विजलैंस टीम ने किया गिरफ्तार
देहरादून। नैनीताल के रामनगर वन प्रभार में गलत तरीके से सीज किये गये डंपरों को छोड़ने की एवज में दो लाख की रिश्वत मांग रहा वन दारोगा को विजलैंस की टीम ने एक लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजलैंस की टीम वन दारोगा से पुछताछ में जुटी हुई है। टीम वन दारोगा की संपत्ति की भी जांच कर रही है।
एसपी विलितेंस अमित श्रीवास्तव की टीम ने एक वन दारोगा शैलेन्द्र चैहान को एक लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भष्ट्राचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी दारोगा को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जायेगा। सतर्कना निदेशक ने टीम के उत्साहवर्धन के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा की।
सतर्कता निरीक्षक राम सिंह मेहता के नेतृत्व में गठित ट्रैप टीम ने मंगलवार को गुलजारपुर वन चैकी तराई पश्चिम वन प्रभाग रामनगर में तैनात वन दारोगा शैलेन्द्र चैहान पुत्र भारत सिंह निवासी पट्टी चैहान, जसपुर जनपद ऊधमसिंह नगर को रंगे हाथों एक लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रामनगर भवानी गंज चैराहे से गिरफ्तार कर लिया। उसके विरूद्ध रामनगर के रहने वाले फईम अहमद ने पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर नैनीताल के हल्द्वानी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके व साथी नियाज अली के डम्पर बीती सात मार्च को अंदर जाने का टोकन होने के बावजूद बंजारी गेट रामनगर के अंदर वन विभाग की टीम ने गलत तरीके से सीज किये थे। उसके बाद जब वह और नियाज वाहन छुड़वाने के लिए रेंजन से मिले तो उन्होंने वन दारोगा शैलेन्द्र चैहान से मिलने को कहा। दारोगा शैलेन्द्र चैहान ने उच्चाधिकारियों का हवाला देकर डंपर छोड़ने के लिए दो लाख रूपये की मांग की थी। इस शिकायत के जांच करने पर तथ्य सही पाए जाने पर विजिलेंस ने मंगलवार को कार्रवाई की।

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