देहरादून। उत्तराखंड के पौड़ी की जिंदा जलाई गई छात्रा ने दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में दम तोड़ दिया । छात्रा बीते 7 दिन से अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी।
बता दें कि रविवार 16 दिसंबर को केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर के द्वितीय वर्ष की छात्रा देर शाम कॉलेज से प्रेक्टिकल देकर घर लौट रही थी. तभी रास्ते में आरोपी मनोज ने छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा के ऊपर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। इस दौरान लड़की 70 प्रतिशत जल गई थी।
छात्रा को पहले इलाज के लिये जिला चिकित्सालय पौड़ी में भर्ती कराया गया. फिर गंभीर हालत को देखते हुये उसे श्रीनगर हाई सेंटर रेफर किया गया. इसके बाद उसे ऋषिकेश एम्स लाया गया । बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत छात्रा को देखने अस्पताल पहुंचे जिसके बाद सीएम के आदेश पर पीड़िता को दिल्ली सफदरगंज भेजा दिया गया। 70 प्रतिशत जली छात्रा को बचाने की कोशिश हुई लेकिन 7 दिन तक मौत से जंग लड़ने के बाद जिन्दगी हार गई।
बता दें कि रविवार 16 दिसंबर को केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर के द्वितीय वर्ष की छात्रा देर शाम कॉलेज से प्रेक्टिकल देकर घर लौट रही थी. तभी रास्ते में आरोपी मनोज ने छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा के ऊपर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। इस दौरान लड़की 70 प्रतिशत जल गई थी।
छात्रा को पहले इलाज के लिये जिला चिकित्सालय पौड़ी में भर्ती कराया गया. फिर गंभीर हालत को देखते हुये उसे श्रीनगर हाई सेंटर रेफर किया गया. इसके बाद उसे ऋषिकेश एम्स लाया गया । बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत छात्रा को देखने अस्पताल पहुंचे जिसके बाद सीएम के आदेश पर पीड़िता को दिल्ली सफदरगंज भेजा दिया गया। 70 प्रतिशत जली छात्रा को बचाने की कोशिश हुई लेकिन 7 दिन तक मौत से जंग लड़ने के बाद जिन्दगी हार गई।

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