ऋषिकेश। उत्तराखंड सरकार द्वारा लक्ष्मण झूला पुल पर यात्रियों की आवाजाही पर लगाई गई ,रोक के बाद प्रशासन ने नीलकंठ जाने वाले कावड़ियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पैदल वाहनों के कावड़ियों के लिए बैराज से नीलकंठ जाने का तथा वापसी के लिए पैदल वालों के लिए राम झूला तथा दो दोपहिया गाड़ी वालों को हरिद्वार बाईपास से सीधे गरुड़ चट्टी से भेजें व निकाले जाने का निर्णय लिया है। राम झूला पर भी कांवड़ के दौरान किसी भी दो पहिया वाहन को नहीं चलने दिया जाएगा तथा लक्ष्मण झूला पुुल को आज रात से पूरी तरह सील कर आवागमन के लिए बंद कर दिया जाएगा । यह निर्णय रविवार को मुनी की रेती के पुलिस गेस्ट हाउस में आयोजित अधिकारियों की बैठक के दौरान लिया गया। बैठक में कहा गया। कि इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक संख्या में कावड़ियों की आने की आशंका जताई गई है ।जिन की सुविधा के लिए सड़क के दोनों ओर लगी दुकानों को हटाया जाऐगा । इसी के साथ पुलिस को सुरक्षा की दृष्टि से सादी वर्दी में भी तैनात किया जाएगा। रास्तों मे कांवड़ियों की सुरक्षा की दृष्टि से 1500 पुलिस के जवानों के साथ अन्य पुलिसकर्मियों को वाकी टाकी से लैस किया जाएगा। बैठक के बाद मे पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला ने बतााया कि मोनी बाबा की गुफा से पैदल यात्रियों को नीलकंठ भेजा जाएगा,पुलिस अधीक्षक टिहरी उप जिला अधिकारी नरेंद्र नगर उपजिलाधिकारी युक्ता मिश्रा ,उप जिलाधिकारी यमकेश्वर श्याम सिंह राणा, योगेंद्र सिंह रावत, पौड़ी के एडीएम शिव कुमार बरनवाल, पौड़ी के पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर ,पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश विरेंद्र सिंह रावत ,पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेन्द्र नगर प्रदीप साह ,पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ,अधिशासी अभियंता नरेंद्र नगर, मोहम्मद आरिफ खान ,एडीएम टिहरी शिव चरण दिवेदी, तहसीलदार डीएस भंडारी भी उपस्थित थे,।


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