संस्था के जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर लाइसेंस होगा निरस्त
रिवर राफ्टिंग व पैरागलाड़िंग की नियामवाली मंजूर
देहरादून। प्रदेश की कैबिनेट में धर्मान्तरण स्वतंत्रता अधिनियम को लेकर चर्चा के बाद कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दे दी गई है। अगर कोई संस्था जबरन धर्मान्तरण कराती है और यह मामला सिद्ध हो जाता है तो उसका लाइसंेस निरस्त करने का प्राविधान किया गया है। हाईकोर्ट के प्रदेश में सहासिक खेलों जैसे रिवर राफ्टिंग, क्याकिंग व पैराग्लाइडिंग आदि पर पाबंदी लगा देने के कारण आर इसकी नियमावली में संशोधन को मंजूरी कर दी गयी है। अब एक जुलाई से 31 अगस्त तक ही राफ्टिंग पर पाबंदी रहेगी तथा पूरे साल ही राफ्टिंग जारी रहेगी।
कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि विधानसभा से पारित ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ के तहत नियमावली पर चर्चा की गई। कैबिनेट ने कुछ संशोधनों के साथ धर्मान्तरण स्वतंत्रता अधिनियम के तहत नियमावली को कुछ संशोधनों के साथ मंजूर कर दिया। नियम से अलग होने पर धार्मिक संस्था का लाइसेंस निरस्त करने का भी निर्णय लिया गया। इसके साथ ही रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग नियमावली भी संशोधन के साथ मंजूर हो गई तथा पैराग्लाइडिंग और पैरासेलिंग के लिए भी नियमावली मंजूर की गई। इससे साहसिक खेलों और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि एक माहपहले हाई कोर्ट द्वारा नियमावली न होने पर उत्तराखंड में साहसिक खेलों जैसे कि रिवर राफ्टिंग पैराग्लाइडिंग आदि पर पाबंदी लगा दी गई थी। इसके साथ ही रिवर राफ्टिंग करनेकी उम्र सीमा 14 से बढ़ाकर 65 कर दी गई है। पहले 14 से 60 साल तक के ही पर्यटक रिवर राफ्टिंग कर सकते थे। कैबिनेट ने पुलिस विभाग में आरक्षी और मुख्य आरक्षी नियमावली को भी मंजूरी दी गई। मुख्य आरक्षी में 50 प्रतिशत पदों पर 5 साल की सेवा के बाद पदोन्नति दी जा सकेगी। इसके साथ ही पुलिस विभाग के घुड़सवार सेवा नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है। पुलिस मोटर परिवहन शाखा की सेवा नियमावली भी मंजूर की गई। यू काॅस्ट कर्मचारियों को सतवें वेतनमान का लाभ दिए जाने का भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने बुधवार को आठ मामलों को मंजूरी दी है।


Post A Comment: