देहरादून: पहाड़-मैदान में मौसम ने फिर करवट ली है। चारधाम व हेमकुंड साहिब समेत चमोली व उत्तरकाशी जिले की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। जबकि, निचले इलाकों में बारिश से मौसम में ठंडक घुलने लगी है। मैदानी क्षेत्रों में भी भाबर व तराई समेत कई स्थानों पर जोरदार बारिश हुई। कुमाऊं में ऊंची चोटियों पर हिमपात और निचले स्थानों पर बारिश के चलते ठंड का अहसास होने लगा है। उधर, बारिश के चलते मलबा व बोल्डर आने से रुद्रप्रयाग-केदारनाथ हाइवे डोलिया देवी के पास और कुंड-चोपता-गोपेश्वर मंडल हाइवे सिरसोली में लगभग पांच घंटे बंद रहा। यमुनोत्री हाइवे भी मलबा आने से डाबरकोट में करीब चार घंटे बंद रहा।

चमोली जिले की ऊंची चोटियों पर लगातार तीसरे दिन भी बर्फबारी हुई है। निचले इलाकों में भी बारिश के बाद ठंडक शुरू हो गई है। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के अलावा जोशीमठ की ऊपरी चोटियों हाथी, घोड़ा, पालकी, नंदा देवी समेत अन्य चोटियों पर तीसरे दिन भी लगातार बर्फबारी हुई है। 

गोपेश्वर, जोशीमठ, बदरीनाथ धाम और अन्य सभी निचले इलाकों में शुक्रवार रात और शनिवार को भी दिनभर रुक-रुककर बारिश होती है। वहीं उत्तरकाशी में शुक्रवार देर रात से शनिवार को पूरे दिन बारिश रही। गंगोत्री और यमुनोत्री की पहाडिय़ों पर भी हिमपात हुआ। इससे गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में ठंड बढ़ गई है। उत्तरकाशी, चिन्यालीसौड़, बड़कोट, पुरोला और नौगांव में भी ठंड का असर देखा गया। लोगों ने गर्म कपड़े बाहर निकाले। गंगोत्री व्यापार मंडल के अध्यक्ष सत्तेंद्र सेमवाल ने बताया कि शुक्रवार शाम से ही गंगोत्री में बारिश का मौसम बन गया था। 

गंगोत्री की ऊंची पहाड़ि‍यों पर इस मौसम का दूसरा हिमपात हुआ है। पहला हिमपात बीते गुरुवार शाम को हुआ था। उधर श्रीनगर में शनिवार सुबह बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया। वहीं, नई टिहरी में बारिश के बाद शहर में घना कोहरा छा गया। जिले में सात मार्ग कोटी-जाख-ढखवाणगांव, घुत्तू-देवलंग, भटवाड़ा-कस्तल, ढुंग-खगोगी, धमातोली-चांजी, पाख-दोणी पल्ली, बुरंट बंद हो गए। 

सड़कों पर पानी जमा होने के कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पौड़ी में शनिवार सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। शाम को जरूर कुछ देर के लिए तेज बारिश हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 घंटे पौड़ी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने आइआरएस टीम के अलावा सभी एसडीएम, तहसीलदार व खंड विकास अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश हैं।

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