ऋषिकेश 15 सितम्बर। परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आयोजित नेशनल यूनियन ऑफ जनर्लिस्ट इंडिया के दो दिवसीय सम्मेलन में देश के प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल एवं चिदानंद मुनि जी महाराज द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में आयोजित नेशनल जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ इंडिया कार्यकारिणी सम्मेलन के दौरान इलेक्ट्रानिक, प्रिन्ट और ऑनलाइन मीडिया के बड़े पत्रकारों द्वारा अपने वक्तव्य रखे गये। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकारिता एक पेशा नहीं है बल्कि यह तो जनता की सेवा का माध्यम है । पत्रकारों को केवल घटनाओं का विवरण ही पेश नहीं करना चाहिए, आम जनता के सामने उसका विश्लेषण भी करना चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारों पर लोकतांत्रिक परम्पराओं की रक्षा करने और शांति एवं भाईचारा बनाए रखने की भी जिम्मेदारी आती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अखबारों, पोर्टलों, इलेक्ट्रॉनिक चैनलों ने गांवों तक प्रवेश करके आम जनमानस को ताकतवर बनाया है। उन्होने कहा कि पिछले कुछ सालों से सोशल मीडिया सभी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है। जिसके सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों ही परिणाम देखने को मिले है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के संस्थापक चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि पत्रकारिता व्यवसाय नहीं बल्कि एक समाजसेवा और ईश्वरीय कार्य करने का सशक्त माध्यम मानी गयी है। पत्रकारिता समाज में ऊर्जा भरने का एक आक्रामक साधन है।
सम्मेलन में नेशनल यूनियन ऑफ जनर्लिस्ट इंडिया के अध्यक्ष अशोक मलिक, उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा, राष्ट्रीय महामंत्री मनोज वर्मा, कोषाध्यक्ष राकेश आर्य, उत्तराखंड प्रदेश के महामंत्री रविंद्र नाथ कौशिक, बृजेंद्र हर्ष, संपादक हितेश शंकर, सतीश जोशी, कार्यक्रम के संयोजक सुनील दत्त पांडे, अवधेश शिवपुरी, मनोहर सिंह, दीपक कुकरेजा, गढ़वाल प्रभारी नागेंद्र उनियाल, सुभाष कुकरेती आदि लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन बृजेश हर्ष ने किया।
परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में आयोजित नेशनल जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ इंडिया कार्यकारिणी सम्मेलन के दौरान इलेक्ट्रानिक, प्रिन्ट और ऑनलाइन मीडिया के बड़े पत्रकारों द्वारा अपने वक्तव्य रखे गये। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकारिता एक पेशा नहीं है बल्कि यह तो जनता की सेवा का माध्यम है । पत्रकारों को केवल घटनाओं का विवरण ही पेश नहीं करना चाहिए, आम जनता के सामने उसका विश्लेषण भी करना चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारों पर लोकतांत्रिक परम्पराओं की रक्षा करने और शांति एवं भाईचारा बनाए रखने की भी जिम्मेदारी आती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अखबारों, पोर्टलों, इलेक्ट्रॉनिक चैनलों ने गांवों तक प्रवेश करके आम जनमानस को ताकतवर बनाया है। उन्होने कहा कि पिछले कुछ सालों से सोशल मीडिया सभी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है। जिसके सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों ही परिणाम देखने को मिले है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के संस्थापक चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि पत्रकारिता व्यवसाय नहीं बल्कि एक समाजसेवा और ईश्वरीय कार्य करने का सशक्त माध्यम मानी गयी है। पत्रकारिता समाज में ऊर्जा भरने का एक आक्रामक साधन है।
सम्मेलन में नेशनल यूनियन ऑफ जनर्लिस्ट इंडिया के अध्यक्ष अशोक मलिक, उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा, राष्ट्रीय महामंत्री मनोज वर्मा, कोषाध्यक्ष राकेश आर्य, उत्तराखंड प्रदेश के महामंत्री रविंद्र नाथ कौशिक, बृजेंद्र हर्ष, संपादक हितेश शंकर, सतीश जोशी, कार्यक्रम के संयोजक सुनील दत्त पांडे, अवधेश शिवपुरी, मनोहर सिंह, दीपक कुकरेजा, गढ़वाल प्रभारी नागेंद्र उनियाल, सुभाष कुकरेती आदि लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन बृजेश हर्ष ने किया।

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