ऋषिकेश। ऋषिकेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आज छोटी दीपावली को गढ़वाल के प्रमुख त्योहार *"बग्वाल"* के रूप में मनाया गया।
शहर से सटे तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही पर्व की तैयारियां शुरू हो गई थी। ग्रामीणों द्वारा अपने घरों में अपने मवेशियों गायों को नहलाकर पूजा अर्चना कर उनको मंडुवे एवं चावल से बनी पकवान(बाडी) का भोग लगाया गया।साथ ही गाय माता के सिंगो में सरसों का तेल लगाकर,फूलमाला डालकर उनको सजाया गया।गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष समाजसेवी डॉ राजे नेगी ने बताया कि पहाड़ में छोटी दिवाली को बग्वाल पर्व के रूप में एवं दीपावली के ठीक ग्यारह दिन बाद ईगास बग्वाल पर्व के रूप में मनाया जाता है। डॉ नेगी ने बताया कि इस दिन रक्षा बन्धन पर हाथ पर बंधे रक्षासूत्र को गाय की बछड़ी की पूंछ पर बांधकर अपनी मन्नत पूरी होने हेतु आश्रीवाद लिया जाता है। पहाड़ में बग्वाल एवं गोवर्धन पूजा दोनों ही दिन गाय माता की पूजा कर उनको पूरी,पकोड़े, स्वाले,चावल एवं मंडेव से बने पकवान का भोग लगाकर उनका आर्शीवाद लिया जाता है। डॉ नेगी ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील करते हुवे देश के लिए बलिदान देने वाले उत्तराखंड ऋषिकेश के वीर अमर शहीद जवान विकास गुरंग, हमीद सिंह पोखरियाल एवं प्रदीप रावत की याद में अपने अपने घरो के आंगन में सादगीपूर्ण तरीके से प्रदूषण रहित दीपावली मनाते हुवे दीपक जलाने की बात कही।
शहर से सटे तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही पर्व की तैयारियां शुरू हो गई थी। ग्रामीणों द्वारा अपने घरों में अपने मवेशियों गायों को नहलाकर पूजा अर्चना कर उनको मंडुवे एवं चावल से बनी पकवान(बाडी) का भोग लगाया गया।साथ ही गाय माता के सिंगो में सरसों का तेल लगाकर,फूलमाला डालकर उनको सजाया गया।गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष समाजसेवी डॉ राजे नेगी ने बताया कि पहाड़ में छोटी दिवाली को बग्वाल पर्व के रूप में एवं दीपावली के ठीक ग्यारह दिन बाद ईगास बग्वाल पर्व के रूप में मनाया जाता है। डॉ नेगी ने बताया कि इस दिन रक्षा बन्धन पर हाथ पर बंधे रक्षासूत्र को गाय की बछड़ी की पूंछ पर बांधकर अपनी मन्नत पूरी होने हेतु आश्रीवाद लिया जाता है। पहाड़ में बग्वाल एवं गोवर्धन पूजा दोनों ही दिन गाय माता की पूजा कर उनको पूरी,पकोड़े, स्वाले,चावल एवं मंडेव से बने पकवान का भोग लगाकर उनका आर्शीवाद लिया जाता है। डॉ नेगी ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील करते हुवे देश के लिए बलिदान देने वाले उत्तराखंड ऋषिकेश के वीर अमर शहीद जवान विकास गुरंग, हमीद सिंह पोखरियाल एवं प्रदीप रावत की याद में अपने अपने घरो के आंगन में सादगीपूर्ण तरीके से प्रदूषण रहित दीपावली मनाते हुवे दीपक जलाने की बात कही।


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