संघ प्रमुख मोहन भागवत के आज से शुरू हो रहे तीन दिवसीय व्याख्यानमाला से विपक्षी दलों के दिग्गज दूरी बनाए रखेंगे। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए संघ की ओर से भेजे गए न्योते का टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, बसपा प्रमुख मायावती, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्जिवय सिंह ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।
हालांकि 30 देशों के राजदूत, चार पूर्व सेना प्रमुख, कई धार्मिक दलों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने संघ का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक बड़े विपक्षी चेहरों में से अब तक किसी ने कार्यक्रम में शामिल होने पर हामी नहीं भरी है। हालांकि कई दलों ने मुखिया ने अपनी जगह अपना प्रतिनिधि भेजने की बात कही है। खास बात यह है कि कार्यक्रम में सभी धर्मों के नेताओं ने आने पर हामी भरी है।
कार्यक्रम में पहले दो दिन संघ प्रमुख विभिन्न विषयों पर संघ का विचार सामने रखेंगे। अंतिम दिन कार्यक्रम में आमंत्रित हस्तियां विभिन्न विषयों से जुड़ा सवाल कर सकेंगी। यह पहला अवसर होगा जब संघ प्रमुख न सिर्फ एक ही स्थान पर लगातार तीन दिनों तक एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। साथ ही चर्चित हस्तियों के सवालों का जवाब देंगे। माना जा रहा है संघ ने विभिन्न मुद्दों पर अपने खिलाफ बनी प्रतिकूल धारणा को खत्म करने के लिए ऐसे आयोजन की रणनीति बनाई है।


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