देहरादून: हाईकोर्ट के आदेश पर दून में शुरू हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान के 78वें दिन प्रेमनगर में अवैध बाजार ध्वस्त कर दिया गया। प्रदेश में अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। दूसरे शहरों में अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई नजीर के रूप में देखी जा रही है। इससे लोगों का कानून के प्रति भरोसा बढ़ा है।
हाई कोर्ट ने दून नगर निगम क्षेत्र में सड़क, फुटपाथ, नाली और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। शहर में 27 जून से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। अतिक्रमण चिह्नित करते हुए टीम जब प्रेमनगर बाजार पहुंची तो यहां पर सबसे ज्यादा अवैध निर्माण पाए गए। प्रशासन ने लाल निशान लगाए तो भाजपा और कांग्रेस के वर्तमान व पूर्व विधायकों से लेकर पार्टी नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया। प्रेमनगर पर बड़ी कार्रवाई के डर से सरकार को अध्यादेश तक लाना पड़ा।
इसका लाभ भी यहां नहीं मिल सका। ऐसे में 78 दिनों तक कई दौर की बैठकें चलीं। जनप्रतिनिधियों के दबाव से लेकर हाईकोर्ट के डर के बीच शहर के अधिकांश हिस्से में अतिक्रमण हटाने के बाद शुक्रवार को टास्क फोर्स ने प्रेमनगर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इससे पहले इस तरह की कार्रवाई घंटाघर के पास चकराता रोड पर बनी बॉटल नेक खोलने के लिए की गई थी। जबकि अन्य जनपदों में भी इस तरह की कार्रवाई आज तक नहीं हुई है।


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