ऋषिकेश,09 जनवरी। वन पंचायत संघर्ष मोर्चे द्वारा ऋषिकेश के गढवाल मंडल के वन गुजर ओर वन टोंगिया गांव के लोगों के साथ वन अधिकार कानून 2006 के मुद्दे पर एक दिवसीय गोष्टी का आयोजन किया गया। देहरादून मार्ग पर स्थित एक होटल में आयोजित गोष्ठी में विगत 28 दिसंबर को देहरादून में हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन की समीक्षा की गई। गोष्टी को संबोधित करते हुए वज़ीर चोपड़ा ने सूचित किया कि एक वर्ष से भी अधिक समय से जिला वन समिति हरिद्वार द्वारा उनके दावों का निस्तारण नही किया जा रहा है। कुनांंव गांव से आये मीर हमजा ने कहा की गौहरी रेंंज के गूजरोंं को विस्थापन की कार्यवाही पर पार्क प्रसासन द्वारा वन मंत्री के आदेश के बावजूद कोई कार्यवाही नही की गई है। वन गाँव कमल नगर और पुरुषोत्तम नगर के के निवासियो द्वारा भी उनके दावों पर रोक लगाने की बात कही गयी। गेंड़ी खत्ता से आये फैजान ने बस्ती में भी इस कानून को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।अखिल भारतीय किसान शभा के सुरेंद्र सिंह सजवाण ने वन गूजरों की समस्याओ पर विस्तार से बात रखते हुए उनके संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का आस्वासन दिया। सभा को गोपाल लोधियाल, मोहन और सिद्धार्थ ने भी सम्भोधित किया। टोंगिया गांव के आज़ाद ने बताया कि जहाँ एक ओर उत्तर प्रदेश के टोंगिया गांंव को राजस्व गांव बनाने की प्रिक्रिया आरम्भ हो गयी है ।वही उत्तराखंड में सरकार वन निवासियों के अधिकारों पर मोन है।गोष्टी को संबोधित करते हुए वन पंचायत संघर्ष मोर्चे के संयोजक तरुण जोशी ने कहा कि जिस तरह कुमाऊं मंडल में सभी वन गांव और गुजर बस्तियों के दावे भरे जा चुके है उसी तरह गढ़वाल मंडल में भी दावे भरे जाने की आवश्यकता है।उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में वन अधिकार कानून के कार्यान्वय पर एक रिपोर्ट मोर्चे द्वारा तैयार करायी गयी है, जिसे शीघ्र ही राष्ट्रीय जन जाती आयोग को सोंपा जाएगा, और इस कानून को राज्य में लागू कराने की मांग की जायेगी।
इस तरह की गोष्ठियों को अन्य स्थानो पर भी आयोजित करने और दावे भरने के लिए ब्यापक मुहिम चलाने का निर्णय भी लिया गया।
इस तरह की गोष्ठियों को अन्य स्थानो पर भी आयोजित करने और दावे भरने के लिए ब्यापक मुहिम चलाने का निर्णय भी लिया गया।

Post A Comment: