ऋषिकेश।  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के इंटरवेंशन रेडियोलॉजी विभाग के चिकित्सकों द्वारा लीवर सिरोसिस व पोर्टल हाईपरटेंशन की बीमारी से ग्रसित एक अधेड़ महिला का अत्याधुनिक तकनीक से सफलता पूर्वक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार इस बीमारी से न सिर्फ रोजमर्रा की परेशानी होती है बल्कि अनदेखी करने पर कई दफा यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि इस बीमारी के लिए कारगर अत्याधुनिक पार्टो तथा बीआरटीओ  तकनीक फिलहाल उत्तराखंड में किसी भी सरकारी न निजी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि संस्थान का उद्देश्य रोगियों को वल्र्ड क्लास स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना है। एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि इसके लिए संस्थान में आधुनिकतम तकनीक को जुटाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे रोगियों को इलाज के लिए राज्य से बाहर के अस्पतालों में परेशान नहीं होना पड़े।  संस्थान के इंटरवेंशन रेडियोलाजी विभाग के चिकित्सक डा.उदित चौहान ने बताया कि बिजनौर निवासी 50 वर्षीय महिला लीवर सिरोसिस व पोर्टल हाईपरटेंशन की बीमारी से ग्रसित थी। कई अस्पतालों में उपचार के बाद जब वह स्वस्थ नहीं हुई तो एम्स में इलाज के लिए आई।उन्होंने बताया कि महिला का पार्टो तथा बीआरटीओ अत्याधुनिक तकनीक से उपचार किया गया। बताया कि इजसमें मरीज को कम से कम दर्द में जांघ की एक नस में छोटी सी सुई की मदद से बिना किसी टांके के यह इलाज किया जाता है। चिकित्सकों के अनुसार एल्कोहल अथवा इन्फेक्शन जन्य सिरोसिस बीमारी से ग्रस्त मरीजों को अमूमन भोजन नली तथा आंतों में खून की नसों के गुच्छे बन जाने की तकलीफ से जूझना पड़ता है। ऐसे में रोगी को आए दिन मुहं तथा गुदा के रास्ते रक्त स्राव की शिकायत रहती है। बताया कि रोजमर्रा की यह परेशानी अनदेखी करने पर कई बार जानलेवा भी साबित हो जाती है, लिहाजा रोगी को इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। चिकित्सकीय दल में डा.उदित, डा.पंकज शर्मा, डा.आशीष आदि शामिल थे।

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