ऋषिकेश,02अप्रैल। एम्स प्रशासन द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बहाली के नाम पर अभी भी कर्मचारियों को गुमराह कर रहा है। यह आरोप उत्तराखंड जन विकास मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने एम्स प्रशासन पर बृहस्पतिवार को व्यापार सभा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान लगाते हुए कहा कि विगत दिनों उनके नेतृत्व में एम्स प्रशासन के खिलाफ निष्कासित कर्मचारियों की बहाली के लिए 289 दिनों तक आंदोलन किया गया था। इस दौरान एम्स प्रशासन ने उत्तराखंड जन विकास मंच के साथ एक समझौता किया था ।इस समझौते में अधिकांश किए गए वायदों पर एम्स प्रशासन ने अभी तक अमल नहीं किया है ।जिसके कारण आउटसोर्सिंग के पदों और निष्कासित कर्मचारियों को लेकर की जाने वाली समीक्षा भी अभी तक नहीं की गई है। जिसके कारण आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में अभी भी एम्स प्रशासन के विरुद्ध रोष बना है। आशुतोष शर्मा ने कहा कि ग्रुप सी और डी के आउट सोर्स  से भरे जाने वाले पदों पर भी 70% राज्य के ही युवाओं को मौका दिए जाने की बात भी एम्स प्रशासन ने कही थी। लेकिन अब वह मुकर गया है ।उनका कहना था कि ग्रुप बी और सी के पदों पर होने वाली स्थाई नियुक्ति में राज्य के लोगों के लिए 70% आरक्षण का प्रस्ताव अनुमोदन हेतु केंद्र को भेजे जाने की बात भी कही गई थी ।मगर आज तक भी इसकी हमें कोई जानकारी प्रशासन की ओर से नहीं दी गई है ।शर्मा ने कहा कि एम्स में अस्थाई पदों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता पर भी अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं ।जिसकी जांच की जानी आवश्यक है। साथ ही आशुतोष शर्मा ने कहा कि हाल ही में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे, आंदोलन के बाद पानी की टंकी पर चढ़ी महिला कर्मचारियों को यह कहकर उतारा गया था ।कि 50 में से  45 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बहाली कर दी जाएगी ।लेकिन यह बात  भी  अब भ्रम फैला रही है ।क्योंकि पूर्व के आंदोलनकारियों के अनुभव भी ऐसा ही महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप था कि यदि एम्स इन 45 कर्मचारियों की बहाली कर रहा है। तो पूर्व में जो समझौते  किए गए थे। उन पर भी अमल किया जाना चाहिए ,क्योंकि उस वक्त भी निष्कासित कर्मचारियों की बहाली की ही बात की थी ।पत्रकार वार्ता में बसंत तिवारी, राजू बडथवाल ,सुभाष शर्मा, कुंवर सिंह भी मौजूद थे ।

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