नई दिल्ली : केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजनीतिक दलों के नेताओं के द्वारा हाल फिलहाल में दिए गए विवादित बयानों पर खुलकर अपनी राय रखी है। हाल ही में सपा नेता के महिला विरोधी टिप्पणी की शिकार हुई बीजेपी उम्मीदवार और एक्टर जया प्रदा का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने दो टूक कहा कि नेताओं को महिला से जुड़े मुद्दों पर बात करने से पहले अपने दिमाग का इस्तेमाल कर लेना चाहिए।
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीतारमण ने कहा कि 100 फीसदी सत्य है कि महिलाओं पर निशाना साधना हमेशा से आसान रहा है। महिलाओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी जो उस बातचीत का हिस्सा ही नहीं है, मुझे लगता है ये चीजें आसानी से बिना सोचे समझे कर ली जाती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि हम सभी को कुछ बोलने से पहले अपने सोच विचार कर लेना चाहिए। कम से कम सार्वजनिक स्थल पर ऐसी बात करने से पहले अपने दिमाग का इस्तेमाल कर लेना चाहिए। बता दें कि हाल ही में जया प्रदा और अन्य महिला नेताओं पर दूसरे पुरुष नेताओं के द्वारा किए गए आपत्तिजनक टिप्पणियों पर केंद्रीय मंत्री बोल रही थी।    
क्या कहा था सपा नेता ने
बता दें कि रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान ने एक पब्लिक रैली में कहा था कि मैं जया को रामपुर लेकर आया। आप गवाह हैं कि मैंने किसी और को उनकी बॉडी टच करने की इजाजत नहीं दी। आपको उनका असली चेहरा पहचानने में 17 साल लग गए लेकिन मैं 17 दिनों में जान गया कि वह खाकी अंडरवेयर पहनती हैं। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नेताओं को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। हमें एक लाइन खींचनी होगी। पार्टी की बात छोड़ दें तो हम सबने अच्छी बोलचाल की भाषा सीखी हुई है। जब हम राजनीति के बारे में बात कर रहे हैं तो यह हमारे दिमाग में होना चाहिए कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए हम कैसे उदाहरण छोड़ कर जा रहे हैं क्योंकि हम इसके प्रति उत्तरदायी रहना है। 
गौरतलब है कि जया प्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के खिलाफ सपा नेता आजम खान पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हालांकि सपा नेता ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने भाषण में किसी का नाम नहीं लिया था। 
घायल शशि थरूर से मुलाकात पर कहा-
तिरुवनंतपुरम के अस्पताल में भर्ती कांग्रेस सांसद शशि थरूर से मुलाकात के सवाल पर सीतारमण ने कहा कि हां वे अस्पताल में भर्ती बीमार शशि थरूर से मिलने के लिए गई थी। चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर में पूजा करते हुए वे बुरी तरह जख्मी हो गए थे। 
इसलिए मैंने सोचा कि अस्पताल में जाकर उन्हें मिलकर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करुं।

वहां जाने से पहले मैंने अपनी पार्टी के ही किसी को सूचित नहीं किया। एयरपोर्ट लौटते हुए मैंने बस सोचा कि उनसे जाकर मिल लूं इतनी सी बात है। बता दें कि चुनावी प्रचार में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच सीतारमण का थरूर से मिलने की सोशल मीडिया पर खूब सराहना मिल रही है। 

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