ऋषिकेश। नागालैंड के राज्यपाल वी पी आचार्य के ऋषिकेश भ्रमण कार्यक्रम के दौरान उन्हें आज गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजे नेगी ने को प्रदेश की लोकभाषा की पहली आखर ज्ञान पुस्तक एवं कैलेंडर के साथ ही उनको अंगवस्त्र एवं साईं बाबा का चित्र भेंटकर स्वागत और सम्मान किया।अपने निजी दौर के अनुसार आज ऋषिकेश पहुँचे। राज्यपाल आचार्य ने राम झूला, लक्षमनझुला, शत्रुघन घाट घूमने के पश्चात संध्या कालीन त्रिवेणी घाट गंगा आरती में पहुंचकर मां गंगा का आश्रीवाद प्राप्त किया।शाम को मुनि की रेती स्तिथ गढ़वाल विकास निगम के गंगा रिजॉर्ट के आडिटोरियम हाल में राज्यपाल आचार्य जी एवं उनकी धर्मपत्नी ने गढ़वाली फीचर फिल्म बॉडीगे गंगा देखी और साथ ही रात्रि भोज में पहाड़ी व्यंजन का भी लुप्त उठाया। गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजे नेगी
ने बताया कि महामहिम ने अपने ऋषिकेश दौरे के दौरान यहां की लोकभाषा एवं संस्कृति के प्रति अपनी रुचि जाहिर की थी
जिसके तहत गंगा रिजॉर्ट में बने आडिटोरियम हाल में उनको गढ़वाली फिल्म बॉडीगे गंगा दिखाई गई।उन्होंने फिल्म देखने के बाद फिल्म के निर्माता निर्देशक अनिरुद्ध गुप्ता को शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां से मां गंगा का उदगम स्थल भी है यहां की प्राकृतिक सुंदरता एवं संस्कृति अपनी और आकर्षित करती है तीर्थटन एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां अपार संभावनाएं है।उन्होंने डॉ नेगी द्वारा उड़ान स्कूल में स्कूली बच्चो को लोकभाषा सिखाए जाने हेतु बधाई देते हुवे कहा कि हमारी बोलीभाषा एवं संस्कृति ही हमारी पहचान है।उन्होंने स्कूली शिक्षा में आंचलिक भाषा की अनिवार्यता को प्राथमिकता देने की बात कही। डॉ नेगी ने राज्यपाल को कल अपने निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान स्कूल मायाकुंड में आने का आमंत्रण भी किया।इस अवसर पर राज्यपाल के ए डी सी विकास रमोला, गढ़वाल महासभा के प्रदेश महामंत्री उत्तम सिंह असवाल,समाजसेवी कमल सिंह राणा,उषा गुप्ता,एशियन मेमोरी चैंपियन प्रतीक यादव,गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर चित्रकार राजेश चंद्रा उपस्थित थे।
ने बताया कि महामहिम ने अपने ऋषिकेश दौरे के दौरान यहां की लोकभाषा एवं संस्कृति के प्रति अपनी रुचि जाहिर की थी
जिसके तहत गंगा रिजॉर्ट में बने आडिटोरियम हाल में उनको गढ़वाली फिल्म बॉडीगे गंगा दिखाई गई।उन्होंने फिल्म देखने के बाद फिल्म के निर्माता निर्देशक अनिरुद्ध गुप्ता को शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां से मां गंगा का उदगम स्थल भी है यहां की प्राकृतिक सुंदरता एवं संस्कृति अपनी और आकर्षित करती है तीर्थटन एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां अपार संभावनाएं है।उन्होंने डॉ नेगी द्वारा उड़ान स्कूल में स्कूली बच्चो को लोकभाषा सिखाए जाने हेतु बधाई देते हुवे कहा कि हमारी बोलीभाषा एवं संस्कृति ही हमारी पहचान है।उन्होंने स्कूली शिक्षा में आंचलिक भाषा की अनिवार्यता को प्राथमिकता देने की बात कही। डॉ नेगी ने राज्यपाल को कल अपने निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान स्कूल मायाकुंड में आने का आमंत्रण भी किया।इस अवसर पर राज्यपाल के ए डी सी विकास रमोला, गढ़वाल महासभा के प्रदेश महामंत्री उत्तम सिंह असवाल,समाजसेवी कमल सिंह राणा,उषा गुप्ता,एशियन मेमोरी चैंपियन प्रतीक यादव,गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर चित्रकार राजेश चंद्रा उपस्थित थे।


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