक रूप से ट्रैप टीम का गठन निरीक्षक राजीव ढंढरियाल  के नेतृृत्व मे किया गया व अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार यादव को मिलकपुर चुंगी प्राईवेट बस अड्डा रूडकी हरिद्वार से शिकायतकर्ता लखमीर सिंह से रिश्वत लेते हुयें रेगे हाथ गिरफ्तार किया गया। विवेचना के उपरान्त अभियुक्त धमेन्द्र कुमार यादव के विरूद्ध भ्र0नि0अधि0 की धारा-7/13(1)डी सपठित धारा-13(2)भ्र0नि0अधि0 1988 के अन्तर्गत आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया।
   विशेष न्यायाधीश भ्र0नि0अधि0 देहरादून श्री आर0के0 खुल्बे के न्यायालय ने विजिलेन्स की ओर से विशेष लोक अभियोजक जी0सी0 पंचौली द्वारा अभियोजन पक्ष रखते हुये 07 साक्षियों को परिक्षित न्यायालय कराया गया। अभियोजन की ओर से अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार यादव द्वारा लखमीर सिंह व उसके भाईयो के नाम जमीन दर्ज कराने की आख्या देने की ऐवज मे रिश्वत की मांग की व रिश्वती राशी का अभियुक्त से बरामद होना साबित करने मे अभियोजन के पक्ष को मा0 न्यायालय द्वारा साबित होने पर अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार यादव को धारा 7 में 04 वर्ष का सश्रम कारावास व 3,000/ रूपय अर्थ दण्ड़ तथा धारा 13(1)डी सपठित धारा-13(2) के अन्तर्गत 04 वर्ष का सश्रम करावास व 3,000/ रूपय अर्थ दण्ड़ व अर्थ दण्ड़ ना देने की स्थिति मे 01-01 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाते हुये दोनो सजाये साथ-साथ चलने के दण्ड से दण्डित किया।  विशेष लोक अभियोजक अधिकारी श्री जी0सी0 पंचौली द्वारा उक्त निर्णय को संतोषजनक बताते हुयें भ्रष्टाचार से सम्बन्धित आरोपो के निर्णय से समाज के हित सुरक्षित होगेें बताया। पुलिस अधीक्षक सतर्कता मुख्यालय श्री सेन्थिल अबुदई कृष्णराज एस द्वारा बताया गया कि भ्रष्टाचार से सम्बन्धित अपरोधो मे सतर्कता अधिष्ठान शिकायती प्रत्रो पर अभिलेखीय व इलैक्ट्रानिक साक्ष्य  के पश्यात ही कार्य कर रही है। तथा इन अपराधो पर कार्यवाही हेतु विज्ञानिक साक्ष्यो का भी सहारा लिया जा रहा है। निर्णय पर निदेशक सतर्कता आर0एस0 मीना द्वारा अपराध की पैरवी करने वाले सतर्कता अधिष्ठान के कर्मियो को 5000 रुपये प्रोत्साहन के रूप देने की घोषणा की है।

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