ऋषिकेश। वीरभद्र रोड स्थित आवास विकास के गली नंबर 4 में आज गंगा दशहरा पर्व पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दुग्ध एवं कमल के पुष्पों से गंगा मॉ का अभिषेक किया। इस अवसर पर गंगा दशहरा की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर प्रदेशवासियों की ख़ुशहाली के लिए गंगा मैया की पूजा आराधना की।
मोक्षदायिनी मां गंगा सबका जीवन खुशियों से परिपूर्ण करे पौराणिक कथाओं में इस बात का जिक्र है कि आज ही के दिन राजा भगीरथ की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा विष्णु के चरणों से निकली थीं। शिव की जटाओं से होती हुई गंगा बंगाल की खाड़ी के समुद्र तट तक पहुंची थी जहां राजा सगर के सहस्त्र पुत्रों को स्पर्श से मुक्ति मिली थी। पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि भगीरथ ऋषि ने अपने पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए कठोर तपस्‍या की थी और उसके बाद अपने अथक प्रयासों के बल पर मां गंगा को धरती पर लाने में सफल हुए, लेकिन मां गंगा का वेग इतना अधिक था कि अगर वह सीधे धरती पर आतीं तो धरती पाताल में ही चली जातीं। भक्‍तों के विनती करने पर भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में भर लिया और उसके बाद मां गंगा कैलाश से होते हुए धरती पर पहुंची और भगीरथ के पूर्वजों का उद्धार किया। यह भी मान्‍यता है कि इस दिन गंगा में स्‍नान करने और दान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और मुक्ति मिलती है। 

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