देहरादून: राजभवन में राज्यपाल से भेंट करने के लिए अब पुष्प गुच्छ (बुके) लाने की जरूरत नहीं है। आगंतुक यदि चाहें तो सम्मान स्वरूप राज्यपाल को एक पुष्प भेंट कर सकते हैं। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के निर्देशों पर राजभवन ने सभी आगंतुकों से भविष्य में इसी परंपरा का निर्वहन करने का अनुरोध किया है। प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक मंचों पर उपहारों के लेन-देन पर रोक लगाने के बाद राजभवन की ओर से यह अहम निर्णय निर्णय लिया गया है।

अभी तक देखा यह गया है कि राजभवन में राज्यपाल से मिलने आने वाले आगंतुक बड़े-बड़े बुके लेकर आते हैं। अमूमन एक दो दिनों के बाद यह बुके किसी काम के नहीं रहते। माना जा रहा है कि इसी क्रम में राजभवन ने यह अनुरोध किया है। राजभवन की ओर से से जारी सूचना में कहा गया है कि आगंतुक मुलाकात के अवसर पर किसी प्रकार का पुष्प गुच्छ न लाएं। सम्मान स्वरूप आगंतुक एक पुष्प (फ्लावर बड) भेंट कर सकते हैं।

राजभवन का यह कदम प्रदेश में सरकार के मितव्ययता के संदेश को और पुख्ता कर रहा है। दरअसल, प्रदेश सरकार ने भी सार्वजनिक मंचों पर होने वाले कार्यक्रमों में उपहार के लेन-देन पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं अब इन कार्यक्रमों में स्वागत सीमा भी मात्र तीन मिनट तक ही सीमित कर दी है। इससे न केवल सरकारी मंचों उपहार के लेन देने की परंपरा पर रोक लगी है बल्कि स्वागत समारोह के नाम पर कीमती समय भी बरबाद होने से बचेगा। 

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