हरिद्वार: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने युवा पीढ़ी को आरक्षण के दंश से मुक्ति दिलाने और हिंदू समाज में बढ़ती जातिगत वैमनस्यता को रोकने के लिए जाति प्रथा समाप्त करने की वकालत की है। उन्होंने आरक्षण भी केवल आर्थिक आधार पर देने की ही बात कही। 

गुरुवार को हरिद्वार पहुंचे श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने दक्षिण काली मंदिर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि  प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण अक्षम्य अपराध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से इस पर कठोर कानून बनाना चाहिए। जिसमें आजीवन कारावास का प्रावधान हो। कहा कि 20 सितंबर को इलाहाबाद में होने वाली अखाड़ा परिषद की बैठक में इस बाबत प्रस्ताव पारित कर संतों का प्रतिनिधिमंडल उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेगा। 

श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि राम मंदिर को लेकर अखाड़ा परिषद व विहिप में वार्ता हो चुकी है। 2019 में इलाहाबाद में होने वाले अद्र्धकुंभ मेले के दौरान संत समाज मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाए जाने की मांग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी फर्जी संत, स्वयंभू शंकराचार्य या किन्नर अखाड़े को अखाड़ा परिषद मान्यता नहीं देगा। 

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